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सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में 30 दवाओं की कमी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jul 2016 01:11 AM IST
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सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल की डिस्पेंसरी में घंटो लाइन में लगने के बाद भी मरीजों को जरूरी मेडिसिन नहीं मिल पा रही है। ऐसे में उन्हें बारह से दवाईयां खरीदनी पड़ रही हैं। आलम ये है कि 135 दवाओं में से करीब 30 दवाओं की अक्सर शार्टेज रहती है। मरीजों के आंकड़ों पर गौर करें तो रोजान करीब ढाई से तीन हजार मरीज आते हैं। ऐसे में दवा के लिए उनका ढाई से तीन घंटे तक रोजाना समय बर्बाद होता है।
सूत्रों के मुताबिक अस्पताल की डिस्पेंसरी में 20-25 दिन से मेडिसिन समाप्त है, लेकिन मेडिसिन के लिए अबतक टेंडर नहीं हो पाया है। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अभी सप्लाई नहीं आ रही है। जनरल अस्पताल में मेडिसिन के लिए गर्भवती महिलाएं घंटो लाइन में खड़ी होती हैं। हालात ये हैं कि उन्हें अस्पताल की डिस्पेंसरी में फालिक एसिड जैसी दवा भी नहीं मिल पा रही है। ये मेडिसिन महिलाओं को प्राथमिक तीन महीन तक दी जाती है। यह बच्चों की किडनी और आंखों के लिए लाभदायक होती है।
शुगर की सिर्फ एक दवा
अस्पताल की डिस्पेंसरी में शुगर की सिर्फ एक दवा मेटाफॉरमीन उपलब्ध हैं। इसके अलावा शुगर से जुड़ी सारी मेडिसिन समाप्त हो चुकी हैं। डॉक्टरों के मुताबिक एक बार शुगर के मरीज को जो दवा दी जाती, वहीं दवा उसे रेगुलर लेनी पड़ती है।
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दवा का नाम किस बीमारी के लिए
सिप्लाक्स टी जेड दस्त
मेट्रोजील दस्त
फालिक एसिड भर्गवती महिलाओं के लिए
डाइक्लो फिनाइक जेल दर्द, मोच
एजी जेल स्किन
यूडिल एल एफटी
मेट्रो नीडा जोल
इनसुलीन मिक्स शुगर
स्टार्ड इंजेक्शन शुगर
इनसुलीन रेगुलर शुगर
कोट्स
अस्पताल की डिसपेंसरी में कुछ मेडिसिन की शार्टेज है। क्योंकि मेडिसिन की सप्लाई नहीं आ रही है। जल्द ही मेडिसिन मंगवाया जाएगा।
बीना सिंह, पीएमओ जनरल अस्पताल पंचकूला।
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सूत्रों के मुताबिक अस्पताल की डिस्पेंसरी में 20-25 दिन से मेडिसिन समाप्त है, लेकिन मेडिसिन के लिए अबतक टेंडर नहीं हो पाया है। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अभी सप्लाई नहीं आ रही है। जनरल अस्पताल में मेडिसिन के लिए गर्भवती महिलाएं घंटो लाइन में खड़ी होती हैं। हालात ये हैं कि उन्हें अस्पताल की डिस्पेंसरी में फालिक एसिड जैसी दवा भी नहीं मिल पा रही है। ये मेडिसिन महिलाओं को प्राथमिक तीन महीन तक दी जाती है। यह बच्चों की किडनी और आंखों के लिए लाभदायक होती है।
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शुगर की सिर्फ एक दवा
अस्पताल की डिस्पेंसरी में शुगर की सिर्फ एक दवा मेटाफॉरमीन उपलब्ध हैं। इसके अलावा शुगर से जुड़ी सारी मेडिसिन समाप्त हो चुकी हैं। डॉक्टरों के मुताबिक एक बार शुगर के मरीज को जो दवा दी जाती, वहीं दवा उसे रेगुलर लेनी पड़ती है।
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सिप्लाक्स टी जेड दस्त
मेट्रोजील दस्त
फालिक एसिड भर्गवती महिलाओं के लिए
डाइक्लो फिनाइक जेल दर्द, मोच
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यूडिल एल एफटी
मेट्रो नीडा जोल
इनसुलीन मिक्स शुगर
स्टार्ड इंजेक्शन शुगर
इनसुलीन रेगुलर शुगर
कोट्स
अस्पताल की डिसपेंसरी में कुछ मेडिसिन की शार्टेज है। क्योंकि मेडिसिन की सप्लाई नहीं आ रही है। जल्द ही मेडिसिन मंगवाया जाएगा।
बीना सिंह, पीएमओ जनरल अस्पताल पंचकूला।