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हरियाणा : पेपर लीक, भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच से भाग रही राज्य सरकार : हुड्डा
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चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूछा है कि गठबंधन सरकार पेपर लीक और भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच कराने से क्यों भाग रही है। अगर सीबीआई हो तो सच सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा कि एक के बाद एक सामने आ रहे भर्ती घोटालों से प्रदेश के राजस्व और आम जनता को करोड़ों रुपये की चपत लग रही है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में गोपनीयता बनाए रखने के लिए हर साल करीब 25 करोड़ खर्च होते हैं। पेपर करवाने और तमाम भर्ती संबंधी प्रक्रियाओं के लिए करीब 100 करोड़ रुपये का बजट जारी किया जाता है। जब खुद प्रदेश के गृह मंत्री कह रहे हैं कि इसकी जांच सीबीआई को सौंप देनी चाहिए तो फिर सरकार इससे क्यों भाग रही है। आखिर सरकार किसे बचाना चाहती है।
उन्होंने सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। हुड्डा ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हुई मौतों को लेकर सरकार ने विधानसभा में गलत जानकारी दी है। हरियाणा में ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत न होने की बात झूठी है। हर गांव, गली, मोहल्ले में व्याप्त विलाप और अपनों की जान बचाने की जद्दोजहद में लगे लोगों की तस्वीरें आज भी सभी के जहन में जिंदा हैं। खुद भिवानी-महेंद्रगढ़ से भाजपा सांसद समेत कई भाजपा नेताओं ने माना था कि ऑक्सीजन की कमी के चलते हालात बेकाबू हो चुके हैं। सरकार कोरोना से हुई कुल मौतों के आंकड़े भी छिपा रही है। सही संख्या का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनानी चाहिए। गठबंधन सरकार को केंद्र के सामने किसानों की वकालत करनी चाहिए ताकि उनकी मांगों को मानते हुए आंदोलन का सकारात्मक समाधान निकल सके। सरकार को किसानों के लिए एमएसपी की गारंटी का कानून बनाए। प्रदेश में खाद की किल्लत है। सरकार को फौरन उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
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उन्होंने सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। हुड्डा ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हुई मौतों को लेकर सरकार ने विधानसभा में गलत जानकारी दी है। हरियाणा में ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत न होने की बात झूठी है। हर गांव, गली, मोहल्ले में व्याप्त विलाप और अपनों की जान बचाने की जद्दोजहद में लगे लोगों की तस्वीरें आज भी सभी के जहन में जिंदा हैं। खुद भिवानी-महेंद्रगढ़ से भाजपा सांसद समेत कई भाजपा नेताओं ने माना था कि ऑक्सीजन की कमी के चलते हालात बेकाबू हो चुके हैं। सरकार कोरोना से हुई कुल मौतों के आंकड़े भी छिपा रही है। सही संख्या का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनानी चाहिए। गठबंधन सरकार को केंद्र के सामने किसानों की वकालत करनी चाहिए ताकि उनकी मांगों को मानते हुए आंदोलन का सकारात्मक समाधान निकल सके। सरकार को किसानों के लिए एमएसपी की गारंटी का कानून बनाए। प्रदेश में खाद की किल्लत है। सरकार को फौरन उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
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