हरियाणा: पंचकूला में शुरू हुई पहली आईटीपीसीआर लैब, पांच घंटे में मिलेगी कोरोना रिपोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंचकूला के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में कोरोना जांच की पहली आईटीपीसीआर लैब शुरू हो गई है। अब सैंपल लेने के बाद पांच घंटे में रिपोर्ट आ जाएगी। इतना ही नहीं, अब कोरोना संक्रमण के मरीज का सैंपल जांच के लिए पीजीआई और सेक्टर 39 स्थित लैब नहीं जाएगा। इससे जांच कराने आने वाले लोगों को राहत मिलेगी। अमर उजाला ने लैब शुरू नहीं होने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
बुधवार को हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने इस लैब का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके साथ डीसी मुकेश कुमार आहूजा व स्वास्थ्य विभाग के कई चिकित्सक मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि कोविड-19 को लेकर सरकार ने प्रदेश में 5 लैब खोलने का निर्णय लिया था जिसमें से पहली लैब पंचकूला में अब शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार पहले सैंपल जांच के लिए भेजे जाने के बाद अगले दिन रिपोर्ट मिल पाती थी। वहीं अब यह लैब पंचकूला वासियों के साथ-साथ आसपास के जिले के लोगों के लिए भी लाभदायक साबित होगी।
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने डीसी मुकेश कुमार आहूजा व सिविल सर्जन डॉ. जसजीत कौर की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से इस लैब के लिए बहुत जल्द ही इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। विभाग के तनदेही से काम करने के चलते अब जिला में केवल 5 रोगी ही कोरोना पॉजिटिव रह गए है।
उन्होंने आशा जताई कि शीघ्र ही ये भी ठीक हो जाएंगे। इस अवसर पर उनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक शर्मा, जिला महामंत्री हरेन्द्र मलिक, अमित गुप्ता, प्रधान चिकित्सा अधिकारी डा. सरिता, उप सिविल सर्जन डा. राजीव नरवाल सहित कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. जसजीत कौर ने कहा कि आईटीपीसीआर लैब के लिए कुछ ही दिनों में इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। पीजीआई चंडीगढ़ से चिकित्सकों व अन्य स्टाफ को प्रशिक्षण दिलवाया गया है। इस लैब में नमूने तीन बैच में जांच के लिए जाएंगे। इसके लिए पर्याप्त संख्या में स्टाफ लगा दिया गया है।
अस्पताल को दो-दो हजार मास्क और पीपीई किट दी
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ने माता मनसा देवी भंडारा कमेटी की ओर से जिला प्रशासन को 2000 पीपीई किट, 2000 मास्क व दस्ताने भेंट किए। उन्होंने बताया कि यह डबल लेयर के कपड़े के मास्क स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बनवाए गए हैं, जो चिकित्सक, स्टाफ नर्स व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को दो-दो दिए जाएंगे, ताकि वे कार्य करते समय स्वयं को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रख सकें।
अभी रोजाना 26 सैंपल की जांच की क्षमता
गुप्ता ने बताया कि लैब में शुरुआत के समय 26 कोरोना के नमूने लेने की क्षमता है। इसके बाद क्षमता में वृद्धि करते हुए नमूनों की जांच संख्या 80 तक पहुंच जाएगी। इस प्रकार जिला के नागरिकों को इसका लाभ मिलना शुरू हो गया है।