{"_id":"68828acb90f0214b590d2bf2","slug":"female-constable-honored-for-saving-the-life-of-newborn-and-mother-by-delivering-on-the-roadside-panchkula-news-c-87-1-pan1009-125057-2025-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: सड़क किनारे डिलीवरी कर नवजात और मां की जान बचाने वाली महिला सिपाही सम्मानित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: सड़क किनारे डिलीवरी कर नवजात और मां की जान बचाने वाली महिला सिपाही सम्मानित
विज्ञापन
पंचकूला। वर्दी सिर्फ कानून का प्रतीक नहीं, इंसानियत की मिसाल भी होती है। इसका उदाहरण बनीं पंचकूला महिला थाने में तैनात सिपाही अंजलि। 19 जुलाई की रात जब ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे, तब एक गर्भवती महिला को तेज प्रसव पीड़ा हुई और वह सड़क किनारे मदद के लिए तड़प रही थी। हालात नाजुक थे, एंबुलेंस देर से पहुंचती, तो जान का खतरा था। लेकिन समय रहते मौके पर पहुंची सिपाही अंजलि ने जो किया, वो न केवल पुलिस महकमे के लिए गर्व की बात है, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी।
महिला सिपाही अंजलि ने मौके की नजाकत को समझा, बिना समय गंवाए प्रसव पीड़िता की मदद की। बिना किसी मेडिकल ट्रेनिंग के, अंजलि ने पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ महिला की सड़क किनारे डिलीवरी करवाई। इस दौरान न सिर्फ नवजात सुरक्षित जन्मा, बल्कि मां की जान भी बचाई गई। इस साहसिक और मानवीय कार्य के लिए बुधवार को डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने महिला सिपाही अंजलि को प्रशंसा पत्र और नकद इनाम देकर सम्मानित किया।
वर्दी में कई हीरो हैं जो इंसानियत की मिसाल पेश करते हैं
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने कहा कि यह सिपाही अंजलि की पहली पोस्टिंग है, लेकिन जिस सूझबूझ और साहस से उसने इस स्थिति को संभाला, वह काबिल-ए-तारीफ है। उसने केवल ड्यूटी नहीं निभाई, बल्कि एक बहन और दोस्त की भूमिका में मदद की। ऐसे पुलिसकर्मियों पर हमें गर्व है। स्थानीय लोगों ने भी महिला सिपाही की जमकर सराहना की और कहा कि अगर वह समय पर नहीं पहुंचती, तो मां और बच्ची दोनों की जान पर बन सकती थी। यह घटना दिखाती है कि वर्दी के पीछे एक दिल भी धड़कता है, जो सिर्फ कानून नहीं, बल्कि इंसानियत भी समझता है। पंचकूला पुलिस की यह पहल न केवल अंजलि के हौसले को सलाम है, बल्कि पूरे पुलिस बल के संवेदनशील चेहरे को सामने लाने वाला एक सकारात्मक उदाहरण भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
महिला सिपाही अंजलि ने मौके की नजाकत को समझा, बिना समय गंवाए प्रसव पीड़िता की मदद की। बिना किसी मेडिकल ट्रेनिंग के, अंजलि ने पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ महिला की सड़क किनारे डिलीवरी करवाई। इस दौरान न सिर्फ नवजात सुरक्षित जन्मा, बल्कि मां की जान भी बचाई गई। इस साहसिक और मानवीय कार्य के लिए बुधवार को डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने महिला सिपाही अंजलि को प्रशंसा पत्र और नकद इनाम देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन
वर्दी में कई हीरो हैं जो इंसानियत की मिसाल पेश करते हैं
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने कहा कि यह सिपाही अंजलि की पहली पोस्टिंग है, लेकिन जिस सूझबूझ और साहस से उसने इस स्थिति को संभाला, वह काबिल-ए-तारीफ है। उसने केवल ड्यूटी नहीं निभाई, बल्कि एक बहन और दोस्त की भूमिका में मदद की। ऐसे पुलिसकर्मियों पर हमें गर्व है। स्थानीय लोगों ने भी महिला सिपाही की जमकर सराहना की और कहा कि अगर वह समय पर नहीं पहुंचती, तो मां और बच्ची दोनों की जान पर बन सकती थी। यह घटना दिखाती है कि वर्दी के पीछे एक दिल भी धड़कता है, जो सिर्फ कानून नहीं, बल्कि इंसानियत भी समझता है। पंचकूला पुलिस की यह पहल न केवल अंजलि के हौसले को सलाम है, बल्कि पूरे पुलिस बल के संवेदनशील चेहरे को सामने लाने वाला एक सकारात्मक उदाहरण भी है।
विज्ञापन