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धान बिजाई के समय किसानों को मिलेगी 8 घंटे बिजली, मुख्यमंत्री ने पीएसपीसीएल को व्यवस्था करने के दिए आदेश

Tue, 14 Jun 2022 01:09 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 14 Jun 2022 01:09 AM IST
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Farmers will get 8 hours of electricity at the time of sowing paddy
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 14 जून और 17 जून से धान की रोपाई के दौरान किसानों को नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार ने 10 जून से 17 जून तक राज्य भर में चरणबद्ध तरीके से धान की रोपाई की अनुमति देकर भूजल को संरक्षित करने का निर्णय लिया है। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को धान के चालू सीजन के दौरान किसानों को कम से कम आठ घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।
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तेजी से गिरते भूजल स्तर पर गहरी चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने और पानी की बर्बादी रोकने का आग्रह किया। उन्होंने राज्य के सबसे मूल्यवान प्राकृतिक संसाधन जल के संरक्षण के लिए सभी हितधारकों से समर्थन और सहयोग मांगा। साथ ही, भगवंत मान ने पीएसपीसीएल को विस्तृत निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं, विशेषकर घरों में बिजली की आपूर्ति बाधित न हो और गर्मी के मौसम में नियमित बिजली की आपूर्ति हो।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ से परे के क्षेत्रों में 10 जून से पहले चरण की रोपाई शुरू हो चुकी है, जिसके लिए किसानों को नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में 14 जून से प्रदेश के 10 जिलों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिनमें होशियारपुर, जालंधर, एसबीएस नगर, कपूरथला, पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, रूपनगर और एसएएस नगर शामिल हैं। इसी तरह, बठिंडा, बरनाला, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, पटियाला, संगरूर, बरनाला, मलेरकोटला, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, फिरोजपुर, मानसा, मोगा और फाजिल्का जिलों में भी बुआई के लिए 17 जून से नियमित बिजली आपूर्ति की जाएगी।
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कुल 15000 मेगावाट बिजली की है मांग
15000 मेगावाट की अपेक्षित कुल मांग को पूरा करने के लिए पीएसपीसीएल की ओर से पहले ही विस्तृत व्यवस्था की जा चुकी है, जिसमें धान के लिए कृषि क्षेत्र की आवश्यकता शामिल है, इस मांग को पूरा करने के लिए बाहरी राज्य से आयात करने की क्षमता 7100 के मुकाबले 8500 मेगावाट तक बढ़ा दी गई है। पिछले सीजन की मेगावाट और शेष 6500 मेगावाट बिजली की व्यवस्था राज्य के भीतर के स्रोतों से की जा रही है। कृषि विभाग के अनुमान के अनुसार, किसानों द्वारा लगभग 29 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बुवाई की संभावना है, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले बासमती किस्म के चावल 6.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोने की उम्मीद है। इसके अलावा चालू खरीफ सीजन के दौरान शेष 22.80 लाख हेक्टेयर रकबे पर धान की अन्य किस्में बोए जाने की उम्मीद है।
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