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हरियाणा : राजेवाल और उग्राहां के लिए अब किसान हित नहीं, राजनीति सर्वोपरि : ओपी धनखड़
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चंडीगढ़। हरियाणा भाजपा अध्यक्ष ओपी धनखड़ ने कहा कि किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल और जोगिंदर सिंह उग्राहां के लिए अब किसान हित नहीं, राजनीति सर्वोपरि है। किसान आंदोलन अब कृषि एजेंडे से निकलकर राजनीतिक हो चुका है। किसान नेताओं की अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं।
धनखड़ यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस पंजाब, राजस्थान में एमएसपी पर बाजरा की खरीद कराए और पंजाब में हरियाणा की तर्ज पर एमएसपी दिलाए। दिल्ली सीमा पर चल रहा आंदोलन किसान हितों से कहीं आगे निकल चुका है। राजेवाल व उग्राहां का किसानों से कोई लेना-देना नहीं।
केंद्र सरकार किसानों की मांग पर कृषि कानूनों में सुधार को तैयार थी, लेकिन किसान नेता राजनीति चमकाने के चक्कर में लगातार अपना रुख बदलते रहे। सरकार आज भी वार्ता को तैयार है, किसान नेताओं को कानून रद्द करने के बजाय सुधारों के मुद्दे पर बातचीत करनी चाहिए। प्रदेश में 19 लाख किसान हैं और अनेक किसान संगठन, एक-दो संगठनों के प्रदर्शनों को आंदोलन नहीं मान सकते। किसान जत्थेबंदियां हरियाणा की तरह पंजाब व राजस्थान में फसलों के दाम दिलाने की लड़ाई भी लडे़ं। उन्होंने स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने का दावा किया और कहा, ट्वीट करने वाले कांग्रेसी राहुल गांधी, रणदीप सुरजेवाला व कुमारी सैलजा बताएं कांग्रेस ने आठ साल आयोग की सिफारिशों को क्यों दबाए रखा। वे कांग्रेस शासित पंजाब में फसल बीमा योजना ही लागू करा दें।
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धनखड़ यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस पंजाब, राजस्थान में एमएसपी पर बाजरा की खरीद कराए और पंजाब में हरियाणा की तर्ज पर एमएसपी दिलाए। दिल्ली सीमा पर चल रहा आंदोलन किसान हितों से कहीं आगे निकल चुका है। राजेवाल व उग्राहां का किसानों से कोई लेना-देना नहीं।
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केंद्र सरकार किसानों की मांग पर कृषि कानूनों में सुधार को तैयार थी, लेकिन किसान नेता राजनीति चमकाने के चक्कर में लगातार अपना रुख बदलते रहे। सरकार आज भी वार्ता को तैयार है, किसान नेताओं को कानून रद्द करने के बजाय सुधारों के मुद्दे पर बातचीत करनी चाहिए। प्रदेश में 19 लाख किसान हैं और अनेक किसान संगठन, एक-दो संगठनों के प्रदर्शनों को आंदोलन नहीं मान सकते। किसान जत्थेबंदियां हरियाणा की तरह पंजाब व राजस्थान में फसलों के दाम दिलाने की लड़ाई भी लडे़ं। उन्होंने स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने का दावा किया और कहा, ट्वीट करने वाले कांग्रेसी राहुल गांधी, रणदीप सुरजेवाला व कुमारी सैलजा बताएं कांग्रेस ने आठ साल आयोग की सिफारिशों को क्यों दबाए रखा। वे कांग्रेस शासित पंजाब में फसल बीमा योजना ही लागू करा दें।
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