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हरियाणा : निकिता तोमर के हत्यारों के लिए परिवार ने मांगी फांसी, हाईकोर्ट में याचिका दायर
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चंडीगढ़। निकिता तोमर की हत्या करने के दोषी तौसिफ और रेहान की उम्रकैद की सजा को फांसी में बदलने और बरी किए गए अजरूद्दीन को दोषी करार देकर सजा देने की निकिता तोमर के परिवार ने मांग की है। याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार व दोनों दोषियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
तोमर के परिवार ने अपील में कहा है कि सरेआम उनकी बेटी को कत्ल करने वालों के लिए उम्रकैद की सजा काफी नहीं है और ऐसे में इन दोनों को फांसी दी जानी चाहिए ताकि उनकी बेटी को सही मायने में इंसाफ मिल सके। साथ ही इस मामले में तीसरे आरोपी अजरूद्दीन को बरी करने का फैसला भी गलत था और ऐसे में इसे बदल कर उसे दोषी करार देकर सजा सुनाई जानी चाहिए। इसके साथ ही परिवार ने मुआवजे की भी मांग की है। इस मामले में उम्रकैद की सजा पाने वाला तौसीफ पहले ही उम्रकैद की सजा को अपील के माध्यम से चुनौती दे चुका है। हाईकोर्ट उनकी सजा के खिलाफ अपील को एडमिट कर चुका है और जुर्माने पर रोक लगा चुका है।
यह था मामला
हरियाणा के बल्लभगढ़ में परिवार के साथ रह रही उत्तर प्रदेश के हापुड़ निवासी निकिता तोमर जब गत वर्ष 26 अक्तूबर दोपहर को परीक्षा देकर कॉलेज के बाहर निकली तो तौसिफ ने अपने दोस्त रेहान के साथ मिलकर निकिता को पहले जबरदस्ती अपनी कार में बिठाने की कोशिश की, जब वह नहीं मानी तो तौफीक ने उसे गोली मार दी थी। बाद में अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई थी। उसी दिन पुलिस ने तौसीफ सहित अन्य युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी थी। 26 मार्च को फरीदाबाद की फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने तौसिफ और रेहान को मामले में दोषी करार देते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा के साथ 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुना दी थी।
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तोमर के परिवार ने अपील में कहा है कि सरेआम उनकी बेटी को कत्ल करने वालों के लिए उम्रकैद की सजा काफी नहीं है और ऐसे में इन दोनों को फांसी दी जानी चाहिए ताकि उनकी बेटी को सही मायने में इंसाफ मिल सके। साथ ही इस मामले में तीसरे आरोपी अजरूद्दीन को बरी करने का फैसला भी गलत था और ऐसे में इसे बदल कर उसे दोषी करार देकर सजा सुनाई जानी चाहिए। इसके साथ ही परिवार ने मुआवजे की भी मांग की है। इस मामले में उम्रकैद की सजा पाने वाला तौसीफ पहले ही उम्रकैद की सजा को अपील के माध्यम से चुनौती दे चुका है। हाईकोर्ट उनकी सजा के खिलाफ अपील को एडमिट कर चुका है और जुर्माने पर रोक लगा चुका है।
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यह था मामला
हरियाणा के बल्लभगढ़ में परिवार के साथ रह रही उत्तर प्रदेश के हापुड़ निवासी निकिता तोमर जब गत वर्ष 26 अक्तूबर दोपहर को परीक्षा देकर कॉलेज के बाहर निकली तो तौसिफ ने अपने दोस्त रेहान के साथ मिलकर निकिता को पहले जबरदस्ती अपनी कार में बिठाने की कोशिश की, जब वह नहीं मानी तो तौफीक ने उसे गोली मार दी थी। बाद में अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई थी। उसी दिन पुलिस ने तौसीफ सहित अन्य युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी थी। 26 मार्च को फरीदाबाद की फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने तौसिफ और रेहान को मामले में दोषी करार देते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा के साथ 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुना दी थी।
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