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Panchkula News: ऊना की फार्मा कंपनी के नाम पर दिल्ली में बनाई कैल्शियम की नकली दवाई, पंचकूला में की आपूर्ति
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पंचकला। ऊना की एक फार्मा कंपनी के नाम पर दिल्ली में तैयार नकली कैल्शियम की गोली पंचकूला में सप्लाई करने का मामला सामने आया है। पंचकूला की फार्मा कंपनी के मालिक को दवाई की क्वालिटी पर शक होने पर ऊना की फार्मा कंपनी के मालिक से बात की तो फर्जीवाड़े का पता चला। पंचकूला की फार्मा कंपनी के मालिक की शिकायत पर चंडीमंदिर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, बरवाला इंडस्ट्रियल एरिया स्थित क्यूबिक लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड के एमडी चंद्र मोहन भल्ला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह देश के अलग-अलग राज्यों में दवाइयों की डिमांड के मुताबिक फार्मा कंपनियों को दवाई बनाने का आर्डर देते हैं। इसके बाद दवाई सप्लाई करते हैं। अप्रैल-मई माह में उनकी दिल्ली के बवाना इंडस्ट्रियल एरिया स्थित रीलिव फार्मा कंपनी के नितेश, वरूण और विशाल से कैल्शियम का उत्पादन करने की बात हुई।
तीनों आरोपियों ने पीड़ित को रीलिव फार्मा कंपनी के ई-मेल से कोटेशन भेजा और बेहतरीन क्वालिटी की दवाई का उत्पादन करने का आश्वासन दिया। इसके बाद पीड़ित ने आरोपियों को 300 पैकेट कैल्शियम की दवाई का ऑर्डर दिया जिसकी लागत करीब 2 लाख रुपये थी। उसके एवज में पीड़ित ने आरोपियों को 2 लाख रुपये की पेमेंट की थी। दवाई की सप्लाई के बाद उसकी क्वालिटी चेक की तो उस पर कुछ शक हुआ। दरअसल दवाई के पैकेट पर ऊना की फार्मा कंपनी का लोगो था।
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ऐसे में पीड़ित ने उस ऊना की कंपनी के मालिक से बात की तो उन्होंने कैल्शियम की दवाई नहीं बनाने की बात कही। इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत ड्रग डिपार्टमेंट व पुलिस को दी। ड्रग विभाग के अधिकारी ने दवाई चेक किया तो नकली निकला। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
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पुलिस के अनुसार, बरवाला इंडस्ट्रियल एरिया स्थित क्यूबिक लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड के एमडी चंद्र मोहन भल्ला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह देश के अलग-अलग राज्यों में दवाइयों की डिमांड के मुताबिक फार्मा कंपनियों को दवाई बनाने का आर्डर देते हैं। इसके बाद दवाई सप्लाई करते हैं। अप्रैल-मई माह में उनकी दिल्ली के बवाना इंडस्ट्रियल एरिया स्थित रीलिव फार्मा कंपनी के नितेश, वरूण और विशाल से कैल्शियम का उत्पादन करने की बात हुई।
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तीनों आरोपियों ने पीड़ित को रीलिव फार्मा कंपनी के ई-मेल से कोटेशन भेजा और बेहतरीन क्वालिटी की दवाई का उत्पादन करने का आश्वासन दिया। इसके बाद पीड़ित ने आरोपियों को 300 पैकेट कैल्शियम की दवाई का ऑर्डर दिया जिसकी लागत करीब 2 लाख रुपये थी। उसके एवज में पीड़ित ने आरोपियों को 2 लाख रुपये की पेमेंट की थी। दवाई की सप्लाई के बाद उसकी क्वालिटी चेक की तो उस पर कुछ शक हुआ। दरअसल दवाई के पैकेट पर ऊना की फार्मा कंपनी का लोगो था।
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ऐसे में पीड़ित ने उस ऊना की कंपनी के मालिक से बात की तो उन्होंने कैल्शियम की दवाई नहीं बनाने की बात कही। इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत ड्रग डिपार्टमेंट व पुलिस को दी। ड्रग विभाग के अधिकारी ने दवाई चेक किया तो नकली निकला। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।