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सुविधाएं : अवैध कॉलोनियों की बुनियादी सुविधाओं की कमी की जानकारी देने की तिथि बढ़ाई
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पंचकूला/पिंजौर। रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन और स्थानीय बिल्डर या कॉलोनाइजर द्वारा शहर में बसाई अवैध कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं की कमी की जानकारी उपलब्ध करवाने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 मई कर दी गई है। यह जानकारी उपायुक्त मुकुल कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि यह जानकारी वेब पोर्टल अपलोड की जा सकती है।
मुकुल कुमार ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अवैध कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी की जानकारी जुटाने के लिए एक नया वेब पोर्टल शुरू किया गया है। इस पोर्टल की शुरूआत मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा चंडीगढ़ से की गई थी, ताकि रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन और स्थानीय बिल्डर या कॉलोनाइजर अपनी कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं जैसे बिजली, पानी, सड़क, सीवर लाइन जैसी कमियों की जानकारी साझा कर सके। उन्होंने बताया कि यह जानकारी सरकार को न केवल पॉलिसी निर्णय लेने में सहायता करेगी बल्कि अवैध कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने में भी उपयोगी सिद्ध होगी।
उन्होंने कहा कि रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन और स्थानीय बिल्डर या कॉलोनाइजर अवैध कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी से संबंधित डाटा आगामी मई 10 तक मुहैया करवा सकते है। मुकुल कुमार ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे शीघ्र अपना डाटा अपलोड करें, ताकि सरकार द्वारा इस पर उचित निर्णय लिया जा सके।
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मुकुल कुमार ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अवैध कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी की जानकारी जुटाने के लिए एक नया वेब पोर्टल शुरू किया गया है। इस पोर्टल की शुरूआत मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा चंडीगढ़ से की गई थी, ताकि रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन और स्थानीय बिल्डर या कॉलोनाइजर अपनी कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं जैसे बिजली, पानी, सड़क, सीवर लाइन जैसी कमियों की जानकारी साझा कर सके। उन्होंने बताया कि यह जानकारी सरकार को न केवल पॉलिसी निर्णय लेने में सहायता करेगी बल्कि अवैध कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने में भी उपयोगी सिद्ध होगी।
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उन्होंने कहा कि रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन और स्थानीय बिल्डर या कॉलोनाइजर अवैध कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी से संबंधित डाटा आगामी मई 10 तक मुहैया करवा सकते है। मुकुल कुमार ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे शीघ्र अपना डाटा अपलोड करें, ताकि सरकार द्वारा इस पर उचित निर्णय लिया जा सके।
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