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7 माह बाद भी धड़ल्ले से चल रहे जिले में अवैध हुक्का बार
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पंचकूला। जिले में सात माह बाद भी अवैध हुक्का बार धड़ल्ले से चल रहे हैं। इसके बावजूद ड्रग्स कंट्रोल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ये आरोप कांग्रेस छात्र संगठन एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक दीपांशु बंसल ने लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आरटीआई के तहत जानकारी भी मांगी गई, लेकिन फूड व ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन विभाग ने सात माह बाद भी इसे देना उचित नहीं समझा। अब उन्होंने डीजीपी हरियाणा और डीसीपी पंचकूला को ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजकर हुक्का बार बंद कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, उन्होंने मुख्य सूचना आयुक्त हरियाणा सूचना आयोग को 7 नवंबर को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है कि सूचना के अधिकार के लिए गठित हरियाणा सूचना आयोग भी जानकारी उपलब्ध नहीं करवा रहा है।
भाजपा का हुक्का फ्री स्टेट का दावा फेल
बंसल ने कहा भाजपा का हुक्का फ्री स्टेट का दावा फेल साबित हो चुका है। गौरतलब है कि बंसल ने आरटीआई एक्ट के तहत विभाग से कई प्रश्न पूछे थे, जिससे जिला पंचकूला में नशा खत्म करने में काफी तथ्य सामने आने थे और हुक्का बार व कैफे में चल रहे नशे को रोकने के लिए विभाग की कारगुजारी का भी पता लगता। इसके लिए 23 अप्रैल को आरटीआई लगाई थी। इसके बाद 1 जून को फर्स्ट अपील डाली और फिर आखिरी बार 17 जुलाई को प्रशासन को अपील डालकर जवाब देने के लिए अंतिम बार कहा। अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। अब उन्होंने रिमाइंडर डालकर हरियाणा सूचना आयोग के समक्ष मामला पहुंचाया है। हालांकि स्टेट ड्रग्स कंट्रोलर ने आरटीआई पर डिस्ट्रिक्ट ड्रग कंट्रोलर को 10 जून को ही कह दिया था कि निर्धारित समय अवधि में सूचना उपलब्ध करवाने के लिए आपकी जिम्मेदारी है।
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आरटीआई में क्या-क्या पूछा था
दीपांशु ने पूछा था कि जिला पंचकूला में विभाग द्वारा कुल कितने हुक्का बार व कैफे चिह्नित किए गए हैं। कितने हुक्का बार व कैफे को विभाग द्वारा अनापत्ति पत्र व परमिशन दी गई है। यह हुक्का बार व कैफे कहां-कहां, कब से कार्य कर रहे हैं और कौन इन्हें संचालित कर रहा है। 1 जनवरी 2015 से 25 अप्रैल 2019 तक विभाग द्वारा कुल कितनी बार रेड की गई है। कितने हुक्का बार को सील किया गया और जुर्माना लगाया गया है। जिले में हुक्का बार व कैफे को बंद करने के लिए विभाग द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
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वहीं, उन्होंने मुख्य सूचना आयुक्त हरियाणा सूचना आयोग को 7 नवंबर को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है कि सूचना के अधिकार के लिए गठित हरियाणा सूचना आयोग भी जानकारी उपलब्ध नहीं करवा रहा है।
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भाजपा का हुक्का फ्री स्टेट का दावा फेल
बंसल ने कहा भाजपा का हुक्का फ्री स्टेट का दावा फेल साबित हो चुका है। गौरतलब है कि बंसल ने आरटीआई एक्ट के तहत विभाग से कई प्रश्न पूछे थे, जिससे जिला पंचकूला में नशा खत्म करने में काफी तथ्य सामने आने थे और हुक्का बार व कैफे में चल रहे नशे को रोकने के लिए विभाग की कारगुजारी का भी पता लगता। इसके लिए 23 अप्रैल को आरटीआई लगाई थी। इसके बाद 1 जून को फर्स्ट अपील डाली और फिर आखिरी बार 17 जुलाई को प्रशासन को अपील डालकर जवाब देने के लिए अंतिम बार कहा। अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। अब उन्होंने रिमाइंडर डालकर हरियाणा सूचना आयोग के समक्ष मामला पहुंचाया है। हालांकि स्टेट ड्रग्स कंट्रोलर ने आरटीआई पर डिस्ट्रिक्ट ड्रग कंट्रोलर को 10 जून को ही कह दिया था कि निर्धारित समय अवधि में सूचना उपलब्ध करवाने के लिए आपकी जिम्मेदारी है।
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आरटीआई में क्या-क्या पूछा था
दीपांशु ने पूछा था कि जिला पंचकूला में विभाग द्वारा कुल कितने हुक्का बार व कैफे चिह्नित किए गए हैं। कितने हुक्का बार व कैफे को विभाग द्वारा अनापत्ति पत्र व परमिशन दी गई है। यह हुक्का बार व कैफे कहां-कहां, कब से कार्य कर रहे हैं और कौन इन्हें संचालित कर रहा है। 1 जनवरी 2015 से 25 अप्रैल 2019 तक विभाग द्वारा कुल कितनी बार रेड की गई है। कितने हुक्का बार को सील किया गया और जुर्माना लगाया गया है। जिले में हुक्का बार व कैफे को बंद करने के लिए विभाग द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई है।