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Panchkula News: साइबर शिकायतों के त्वरित निपटारे पर जोर
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डीसीपी ने बनाई विशेष रणनीति, ठगी की रकम जल्द लौटाने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और लंबित शिकायतों के शीघ्र निपटारे के लिए वीरवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने अधिकारियों को साइबर ठगी के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने और पीड़ितों को जल्द राहत दिलाने के निर्देश दिए।
बैठक में साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह सहित विभिन्न जांच अधिकारी मौजूद रहे। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक मामले में जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने उन मामलों की भी समीक्षा की, जिनमें साइबर ठगी की रकम बैंक खातों में होल्ड करवाई गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सुपरदारी के माध्यम से पीड़ितों की राशि जल्द वापस दिलाई जाए।
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लंबित मामलों के लिए गठित होगी विशेष टीम
डीसीपी ने बताया कि पुराने और लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की गई है। इसके तहत एक समर्पित टीम गठित की गई है, जो हरियाणा सहित अन्य राज्यों में संदिग्ध ठिकानों पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों की समीक्षा स्वयं हर सप्ताह करेंगे, ताकि समयबद्ध परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें। बैठक में साइबर जागरूकता अभियान को और व्यापक स्तर पर चलाने का भी निर्णय लिया गया। पुलिस का मानना है कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
साइबर सुरक्षा को लेकर दी सलाह
अमरिंदर सिंह ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड न करें और ओटीपी, बैंक पिन, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने व्हाट्सएप, एसएमएस और ईमेल के माध्यम से आने वाले संदिग्ध लिंक, लॉटरी, केवाईसी अपडेट और बिजली बिल से जुड़े फर्जी संदेशों से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। शुरुआती एक-दो घंटे के भीतर शिकायत करने पर ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और लंबित शिकायतों के शीघ्र निपटारे के लिए वीरवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने अधिकारियों को साइबर ठगी के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने और पीड़ितों को जल्द राहत दिलाने के निर्देश दिए।
बैठक में साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह सहित विभिन्न जांच अधिकारी मौजूद रहे। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक मामले में जवाबदेही तय की जाएगी।
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उन्होंने उन मामलों की भी समीक्षा की, जिनमें साइबर ठगी की रकम बैंक खातों में होल्ड करवाई गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सुपरदारी के माध्यम से पीड़ितों की राशि जल्द वापस दिलाई जाए।
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लंबित मामलों के लिए गठित होगी विशेष टीम
डीसीपी ने बताया कि पुराने और लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की गई है। इसके तहत एक समर्पित टीम गठित की गई है, जो हरियाणा सहित अन्य राज्यों में संदिग्ध ठिकानों पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों की समीक्षा स्वयं हर सप्ताह करेंगे, ताकि समयबद्ध परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें। बैठक में साइबर जागरूकता अभियान को और व्यापक स्तर पर चलाने का भी निर्णय लिया गया। पुलिस का मानना है कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
साइबर सुरक्षा को लेकर दी सलाह
अमरिंदर सिंह ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड न करें और ओटीपी, बैंक पिन, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने व्हाट्सएप, एसएमएस और ईमेल के माध्यम से आने वाले संदिग्ध लिंक, लॉटरी, केवाईसी अपडेट और बिजली बिल से जुड़े फर्जी संदेशों से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। शुरुआती एक-दो घंटे के भीतर शिकायत करने पर ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।