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Panchkula News: निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

Wed, 05 Aug 2026 01:52 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2026 01:52 AM IST
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Electricity employees staged a protest against privatization.
11 से 13 अगस्त तक हड़ताल का एलान
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पैरेलल लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग के खिलाफ कर्मचारियों की चेतावनी, मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। बिजली क्षेत्र के निजीकरण, पैरेलल लाइसेंस और एग्री डिस्कॉम के विरोध में मंगलवार को हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 11 से 13 अगस्त तक प्रदेशभर में तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी।
पावर कॉलोनी स्थित सिटी कार्यालय में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने निजीकरण, पैरेलल लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग नीतियों का विरोध जताया। उन्होंने कहा कि यदि एग्री डिस्कॉम की अधिसूचना जारी की गई तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप दिया जाएगा।
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सभा की अध्यक्षता राकेश नैन ने की, जबकि संचालन अनिल कलिरमन ने किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि एचवीपीएनएल प्रबंधन की ओर से जारी पत्र में कर्मचारियों को हड़ताल से दूर रहने की चेतावनी दी गई है, जिसकी भाषा कर्मचारी विरोधी और दमनात्मक है। उन्होंने कहा कि संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सभी कर्मचारी संगठन एकजुट हैं और किसी भी दबाव में नहीं आएंगे।
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कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पैरेलल लाइसेंस लागू होने से निजी कंपनियां केवल लाभ वाले क्षेत्रों में बिजली वितरण करेंगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की जिम्मेदारी सरकारी निगमों पर छोड़ दी जाएगी। वहीं स्मार्ट मीटरिंग के माध्यम से प्रीपेड व्यवस्था लागू होने पर आम उपभोक्ताओं, किसानों और गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला कोषाध्यक्ष सोनू नागर ने भी बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। कर्मचारियों ने सरकार से निजीकरण, पैरेलल लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग संबंधी निर्णय वापस लेने, कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने, जोखिम भत्ता देने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने तथा वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग की।

वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों के हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक बिजली व्यवस्था और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा से भी जुड़ा हुआ है। प्रदर्शन में निर्मल सिंह कुश, पुनित कुंडू, अमित भौंसले, मनजीत कुमार, आरके मलिक सहित अन्य कर्मचारी नेता और सदस्य मौजूद रहे।
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