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हरियाणा में मानक दरकिनार करके दे दिए निर्माणाधीन इमारतों को बिजली कनेक्शन
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चंडीगढ़। हरियाणा में बिजली निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से कुछ बिल्डर बिना मानक पूरे किए ही अपनी निर्माणाधीन सोसायटी के लिए बिजली कनेक्शन ले गए। यह कनेक्शन बिजली निगम के अधिकारियों ने बिना तय मानक के दी दे दिया। मानकों के मुताबिक ऐसे बिल्डर या डेवलपर को सब स्टेशन सहित अन्य शर्तें पूरी करनी होती हैं। उसके बाद ही लाइसेंस जारी होता है। हरियाणा में यह खेल बड़े पैमाने पर चल रहा था। गुरुग्राम की एक फर्म के खुलासे के बाद सरकार ने इस मामले में जांच बिठा दी है। राज्य के सभी ऐसे मामलों की जांच जारी है। जिसके बाद निगम के अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है।
सबसे पहले गुरुग्राम, सोनीपत और पानीपत में इसकी जांच होगी। इसके बाद अन्य शहरों से भी दस्तावेज खंगाले जाएंगे। हाल ही में बिजली निगम के पास गुरुग्राम के एक नामी बिल्डर की शिकायत पहुंची कि उन्होंने नियमों के खिलाफ जाकर बिजली कनेक्शन लिया हुआ है। बिजली निगम की ओर से जब इसकी जांच की गई तो पाया कि बिल्डर ने न तो बिजली का कोई ढांचा (सब स्टेशन, बिजली के पोल खड़े करना, लाइन बिछाना) तैयार किया और नहीं किसी प्रकार की कोई बैंक गारंटी दी। जबकि नियमों के मुताबिक नियमों को पूरा करने या फिर बैंक गारंटी के साथ ही सिंगल प्लाइंट कनेक्शन दिया जा सकता है। बावजूद इसके काफी संख्या बिजली कनेक्शन दक्षिण हरियाणा बिजली निगम, डीएचबीवीएन द्वारा गलत तरीके से जारी कर दिए। इसका खुलासा होने के बाद अब निगम ने अन्य शहरों में भी इसकी पड़ताल शुरू कर दी है। बिजली निगम के एक आला अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस प्रकार की शिकायतें मिलने के बाद अब डेवलपर्स के कनेक्शन की जांच की जा रही है। डेवलपर्स खिलाफ कार्रवाई को लेकर कानूनी राय भी ली जा रही है।
देना होता है प्लान और बैंक गारंटी
एचईआरसी सिंगल पॉइंट सप्लाई रेगुलेशन एक्ट 2020 के मुताबिक ऐसे मामलो में बिल्डर ढांचागत सुविधाएं तैयार करने के बाद ही सिंगल पॉइंट बिजली कनेक्शन की मांग कर सकते हैं, इसके लिए बिल्डरों को इलेक्ट्रिकल प्लान की भी डिस्कॉम से अनुमति लेनी होती है। यदि बिल्डर पूरा ढांचा तैयार नहीं कर पाता है या आधा ही तैयार कर लेता है, तब भी वह सिंगल पॉइंट कनेक्शन ले सकता है। लेकिन इस स्थिति में बिल्डर को शेष कार्य की बैंक गारंटी डिस्कॉम में जमा करानी होगी।
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सबसे पहले गुरुग्राम, सोनीपत और पानीपत में इसकी जांच होगी। इसके बाद अन्य शहरों से भी दस्तावेज खंगाले जाएंगे। हाल ही में बिजली निगम के पास गुरुग्राम के एक नामी बिल्डर की शिकायत पहुंची कि उन्होंने नियमों के खिलाफ जाकर बिजली कनेक्शन लिया हुआ है। बिजली निगम की ओर से जब इसकी जांच की गई तो पाया कि बिल्डर ने न तो बिजली का कोई ढांचा (सब स्टेशन, बिजली के पोल खड़े करना, लाइन बिछाना) तैयार किया और नहीं किसी प्रकार की कोई बैंक गारंटी दी। जबकि नियमों के मुताबिक नियमों को पूरा करने या फिर बैंक गारंटी के साथ ही सिंगल प्लाइंट कनेक्शन दिया जा सकता है। बावजूद इसके काफी संख्या बिजली कनेक्शन दक्षिण हरियाणा बिजली निगम, डीएचबीवीएन द्वारा गलत तरीके से जारी कर दिए। इसका खुलासा होने के बाद अब निगम ने अन्य शहरों में भी इसकी पड़ताल शुरू कर दी है। बिजली निगम के एक आला अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस प्रकार की शिकायतें मिलने के बाद अब डेवलपर्स के कनेक्शन की जांच की जा रही है। डेवलपर्स खिलाफ कार्रवाई को लेकर कानूनी राय भी ली जा रही है।
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देना होता है प्लान और बैंक गारंटी
एचईआरसी सिंगल पॉइंट सप्लाई रेगुलेशन एक्ट 2020 के मुताबिक ऐसे मामलो में बिल्डर ढांचागत सुविधाएं तैयार करने के बाद ही सिंगल पॉइंट बिजली कनेक्शन की मांग कर सकते हैं, इसके लिए बिल्डरों को इलेक्ट्रिकल प्लान की भी डिस्कॉम से अनुमति लेनी होती है। यदि बिल्डर पूरा ढांचा तैयार नहीं कर पाता है या आधा ही तैयार कर लेता है, तब भी वह सिंगल पॉइंट कनेक्शन ले सकता है। लेकिन इस स्थिति में बिल्डर को शेष कार्य की बैंक गारंटी डिस्कॉम में जमा करानी होगी।
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