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शिक्षामंत्री ने 6वीं से 10वीं कक्षा की इतिहास के नए पाठ्यक्रम वाली पुस्तकों का किया विमोचन
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पंचकूला। शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने सेक्टर 1 स्थित पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी, एनसीईआरटी और शिक्षा बोर्ड के तत्वावधान में 6वीं से 10वीं कक्षा की इतिहास की नए पाठ्यक्रम वाली पुस्तकों का टैबलेट के माध्यम से विमोचन किया। इसके अलावा उन्होंने निपुण हरियाणा मिशन के तहत पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों के लिए निपुण पुस्तकों का भी विमोचन किया। शिक्षा मंत्री ने पुस्तक विमोचन के उपरांत प्रेसवार्ता में बताया कि आज बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान मिशन (फाउंडेशन लिटरेसी न्यूमरेसी मिशन) के तहत कक्षा तीसरी या 3 से 9 आयु वर्ग के बच्चों में सही लेखन, पढ़ने और अंक गणित के ज्ञान में कमी देखने को मिली है। भारत सरकार ने नई शिक्षा नीति में इस समस्या को गंभीरता से लिया है। देश के सभी राज्यों को 2026-27 तक इस मिशन को पूरा करने का लक्ष्य दिया है।
नई शिक्षा नीति को 2024-25 तक लागू करने रखा लक्ष्य
शिक्षा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा में इस लक्ष्य को 2024-25 तक पूरा करने का संकल्प लिया है। इस मिशन को सफलतापूर्वक हर विद्यार्थी तक पहुंचाने के लिए विशेष टीचर गाइड, वर्कबुक, लर्निंग मेटेरियल, टाइमटेबल और असेसमेंट तैयार किया जा रहा है। इस दिशा में बेहतरीन शिक्षक और विषयों के विशेषज्ञों के समूह द्वारा पाठ्य पुस्तकों पर शोध करके विभिन्न प्रकार की उपयोगी शैक्षणिक सामग्री तैयार की है, जो शिक्षकों और छात्रों के लिए फायदेमंद साबित होगी। प्राथमिक शिक्षकों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को पढ़ाने की विधि को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग निपुण हरियाणा मिशन के तहत एक वेबसाइट और एक मोबाइल एप्लीकेशन शुरू करने जा रहा है। यह मोबाइल एप देश में पहला एप होगा, जिसमें एफएलएन से जुड़े सभी स्टेक होल्डर (शिक्षक, अभिभावक, ट्रेनर) जुड़ेंगे और जिला, ब्लॉक और कलस्टर स्तर पर प्रोग्राम की निगरानी की जा सकेगी।
प्राचीन भारतीय समाज के शासन, कला, साहित्य को दिया स्थान
कंवरपाल ने बताया कि नई पाठ्य पुस्तकों में कक्षा 6 से 10 तक इतिहास को हमारा भारत-1, हमारा भारत-2, हमारा भारत-3, हमारा भारत-4 और भारत विश्व के रूप में कक्षानुसार एवं क्रमानुसार दिया गया है। पहले की पुस्तकों में प्राचीन भारत को कम, छोटे रूप में सतही रूप से दिखाया गया है, जबकि नई पुस्तकों में कक्षा 6, 7 व 10 में प्राचीन भारतीय सभ्यता, समाज, शासन, सत्ता, साहित्य, विज्ञान एवं दर्शन की प्रमुख उपलब्धियों को समुचित स्थान देकर वर्णित किया गया है।
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स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों, शहीदों और वीरांगनाओं को किया वर्णित
शिक्षा मंत्री ने बताया कि नई पुस्तकों में राजा हर्षवर्धन, राव तुलाराम, राजा नाहर सिंह, हुकमचंद जैन, विद्यावती, कस्तूरी बारे, नेकीराम शर्मा, राम शर्मा, छोटूराम इत्यादि नायक नायिकाओं की भूमिकाओं का भी उल्लेख हुआ है। इसके साथ अंबाला, हांसी, झज्जर, रेवाड़ी, नसीबपुर, रानियां, सिरसा, बल्लभगढ़, गुरुग्राम आदि स्थानों पर राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हुई घटनाओं पर भी प्रकाश डाला गया है। 9वीं की पुस्तकों में क्रांतिकारी आंदोलन को समुचित स्थान देकर बिरसामुंडा, बल्वंतराय, चापेकर बंधु, वीर सावरकर, सावरकर बंधुओं, श्यामजी कृष्ण वर्मा, अरविंद घोष, बरींद्र घोष, लाला हरदयाल, करतार सिंह सोराबा, रविंद्रनाथ सान्याल, अस्फाक उल्ला खान, अब्दुल गफ्फार खान, भगत सिंह, दुर्गा भाभी, राजगुरु, सुखदेव, बीकाजी कामा, ऊधम सिंह के योगदान का विस्तार से वर्णन किया गया है। कक्षा आठवीं में राष्ट्रीय भक्ति आंदोलन में संत रविदास कबीर, दादु, नामदेव, रामानंद का उल्लेख किया गया है। सिख गुरु परंपरा के अंतर्गत सभी दस सिख गुरु एवं बाबा बंदा सिंह बहादुर के संघर्ष का भी विवरण किया गया है। इस मौके पर उनके साथ हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन जगबीर सिंह, शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव महावीर सिंह, माध्यमिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक जे. गणेशन भी उपस्थित रहे।
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नई शिक्षा नीति को 2024-25 तक लागू करने रखा लक्ष्य
शिक्षा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा में इस लक्ष्य को 2024-25 तक पूरा करने का संकल्प लिया है। इस मिशन को सफलतापूर्वक हर विद्यार्थी तक पहुंचाने के लिए विशेष टीचर गाइड, वर्कबुक, लर्निंग मेटेरियल, टाइमटेबल और असेसमेंट तैयार किया जा रहा है। इस दिशा में बेहतरीन शिक्षक और विषयों के विशेषज्ञों के समूह द्वारा पाठ्य पुस्तकों पर शोध करके विभिन्न प्रकार की उपयोगी शैक्षणिक सामग्री तैयार की है, जो शिक्षकों और छात्रों के लिए फायदेमंद साबित होगी। प्राथमिक शिक्षकों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को पढ़ाने की विधि को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग निपुण हरियाणा मिशन के तहत एक वेबसाइट और एक मोबाइल एप्लीकेशन शुरू करने जा रहा है। यह मोबाइल एप देश में पहला एप होगा, जिसमें एफएलएन से जुड़े सभी स्टेक होल्डर (शिक्षक, अभिभावक, ट्रेनर) जुड़ेंगे और जिला, ब्लॉक और कलस्टर स्तर पर प्रोग्राम की निगरानी की जा सकेगी।
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प्राचीन भारतीय समाज के शासन, कला, साहित्य को दिया स्थान
कंवरपाल ने बताया कि नई पाठ्य पुस्तकों में कक्षा 6 से 10 तक इतिहास को हमारा भारत-1, हमारा भारत-2, हमारा भारत-3, हमारा भारत-4 और भारत विश्व के रूप में कक्षानुसार एवं क्रमानुसार दिया गया है। पहले की पुस्तकों में प्राचीन भारत को कम, छोटे रूप में सतही रूप से दिखाया गया है, जबकि नई पुस्तकों में कक्षा 6, 7 व 10 में प्राचीन भारतीय सभ्यता, समाज, शासन, सत्ता, साहित्य, विज्ञान एवं दर्शन की प्रमुख उपलब्धियों को समुचित स्थान देकर वर्णित किया गया है।
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स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों, शहीदों और वीरांगनाओं को किया वर्णित
शिक्षा मंत्री ने बताया कि नई पुस्तकों में राजा हर्षवर्धन, राव तुलाराम, राजा नाहर सिंह, हुकमचंद जैन, विद्यावती, कस्तूरी बारे, नेकीराम शर्मा, राम शर्मा, छोटूराम इत्यादि नायक नायिकाओं की भूमिकाओं का भी उल्लेख हुआ है। इसके साथ अंबाला, हांसी, झज्जर, रेवाड़ी, नसीबपुर, रानियां, सिरसा, बल्लभगढ़, गुरुग्राम आदि स्थानों पर राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हुई घटनाओं पर भी प्रकाश डाला गया है। 9वीं की पुस्तकों में क्रांतिकारी आंदोलन को समुचित स्थान देकर बिरसामुंडा, बल्वंतराय, चापेकर बंधु, वीर सावरकर, सावरकर बंधुओं, श्यामजी कृष्ण वर्मा, अरविंद घोष, बरींद्र घोष, लाला हरदयाल, करतार सिंह सोराबा, रविंद्रनाथ सान्याल, अस्फाक उल्ला खान, अब्दुल गफ्फार खान, भगत सिंह, दुर्गा भाभी, राजगुरु, सुखदेव, बीकाजी कामा, ऊधम सिंह के योगदान का विस्तार से वर्णन किया गया है। कक्षा आठवीं में राष्ट्रीय भक्ति आंदोलन में संत रविदास कबीर, दादु, नामदेव, रामानंद का उल्लेख किया गया है। सिख गुरु परंपरा के अंतर्गत सभी दस सिख गुरु एवं बाबा बंदा सिंह बहादुर के संघर्ष का भी विवरण किया गया है। इस मौके पर उनके साथ हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन जगबीर सिंह, शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव महावीर सिंह, माध्यमिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक जे. गणेशन भी उपस्थित रहे।