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Panchkula News: ई-रवाना पोर्टल से पौने तीन करोड़ का घोटाला, कंपनी के मालिका पर केस दर्ज
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पंचकूला। खनन क्षेत्र में ऑनलाइन ई-रवाना पोर्टल के माध्यम से दो करोड़ 81 लाख 50 हजार रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। खान एवं भू-विज्ञान विभाग की शिकायत पर आरोपी कंपनी मालिक सुशील कुमार निवासी भाटिया नगर, यमुनानगर पर पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
खनन विभाग पंचकूला की रिपोर्ट के अनुसार सुशील कुमार ने कर्णपुर ब्लॉक पंचकूला बी-3 को 8.23 हेक्टेयर जमीन को खनन के लिए 9 साल के ठेके पर लिया था। यह ठेका दो करोड़ 81 लाख 50 हजार रुपये वार्षिक की दर से ई-नीलामी के माध्यम से हासिल किया था। प्रारंभिक औपचारिकताओं के बाद खनन कार्य शुरू हुआ, लेकिन 10 अक्तूबर, 2019 में ठेका रद्द कर दिया गया। इसके बाद अगस्त-2021 में दोबारा खनन शुरू करने की अनुमति दी गई। कंपनी मालिक ने मार्च-2022 को अपने खनन ब्लॉक का सरेंडर करने के लिए कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया था। मार्च-2022 को महानिदेशक ने खनन ब्लॉक को टर्मिनेट कर दिया था।
इसके बाद खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने जून-2023 में खनन ठेके को तीसरी बार चलाने के आदेश दिए थे। आरोपी कंपनी मालिक ने सरकारी खजाने में बकाया 85,86,000 रुपये और सुरक्षा राशि 1,77,41,250 रुपये जमा करवाने के बाद जून-2023 को मुख्यालय ने खनन कार्य शुरू करने के लिए ई-रवाना पोर्टल शुरू कर दिया था। लेकिन खनन विभाग की जांच में यह सामने आया कि मौके पर न तो कोई खनन कार्य किया गया, न ही धर्म कांटा, सीसीटीवी कैमरे और बॉर्डरी पिलर लगाए गए। इसके अलावा ई-रवाना पोर्टल के जरिये 3,59,691 मीट्रिक टन सामग्री के फर्जी बिल काटे गए।
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खनन अधिकारी गुरजीत सिंह ने पुलिस थाना पिंजौर में घोटाले की शिकायत दी है। पुलिस ने जांच के बाद एसीपी कालका, डीसीपी पंचकूला और डीडीए की राय के बाद आरोपी कंपनी के मालिक सुशील कुमार के खिलाफ दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी में जुट गई है।
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खनन विभाग पंचकूला की रिपोर्ट के अनुसार सुशील कुमार ने कर्णपुर ब्लॉक पंचकूला बी-3 को 8.23 हेक्टेयर जमीन को खनन के लिए 9 साल के ठेके पर लिया था। यह ठेका दो करोड़ 81 लाख 50 हजार रुपये वार्षिक की दर से ई-नीलामी के माध्यम से हासिल किया था। प्रारंभिक औपचारिकताओं के बाद खनन कार्य शुरू हुआ, लेकिन 10 अक्तूबर, 2019 में ठेका रद्द कर दिया गया। इसके बाद अगस्त-2021 में दोबारा खनन शुरू करने की अनुमति दी गई। कंपनी मालिक ने मार्च-2022 को अपने खनन ब्लॉक का सरेंडर करने के लिए कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया था। मार्च-2022 को महानिदेशक ने खनन ब्लॉक को टर्मिनेट कर दिया था।
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इसके बाद खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने जून-2023 में खनन ठेके को तीसरी बार चलाने के आदेश दिए थे। आरोपी कंपनी मालिक ने सरकारी खजाने में बकाया 85,86,000 रुपये और सुरक्षा राशि 1,77,41,250 रुपये जमा करवाने के बाद जून-2023 को मुख्यालय ने खनन कार्य शुरू करने के लिए ई-रवाना पोर्टल शुरू कर दिया था। लेकिन खनन विभाग की जांच में यह सामने आया कि मौके पर न तो कोई खनन कार्य किया गया, न ही धर्म कांटा, सीसीटीवी कैमरे और बॉर्डरी पिलर लगाए गए। इसके अलावा ई-रवाना पोर्टल के जरिये 3,59,691 मीट्रिक टन सामग्री के फर्जी बिल काटे गए।
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खनन अधिकारी गुरजीत सिंह ने पुलिस थाना पिंजौर में घोटाले की शिकायत दी है। पुलिस ने जांच के बाद एसीपी कालका, डीसीपी पंचकूला और डीडीए की राय के बाद आरोपी कंपनी के मालिक सुशील कुमार के खिलाफ दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी में जुट गई है।