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Panchkula News: शताब्दी में सफर के दौरान चार दिन में तीन यात्रियों की बिगड़ी तबीयत
Fri, 29 Nov 2024 01:43 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Updated Fri, 29 Nov 2024 01:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। बीते चार दिनों में शताब्दी एक्सप्रेस में सफर के दौरान अचानक 3 यात्रियों की तबीयत खराब होने के मामले सामने आए हैं। हालांकि मौके पर मौजूद रेलकर्मियों व यात्रियों की मदद से सभी मरीजों की व्यवस्था की गई।
पहला मामला सोमवार का है जब दिल्ली-कालका शताब्दी में दिल्ली से एक 62 वर्षीय वृद्धा चंडीगढ़ जाने के लिए बैठी थी। करनाल के पास वृद्धा की अचानक तबीयत खराब हो गई ओर उसे सांस लेने में तकलीफ महसूस होने लगी और उल्टियां होने लगीं। इसके बाद गाड़ी में मौजूद टीटी ने ट्रेन में बैठी एक डॉक्टर से अनुरोध कर वृद्धा को देखने के लिए कहा। इसके बाद डॉक्टर ने टीटी व अन्य लोगो की सहायता से वृद्धा को साथ वाले कोच में लिटाया और जांच की। प्राथमिक चिकित्सा के बाद उसकी हालत सामान्य हो पाई।
दूसरा मामला बुधवार का है। सुबह 7:40 बजे शताब्दी एक्सप्रेस नई दिल्ली से कालका के लिए चली। करीब आधे घंटे बाद ही एक 42 वर्षीय व्यक्ति की अचानक तबीयत खराब हो गई। रेलवे विभाग की ओर से से कंट्रोल विभाग को मैसेज कर कुरुक्षेत्र स्टॉप पर एम्बुलेंस मंगवाकर उसे वहां के स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। रेलवे सूत्रों से बताया गया कि उस यात्री ने दिल्ली से चंडीगढ़ के लिए टिकट करवाई थी।
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तीसरा मामला वीरवार का है। सुबह कालका रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए रवाना हुई शताब्दी एक्सप्रेस में चंडीगढ़ स्टेशन से एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ सवार हुआ। सफर के दौरान कुछ देर बाद अपनी तबीयत खराब महसूस होने लगी। इसकी जानकारी उसने ट्रेन में मौजूद आरपीएफ के जवान को दी। इसके बाद टीटी को इस बारे अवगत करवाया गया। टीटी ने ट्रेन में यात्रा कर रहे डॉक्टर को मरीज को देखने के लिए अनुरोध किया। डॉक्टर ने जांच के बाद उसे गर्म पानी पीने का परामर्श दिया। कुछ देर बाद उस व्यक्ति ने बताया कि उसकी तबीयत बेहतर है।
कोट
शताब्दी में सफर के दौरान अगर किसी यात्री की तबीयत खराब हो जाती है तो उसे प्राथमिक चिकित्सा दी जाती है। ज्यादा तबीयत खराब होने पर अगले स्टॉप पर ट्रेन रुकवाकर डॉक्टर से इलाज करवाया जाता है। अगर तब भी स्थिति नियंत्रण में नहीं आती तो मरीज को अस्पताल भिजवा दिया जाता है।-मंदी सिंह भाटिया, डीआरएम अंबाला मंडल।
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कालका। बीते चार दिनों में शताब्दी एक्सप्रेस में सफर के दौरान अचानक 3 यात्रियों की तबीयत खराब होने के मामले सामने आए हैं। हालांकि मौके पर मौजूद रेलकर्मियों व यात्रियों की मदद से सभी मरीजों की व्यवस्था की गई।
पहला मामला सोमवार का है जब दिल्ली-कालका शताब्दी में दिल्ली से एक 62 वर्षीय वृद्धा चंडीगढ़ जाने के लिए बैठी थी। करनाल के पास वृद्धा की अचानक तबीयत खराब हो गई ओर उसे सांस लेने में तकलीफ महसूस होने लगी और उल्टियां होने लगीं। इसके बाद गाड़ी में मौजूद टीटी ने ट्रेन में बैठी एक डॉक्टर से अनुरोध कर वृद्धा को देखने के लिए कहा। इसके बाद डॉक्टर ने टीटी व अन्य लोगो की सहायता से वृद्धा को साथ वाले कोच में लिटाया और जांच की। प्राथमिक चिकित्सा के बाद उसकी हालत सामान्य हो पाई।
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दूसरा मामला बुधवार का है। सुबह 7:40 बजे शताब्दी एक्सप्रेस नई दिल्ली से कालका के लिए चली। करीब आधे घंटे बाद ही एक 42 वर्षीय व्यक्ति की अचानक तबीयत खराब हो गई। रेलवे विभाग की ओर से से कंट्रोल विभाग को मैसेज कर कुरुक्षेत्र स्टॉप पर एम्बुलेंस मंगवाकर उसे वहां के स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। रेलवे सूत्रों से बताया गया कि उस यात्री ने दिल्ली से चंडीगढ़ के लिए टिकट करवाई थी।
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तीसरा मामला वीरवार का है। सुबह कालका रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए रवाना हुई शताब्दी एक्सप्रेस में चंडीगढ़ स्टेशन से एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ सवार हुआ। सफर के दौरान कुछ देर बाद अपनी तबीयत खराब महसूस होने लगी। इसकी जानकारी उसने ट्रेन में मौजूद आरपीएफ के जवान को दी। इसके बाद टीटी को इस बारे अवगत करवाया गया। टीटी ने ट्रेन में यात्रा कर रहे डॉक्टर को मरीज को देखने के लिए अनुरोध किया। डॉक्टर ने जांच के बाद उसे गर्म पानी पीने का परामर्श दिया। कुछ देर बाद उस व्यक्ति ने बताया कि उसकी तबीयत बेहतर है।
कोट
शताब्दी में सफर के दौरान अगर किसी यात्री की तबीयत खराब हो जाती है तो उसे प्राथमिक चिकित्सा दी जाती है। ज्यादा तबीयत खराब होने पर अगले स्टॉप पर ट्रेन रुकवाकर डॉक्टर से इलाज करवाया जाता है। अगर तब भी स्थिति नियंत्रण में नहीं आती तो मरीज को अस्पताल भिजवा दिया जाता है।-मंदी सिंह भाटिया, डीआरएम अंबाला मंडल।