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धारा-7ए के कारण छोटे प्लाट नहीं बिक रहे, लोग हो रहे परेशान

Thu, 29 Apr 2021 01:40 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 29 Apr 2021 01:40 AM IST
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Due to Section 7A, small plots are not being sold, people are getting upset
पिंजौर। हरियाणा सरकार की ओर से बीते साल नवंबर में लागू धारा -7ए के चलते नगरीय क्षेत्र में रजिस्ट्री पर रोक लगी है। इससे लोग परेशान हैं। एक तरफ जहां कोरोना महामारी के कारण विकास का पहिया थम गया है। वहीं, दूसरी ओर नगरीय क्षेत्र में धारा-7ए लागू रहने से लोग आर्थिक मंदी का शिकार हो रहे हैं।
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पंचकूला एक अर्धपहाड़ी क्षेत्र है। इसके अंतर्गत आने वाले हलका कालका में रोजगार के कोई विशेष साधन नहीं हैं। पहले क्षेत्र में एसीसी कंपनी सूरजपुर, एचएमटी ट्रैक्टर प्लांट, वर्कशॉप उत्तर रेलवे संस्थान रोजगार मुहैया करवाने के प्रमुख साधन थे आज वे भी बंद पड़े हुए हैं। इसलिए यहां के लोग, जमींदार, किसान अपने बच्चों की पढ़ाई, शिक्षा, ब्याह, शादी आदि जरूरतों को जमीन बेच कर पूरा कर लेते थे परंतु धारा-7ए लागू होने से छोटे प्लॉट आदि की रजिस्ट्री पर रोक के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सरकार ने धारा-7ए के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की बंद पड़ी रजिस्ट्री को मार्च महीने में अधिसूचना जारी कर खोल दिया परंतु नगरीय क्षेत्र की रजिस्ट्री को नहीं खोला गया। इतना ही नहीं नगर व ग्राम आयोजना विभाग हरियाणा सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर धारा-7ए के अधीन प्रस्तावित नगरीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 113 गांव की सूची जारी कर दी। इसमें तहसील कालका के कुछ गांव जिसमें भुवाना, पत्तन, गणेशपुर भोरियां, धामसू, हरिपुर चपैहर, नाला डखरोग, खड़कुआ, हरिपुर, मालपुर, टिब्बी, केदारपुर, नंदपुर, जल्लाह, फतेहपुर दीवानवाला, डेरा गुरु,बांस घाटी, चिकन, जोधपुर, कोटियां को नगरीय क्षेत्र में शामिल कर लिया गया। लोगों ने नगरीय क्षेत्र में अपना अशियाना बनाने के लिए बैंक से लोन तो ले लिया पर परंतु रजिस्ट्री नहीं करवा पा रहे।
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नियम बनाकर रजिस्ट्री खोले सरकार
चार महीने से धारा -7ए के कारण सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का घाटा हो रहा है। वहीं, दूसरी ओर रजिस्ट्री बंद होने की वजह से लोगों को आर्थिक मंदी से गुजरना पड़ रहा है। सरकार नगरीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों में नियम बनाकर रजिस्ट्री खोलकर पिछले चार महीने से इस समस्या से जूझ रहे लोगों राहत देने का काम करे।

-मान सिंह मान, संरक्षक, प्रॉपर्टी वेलफेयर एसोसिएशन
नगरीय क्षेत्र से भी हटे धारा-7 ए
अपना अशियाना बनाने के लिए हर व्यक्ति कोशिश करता है। परंतु बीते चार महीने से धारा- 7ए उनके अशियाना बनाने की राह में सबसे बड़ी अड़चन है। आम जनता, जमींदार, किसान आदि के हितों को देखते हुए नगरीय क्षेत्र से भी धारा -7ए हटाकर रजिस्ट्री शुरू करवाई जाएं।
-हर्ष कुमार चड्ढा, प्रधान, प्रॉपर्टी वेलफेयर एसोसिएशन
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