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Panchkula News: बरसात के कारण अब तक पांचों हलकों में सबसे ज्यादा सेंट्रल हलके में गिरी 3 बिल्डिंग
Wed, 03 Sep 2025 09:39 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Updated Wed, 03 Sep 2025 09:39 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। हर साल मानसून आने से पहले नगर निगम की ओर से पांचों हलकों के अलावा शहर के अंदरून बनी पुरानी इमारतों का सर्वे किया जाता है। इसका मकसद किसी भी हादसे को रोकने के लिए इमारत के जर्जर हिस्से को समय रहते गिराना होता है। इसके लिए निगम की ओर से बकायदा पहले बिल्डिंग मालिक को नोटिस भेजा जाता है और उससे तालमेल कर उसके खर्च पर खुद निगम बिल्डिंग की मरम्मत या उसका बाहरी हिस्सा गिरा देती है। इस साल निगम की ओर से जर्जर इमारतों का सर्वे न करवाने से पिछले एक महीने में तीन बिल्डिंग गिर चुकी है और एक बुजुर्ग महिला की मौत हो चुकी है। बता दें कि नगर निगम के म्यूनिसिपल टाउन प्लानिंग (एमटीपी) और सिविल विंग का काम पुरानी बिल्डिंगों के सर्वे का होता है। लेकिन ज्यादातर शहर के अंदरून बनी पुरानी बिल्डिंगों के कोर्ट केस होने के कारण दोनों विभागों के अफसर जिम्मेदारी लेने से डरते है और सर्वे का काम पूरा नहीं हो पाता। इससे पहले 2023 में निगम ने जर्जर इमारतों की चेकिंग करवाई थी। जिसमें शहर में 120 जर्जर इमारतें पाई गई थी।
एक्सईएन से तीन दिन बाद ली जाएगी रिपोर्ट : कमिश्नर
निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने बताया कि वाल्ड सिटी में जर्जर इमारतों का सर्वे करवाने के लिए एक्सईएन की ड्यूटी लगाकर तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए है। ताकि समय रहते जर्जर इमारतों की पहचान की जा सके और एमटीपी विभाग की मदद से इमारतों को गिराकर सिविल विंग की टीम से मलबा उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस काम में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तीन दिन के बाद सर्वे रिपोर्ट के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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अमृतसर। हर साल मानसून आने से पहले नगर निगम की ओर से पांचों हलकों के अलावा शहर के अंदरून बनी पुरानी इमारतों का सर्वे किया जाता है। इसका मकसद किसी भी हादसे को रोकने के लिए इमारत के जर्जर हिस्से को समय रहते गिराना होता है। इसके लिए निगम की ओर से बकायदा पहले बिल्डिंग मालिक को नोटिस भेजा जाता है और उससे तालमेल कर उसके खर्च पर खुद निगम बिल्डिंग की मरम्मत या उसका बाहरी हिस्सा गिरा देती है। इस साल निगम की ओर से जर्जर इमारतों का सर्वे न करवाने से पिछले एक महीने में तीन बिल्डिंग गिर चुकी है और एक बुजुर्ग महिला की मौत हो चुकी है। बता दें कि नगर निगम के म्यूनिसिपल टाउन प्लानिंग (एमटीपी) और सिविल विंग का काम पुरानी बिल्डिंगों के सर्वे का होता है। लेकिन ज्यादातर शहर के अंदरून बनी पुरानी बिल्डिंगों के कोर्ट केस होने के कारण दोनों विभागों के अफसर जिम्मेदारी लेने से डरते है और सर्वे का काम पूरा नहीं हो पाता। इससे पहले 2023 में निगम ने जर्जर इमारतों की चेकिंग करवाई थी। जिसमें शहर में 120 जर्जर इमारतें पाई गई थी।
एक्सईएन से तीन दिन बाद ली जाएगी रिपोर्ट : कमिश्नर
निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने बताया कि वाल्ड सिटी में जर्जर इमारतों का सर्वे करवाने के लिए एक्सईएन की ड्यूटी लगाकर तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए है। ताकि समय रहते जर्जर इमारतों की पहचान की जा सके और एमटीपी विभाग की मदद से इमारतों को गिराकर सिविल विंग की टीम से मलबा उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस काम में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तीन दिन के बाद सर्वे रिपोर्ट के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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