फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   DTP department wakes up again in Morni, notices pasted late at night create panic

Panchkula News: मोरनी में फिर जागा डीटीपी विभाग, देर रात चिपकाए नोटिसों से मचा हड़कंप

Thu, 13 Nov 2025 09:50 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 13 Nov 2025 09:50 PM IST
विज्ञापन
DTP department wakes up again in Morni, notices pasted late at night create panic
मोरनी। क्षेत्र में जिला टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (डीटीपी) विभाग की कार्रवाई ने एक बार फिर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार देर शाम विभाग की टीम ने कई आवासीय और व्यावसायिक भवनों के बाहर नोटिस चिपकाए, जिनमें भवन मालिकों को दो दिन का समय देते हुए स्वयं निर्माण हटाने या तोड़फोड़ कार्रवाई झेलने के आदेश दिए गए हैं।अचानक चिपकाए गए इन नोटिसों से लोगों में हड़कंप मच गया है। कई प्रभावित निवासी इस कार्रवाई को विभाग की तानाशाही बताते हुए विरोध की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन

गौरतलब है कि मोरनी क्षेत्र में डीटीपी विभाग द्वारा समय-समय पर ऐसे नोटिस जारी किए जाते रहे हैं। विभाग का तर्क है कि यह कार्रवाई केवल उन निर्माणों पर होती है जो विभाग की निर्धारित सीमा में हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग द्वारा नियमों की अस्पष्टता और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखे बिना कार्रवाई की जाती है।
विज्ञापन


पॉलिसी बनाए सरकार, हम पैसा भरने को तैयार

जिला परिषद चेयरमैन सुनील शर्मा, विनोद शर्मा, गजे सिंह व अन्य का कहना है कि वे किसी भी प्रकार की वैध फीस भरने को तैयार हैं, बशर्ते सरकार उनकी भवनों को रेगुलर करने की नीति तैयार करे। वे वर्षों से इन मकानों में रह रहे हैं और अचानक नोटिस लगाकर उन्हें उजाड़ना उचित नहीं है। पिछले दशकों से स्थानीय ग्रामीण अपने इन भवनों के माध्यम ये अपनी आजीविका चला रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व सीएम के समय से लंबित मांग

पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में भी मोरनी के लोगों ने कई बार इस मुद्दे को उनके समक्ष उठाया था। इसके बावजूद अभी तक कोई स्थायी नीति नहीं बन पाई है जिससे ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों के भवन मालिकों को राहत मिल सके। हालांकि हर बार चुनावों में आश्वासन जरूर मिला लेकिन समाधान नहीं हो सका। लोगों की मांग है कि सरकार टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की नीति में संशोधन करते हुए ऐसे क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान लाए, जहां आवासीय भवन पुराने समय से बने हैं और जिन्हें अचानक अवैध घोषित कर देना न्यायसंगत नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed