{"_id":"600de3da8ebc3e340c4f6e53","slug":"domestic-animals-and-dogs-are-also-becoming-trouble-those-who-fight-the-corporation-elections-will-have-to-pay-attention-panchkula-news-pkl4017818105","type":"story","status":"publish","title_hn":"लावारिस पशु और कुत्ते भी बन रहे मुसीबत, निगम चुनाव लड़ने वालों को देना होगा ध्यान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लावारिस पशु और कुत्ते भी बन रहे मुसीबत, निगम चुनाव लड़ने वालों को देना होगा ध्यान
विज्ञापन
मोहाली। फेज-2 शहर के प्राइम फेजों में शुमार है। ट्राइसिटी का सबसे पुराना बस्सी थियेटर भी इसकी शान है। इलाके में कई नामी संस्थान हैं और वीआईपी लोग भी रहते हैं। मार्केट्स से लेकर सड़कें तक सब कुछ बढ़िया है। देश की सबसे अति आधुनिक वाटर टेस्टिंग लैब भी इसी इलाके में हैं। लेकिन इसके बावजूद इसी इलाके में पानी की सबसे ज्यादा दिक्कत रहती है। यह समस्या करीब 10 से साल चली आ रही है। यहां के ट्यूबवेल के लिए बूस्टर मंजूर होने के बाद भी अभी तक नहीं लग पाया। हर साल मई आते ही पानी की किल्लत पैदा होने से लोग आफत में आ जाते हैं। इसके अलावा शहर में लावारिस कुत्ते, 20 फुट से अधिक ऊंचे पेडों की प्रूनिंग नहीं होना आदि की दिक्कत भी लोग उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि वह चाहते हैं कि जो भी नेता चुनकर आए। वह इन समस्याओं को पहल के आधार पर हल करवाए। जिससे लोगों को दिक्कत न उठानी पड़े।
मदनपुर के बाहर बाहर डंपिंग प्वाइंट बना मुसीबत
- इलाके के लोगों ने बताया कि मदनपुर गांव के बाहर की ओर नगर निगम की तरफ से डंपिंग प्वाइंट साइट स्थापित किया गया है। लेकिन इससे लोगों काफी आफत में है। इससे हर दम बदबू उठती रहती है और इलाके के लावारिस पशु यहां मुंह मारते रहते हैं। यह मामला काफी दिनों से गर्माया हुआ है। नगर निगम कमिश्नर से मुख्यमंत्री तक को लोगों ने शिकायत दी है। लेकिन समस्या का उचित हल नहीं निकल रहा है। इससे करीब चार सेक्टरों के लोग प्रभावित हो रहे हैं। इनमें फेज-2, चार, फेज-3 और 3ए हैं।
क्या कहते हैं इलाके के लोग
हर साल मई आते ही होती है पानी की किल्लत
रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन फेज-2 के महासचिव विनोद मामिक बताते हैं कि इलाके में पानी की समस्या गंभीर है। जब गर्मियों का मौसम शुरू होता है तो मई से जून तक लोग पानी की किल्लत के कारण आफत में आ जाते हैं। यहां की ट्यूबवेल के लि बूस्टर मंजूर भी हुआ है। लेकिन अभी तक नहीं लगा है। जिससे यह समस्या आ रही है। लोग हर बार अधिकारियों से मिलते हैं तो टंपरेरी इंतजाम कर देते हैं। दूसरा ऊंचे पेड़ों की प्रूनिंग में दिक्कत आ रही है। यहां तक कि पेडों की वजह से लोगों की गाड़ियां तक क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इलाके में लगी मकानों की नंबर की प्लेटस को सुधारने की जरूरत है।
विज्ञापन
सीवरेज और ड्रेनेज बड़ी समस्या
रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन फेज-2 के एडवाइजर सीएल पंवार बताते हैं कि यहां सीवरेज और ड्रेनेज की बड़ी समस्या है। सीवरेज लाइन ब्लॉकेज की दिक्कत आती रहती है। इसके अलावा बरसात के मौसम में ड्रेनेज लाइन जवाब दे जाती हैं। दस साल से पानी की समस्या के हल के लिए ट्यूबवेल के लिए बूस्टर मंजूर हुआ था। लेकिन अभी तक समस्या जस की तस है। तीन मंजिला मकानों से ऊंचे तो पेड़ हो गए हैं। जो कि हर समय हादसों को न्योता दे रहे हैं।
नए सिरे से बनना चाहिए सामुदायिक केंद्र
रेजिडेंट्स सोशल वेलफेयर एसोसिएशन फेज-2 के प्रधान जगरूप सिंह बताते हैं कि पानी की गंभीर समस्या है। हर साल लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। इसके अलावा इलाके का सामुदायिक केंद्र पुराना हो चुका है। एक नया सामुदायिक केंद्र बनाया जाना चाहिए। लावारिस कुत्तों और पेड़ों की समस्या को भी दूर किया जाना चाहिए। वहीं, पेड़ों की सही तरीके से प्रूूनिंग होनी चाहिए।
लोगों की दिक्कतें
लावारिस कुत्ते बने मुसीबत
फेज-2 निवासी कर्नल रविंदर सिंह का कहना है कि एक तो पानी के लिए ट्यूबवेल पर बूस्टर जरूर लगाना चाहिए। जिससे लोगों को पूरे प्रेशर से पानी मिल सके। इसके साथ ही लावारिस कुत्तों पर अंकुश लगाने की दिशा में काम होना चाहिए। क्योंकि लावारिस कुत्तों की वजह से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। आए दिन कुत्ते लोगों को काटते रहते हैं।
इलाके में पुलिस की सुरक्षा बढाई जाए
फेज-2 निवासी रमा के मुताबिक उनका फेज-2 बिल्कुल चंडीगढ़ से सटा हुआ है। ऐसे में एक तो इलाके में पुलिस सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए। जिससे अपराधी किस्म के लोगों पर शिकंजा कसा जा सके। इसके साथ ही लावारिस कुत्तों की समस्या से लोगों को निजात दिलाई जानी चाहिए। वहीं, पानी की समस्या भी दूर होनी चाहिए।
ऊंचे पेड़ों और लावारिस कुत्तों की समस्या हल हो
फेज-2 निवासी सुमनप्रीत कौर ने बताया इलाके में ऊंचे पेड़ों की समस्या कई दिनों से इलाके में बनी हुई है। हल्की सी आंधी आने पर ऊंचे पेडों की वजह से लोगों का काफी नुकसान होता है। इसी तरह लावारिस कुत्तों की वजह से पार्कों में सैर करने में भी दिक्कत आती है। प्रशासन को उक्त समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए और इन समस्या का हल किया जाना चाहिए।
बॉक्स
एक नजर में फेज-2
फेज-2 के शहर के बार्डर पर स्थित है और यहां पर करीब 4500 मतदाता हैं। यह फेज नगर निगम चुनाव के लिए चार वार्डों से जुड़ा हुआ है। इसका एरिया वार्ड नंबर एक, तीन, चार और पचास में आता है।
फेज-2 के लोगों की मुख्य मांगें
1. पानी की समस्या दूर करने के लिए बूस्टर लगाया जाना चाहिए
2. ऊंचे पेड़ों की प्रूनिंग न होने से आंधी आने से लोग होते हैं परेशान
3. इलाके का पुराना सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम अकसर ब्लॉक रहता है
4. लावारिस कुत्तों और सड़कों पर घूमते लावारिस पशुओं की समस्या
5. शहर का एरिया चंडीगढ़ से लगा होने के चलते सुरक्षा पहरा मजबूत होना चाहिए
6. सभी फेज के मकानों की नंबर प्लेट को दुरुस्त किया जाना चाहिए
7. इलाके में एक नया सामुदायिक केेंद्र बनना चाहिए
8. पार्कों की साफ-सफाई पर और अन्य चीजों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
मदनपुर के बाहर बाहर डंपिंग प्वाइंट बना मुसीबत
- इलाके के लोगों ने बताया कि मदनपुर गांव के बाहर की ओर नगर निगम की तरफ से डंपिंग प्वाइंट साइट स्थापित किया गया है। लेकिन इससे लोगों काफी आफत में है। इससे हर दम बदबू उठती रहती है और इलाके के लावारिस पशु यहां मुंह मारते रहते हैं। यह मामला काफी दिनों से गर्माया हुआ है। नगर निगम कमिश्नर से मुख्यमंत्री तक को लोगों ने शिकायत दी है। लेकिन समस्या का उचित हल नहीं निकल रहा है। इससे करीब चार सेक्टरों के लोग प्रभावित हो रहे हैं। इनमें फेज-2, चार, फेज-3 और 3ए हैं।
विज्ञापन
क्या कहते हैं इलाके के लोग
हर साल मई आते ही होती है पानी की किल्लत
रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन फेज-2 के महासचिव विनोद मामिक बताते हैं कि इलाके में पानी की समस्या गंभीर है। जब गर्मियों का मौसम शुरू होता है तो मई से जून तक लोग पानी की किल्लत के कारण आफत में आ जाते हैं। यहां की ट्यूबवेल के लि बूस्टर मंजूर भी हुआ है। लेकिन अभी तक नहीं लगा है। जिससे यह समस्या आ रही है। लोग हर बार अधिकारियों से मिलते हैं तो टंपरेरी इंतजाम कर देते हैं। दूसरा ऊंचे पेड़ों की प्रूनिंग में दिक्कत आ रही है। यहां तक कि पेडों की वजह से लोगों की गाड़ियां तक क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इलाके में लगी मकानों की नंबर की प्लेटस को सुधारने की जरूरत है।
विज्ञापन
सीवरेज और ड्रेनेज बड़ी समस्या
रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन फेज-2 के एडवाइजर सीएल पंवार बताते हैं कि यहां सीवरेज और ड्रेनेज की बड़ी समस्या है। सीवरेज लाइन ब्लॉकेज की दिक्कत आती रहती है। इसके अलावा बरसात के मौसम में ड्रेनेज लाइन जवाब दे जाती हैं। दस साल से पानी की समस्या के हल के लिए ट्यूबवेल के लिए बूस्टर मंजूर हुआ था। लेकिन अभी तक समस्या जस की तस है। तीन मंजिला मकानों से ऊंचे तो पेड़ हो गए हैं। जो कि हर समय हादसों को न्योता दे रहे हैं।
नए सिरे से बनना चाहिए सामुदायिक केंद्र
रेजिडेंट्स सोशल वेलफेयर एसोसिएशन फेज-2 के प्रधान जगरूप सिंह बताते हैं कि पानी की गंभीर समस्या है। हर साल लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। इसके अलावा इलाके का सामुदायिक केंद्र पुराना हो चुका है। एक नया सामुदायिक केंद्र बनाया जाना चाहिए। लावारिस कुत्तों और पेड़ों की समस्या को भी दूर किया जाना चाहिए। वहीं, पेड़ों की सही तरीके से प्रूूनिंग होनी चाहिए।
लोगों की दिक्कतें
लावारिस कुत्ते बने मुसीबत
फेज-2 निवासी कर्नल रविंदर सिंह का कहना है कि एक तो पानी के लिए ट्यूबवेल पर बूस्टर जरूर लगाना चाहिए। जिससे लोगों को पूरे प्रेशर से पानी मिल सके। इसके साथ ही लावारिस कुत्तों पर अंकुश लगाने की दिशा में काम होना चाहिए। क्योंकि लावारिस कुत्तों की वजह से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। आए दिन कुत्ते लोगों को काटते रहते हैं।
इलाके में पुलिस की सुरक्षा बढाई जाए
फेज-2 निवासी रमा के मुताबिक उनका फेज-2 बिल्कुल चंडीगढ़ से सटा हुआ है। ऐसे में एक तो इलाके में पुलिस सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए। जिससे अपराधी किस्म के लोगों पर शिकंजा कसा जा सके। इसके साथ ही लावारिस कुत्तों की समस्या से लोगों को निजात दिलाई जानी चाहिए। वहीं, पानी की समस्या भी दूर होनी चाहिए।
ऊंचे पेड़ों और लावारिस कुत्तों की समस्या हल हो
फेज-2 निवासी सुमनप्रीत कौर ने बताया इलाके में ऊंचे पेड़ों की समस्या कई दिनों से इलाके में बनी हुई है। हल्की सी आंधी आने पर ऊंचे पेडों की वजह से लोगों का काफी नुकसान होता है। इसी तरह लावारिस कुत्तों की वजह से पार्कों में सैर करने में भी दिक्कत आती है। प्रशासन को उक्त समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए और इन समस्या का हल किया जाना चाहिए।
बॉक्स
एक नजर में फेज-2
फेज-2 के शहर के बार्डर पर स्थित है और यहां पर करीब 4500 मतदाता हैं। यह फेज नगर निगम चुनाव के लिए चार वार्डों से जुड़ा हुआ है। इसका एरिया वार्ड नंबर एक, तीन, चार और पचास में आता है।
फेज-2 के लोगों की मुख्य मांगें
1. पानी की समस्या दूर करने के लिए बूस्टर लगाया जाना चाहिए
2. ऊंचे पेड़ों की प्रूनिंग न होने से आंधी आने से लोग होते हैं परेशान
3. इलाके का पुराना सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम अकसर ब्लॉक रहता है
4. लावारिस कुत्तों और सड़कों पर घूमते लावारिस पशुओं की समस्या
5. शहर का एरिया चंडीगढ़ से लगा होने के चलते सुरक्षा पहरा मजबूत होना चाहिए
6. सभी फेज के मकानों की नंबर प्लेट को दुरुस्त किया जाना चाहिए
7. इलाके में एक नया सामुदायिक केेंद्र बनना चाहिए
8. पार्कों की साफ-सफाई पर और अन्य चीजों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।