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Panchkula News: रायपुररानी तहसील में रजिस्ट्री पर विवाद, धरने के बाद समझौता
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रायपुररानी। स्थानीय तहसील कार्यालय में बुधवार को रजिस्ट्री को लेकर मानकटाबरा गांव के सरपंच देवेंद्र वालिया और नायब तहसीलदार शिवराज के बीच तीखी नोकझोंक हो गई, जिसके बाद मामला बढ़ते-बढ़ते धरना प्रदर्शन तक पहुंच गया। बाद में पुलिस और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।
सरपंच देवेंद्र वालिया ने आरोप लगाया कि उन्होंने 2 फरवरी को रजिस्ट्री के लिए टोकन लिया था। बुधवार को जब वह निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के लिए तहसील कार्यालय पहुंचे तो नायब तहसीलदार ने कथित रूप से रजिस्ट्री के बदले पैसे की मांग की। सरपंच का कहना है कि पैसे देने से इनकार करने पर उनका रजिस्ट्री टोकन रद्द कर दिया गया और उनसे अभद्र भाषा में बात कर कार्यालय से बाहर जाने को कहा गया।
इस घटना के बाद कई नंबरदार, सरपंच और जिला परिषद सदस्य तहसील कार्यालय पहुंचे और विरोध स्वरूप धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरना लगभग दोपहर 3 बजे शुरू हुआ, जो शाम करीब 6:30 बजे तक चला। बाद में एसीपी राकेश कुमार मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराया।
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बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान नायब तहसीलदार ने भविष्य में अभद्र भाषा का प्रयोग न करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
वहीं नायब तहसीलदार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित रजिस्ट्री नियमों के विरुद्ध थी, इसलिए उसे करने से मना किया गया। उनके अनुसार, सरपंच द्वारा इस बात को लेकर विवाद खड़ा किया गया।
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सरपंच देवेंद्र वालिया ने आरोप लगाया कि उन्होंने 2 फरवरी को रजिस्ट्री के लिए टोकन लिया था। बुधवार को जब वह निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के लिए तहसील कार्यालय पहुंचे तो नायब तहसीलदार ने कथित रूप से रजिस्ट्री के बदले पैसे की मांग की। सरपंच का कहना है कि पैसे देने से इनकार करने पर उनका रजिस्ट्री टोकन रद्द कर दिया गया और उनसे अभद्र भाषा में बात कर कार्यालय से बाहर जाने को कहा गया।
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इस घटना के बाद कई नंबरदार, सरपंच और जिला परिषद सदस्य तहसील कार्यालय पहुंचे और विरोध स्वरूप धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरना लगभग दोपहर 3 बजे शुरू हुआ, जो शाम करीब 6:30 बजे तक चला। बाद में एसीपी राकेश कुमार मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराया।
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बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान नायब तहसीलदार ने भविष्य में अभद्र भाषा का प्रयोग न करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
वहीं नायब तहसीलदार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित रजिस्ट्री नियमों के विरुद्ध थी, इसलिए उसे करने से मना किया गया। उनके अनुसार, सरपंच द्वारा इस बात को लेकर विवाद खड़ा किया गया।