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नाराजगी : सेक्टर-20 के 111 सोसायटियों को एन्हांसमेंट से नहीं मिली राहत, संगठन 22 को एचएसवीपी कार्यालय के बाहर जताएंगे विरोध
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पंचकूला। सेक्टर-20 स्थित 111 सोसायटियों के लोगों को 19 साल बाद भी एन्हांसमेंट से राहत नहीं मिली है। इसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार 394 रुपये प्रति स्क्वायर यार्ड एन्हांसमेंट लिया जाना चाहिए था, लेकिन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने हजारों रुपये के हिसाब से लोगों से एन्हांसमेंट वसूला है। जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और अदालत का दरवाजा खटखटाया तो प्रदेश सरकार ने साल 2019 में 22 अगस्त को यूनिफार्म एन्हांसमेंट पॉलिसी बनाई। उसके बाद पूरे प्रदेश में एन्हांसमेंट की री केलकुलेशन की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन सेक्टर-20 के स्थानीय लोगों को आजतक इस पॉलिसी का लाभ नहीं मिल पाया है। एन्हांसमेंट, पार्किंग और ग्रीन बेल्ट को लेकर सेक्टर के लोग 18 से 21 दिसंबर तक स्थानीय कम्युनिटी सेंटर के बाहर एचएसवीपी के खिलाफ धरना देकर प्रदर्शन करेंगे। 22 दिसंबर को इन्हीं मुद्दों को लेकर एचएसवीपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।
आधा एकड़ प्लाट धारकों से एचएसवीपी ने कैसे वसूल किए एन्हांसमेंट
आधा एकड़ प्लॉट धारकों का साल 2002 में 811 रुपये 85 पैसे प्रति स्क्वायर मीटर, 2010 में 2276 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर, 2016 में 1315 रुपये छह पैसे प्रति स्क्वायर मीटर लिया गया। इसके बाद 2018 में एचएसवीपी ने उसी का डुप्लीकेट 1903 रुपये 26 पैैैसे प्रति स्क्वायर मीटर के हिसाब से एन्हांसमेंट का नोटिस भेज दिया। यह जानकारी जीएच-41 के स्थानीय निवासी योगेंद्र क्वात्रा ने दी। उन्होंने बताया कि सोसायटी के लोग इसके विरोध में अदालत पहुंचे तो एचएसवीपी ने कहा कि क्लेरिकल गलती के चलते 1903 रुपये 26 पैैैसे प्रति स्क्वायर मीटर की जगह 1315 रुपये छह पैसे प्रति स्क्वायर मीटर का नोटिस भेज दिया गया था। इसके बाद इस पर 15 फीसदी ब्याज भी लगा दिया। क्वात्रा ने बताया कि री केलकुलेशन नहीं होने के चलते यह बढ़कर 2258654 रुपये हो गए हैं। हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी एचएसवीपी ने कोई सुनवाई नहीं की।
ब्रासर दिखाया 892 का, प्लॉट दिया 1206 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर
आरडब्ल्यूए के प्रधान केके जिंदल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 2010 में 394 रुपये प्रति यार्ड का एन्हांसमेंट तय किया था, लेकिन 2011 के बाद एचएसवीपी लोगों को एन्हांसमेंट के नाम पर विभाग अवैध तौर पर भेजता रहा और लोगों से पैसा वसूलता रहा। कुल मिलाकर किसानों को जमीन के एवज में ब्याज देने के लिए विभाग ने स्थानीय लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया। इसका विभाग के पास कोई प्रमाण नहीं है। वहीं 1990 में एचएसवीपी ने 892 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर का ब्राशर दिखाया और प्लॉट (1990 से 1996 के बीच) 1206 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर के हिसाब से दिया। इसके अलावा एचएसवीपी ने तीन साल में प्लाट पर घर बनाने वालों को लैंड कास्ट का 20 फीसदी और चार साल में 10 फीसदी रिफंड करने का दावा भी खोखला साबित हुआ। वहीं एन्हांसमेंट से जुड़े सेक्टर-20 के जितने भी कोर्ट केस पर फैसले हुए हैं, उसको एचएसवीपी लागू नहीं कर पाया है।
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एन्हांसमेंट का बोझ डालते गए, सुविधाएं पूरी दी नहीं
सेक्टर-20 स्थित जीएच-106 के सेक्रेटरी बीके आष्टा ने बताया कि एक एकड़ प्लाट का एन्हांसमेंट के नाम पर चार किस्तों में एचएसवीपी ने अवैध रूप से स्थानीय लोगों से करोड़ों रुपये वसूल कर लिया, लेकिन बुनियादी सुविधाएं सेक्टर के लोगों को नहीं मिल पा रही हैं। आज भी 105 से 111 नंबर सोसायटी वालों का सीवर और बरसाती पानी की निकासी का बंदोबस्त विभाग नहीं कर पाया है। यहां सोसाइटी नंबर-111 के बाहर सीवर खुले में गिराया जा रहा है। वहीं एन्हांसमेंट के लिए 22 अगस्त 2019 को प्रदेश सरकार ने यूनिफार्म एन्हांसमेंट पॉलिसी बनाई थी, लेकिन विभाग उसे लागू भी नहीं कर पाया। इससे लोगों में रोष है।
कौड़ियों के दाम पर जमीन खरीदी, बेचा करोड़ों में
सोसायटी जीएच-104 के प्रधान और आरडब्ल्यूए के जनरल सेक्रेटरी अविनाश मलिक ने बताया कि एन्हांसमेंट, पार्किंग और ग्रीन बेल्ट को लेकर सेक्टर के लोग 18 से 21 दिसंबर तक स्थानीय कम्युनिटी सेंटर के बाहर एचएसवीपी के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगे। वहीं 22 दिसंबर को इन्हीं मुद्दों को लेकर एचएसवीपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। सेक्टर-20 के 254 एकड़ लैंड को एचएसवीपी ने 254 करोड़ में खरीदकर हजारों करोड़ में लोगों से बेचा और एन्हांसमेंट के नाम पर करोड़ों रुपये वसूल किए, जबकि 2010 के बाद एन्हांसमेंट को लेकर कोर्ट की कोई भी निर्देश नहीं है। जो सरासर लूट है। आर्बिटेशन के हिसाब से जो केस तय हो चुके हैं और तीन जजों की रिपोर्ट को मद्देनजर री केलकुलेशन किया जाए। वहीं फैसला के वक्त सेक्टर का एक प्रतिनिधि मंडल भी शमिल किया जाए, ताकि निष्पक्ष फैसला हो सके।
क्या है एन्हांसमेंट
जमीन की मुआवजा राशि जमीन मालिक को दी जाती है। अगर जमीन मालिक बाद में दी गई राशि को पर्याप्त नहीं पाता तो वह इस मामले में भूमि अधिग्रहण अधिनियम एक्ट के तहत आपत्ति दर्ज करता है। उसकी मांग पर अगर कोई राशि अवॉर्ड होती है तो खरीदार को वह राशि चुकानी होती है।
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आधा एकड़ प्लाट धारकों से एचएसवीपी ने कैसे वसूल किए एन्हांसमेंट
आधा एकड़ प्लॉट धारकों का साल 2002 में 811 रुपये 85 पैसे प्रति स्क्वायर मीटर, 2010 में 2276 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर, 2016 में 1315 रुपये छह पैसे प्रति स्क्वायर मीटर लिया गया। इसके बाद 2018 में एचएसवीपी ने उसी का डुप्लीकेट 1903 रुपये 26 पैैैसे प्रति स्क्वायर मीटर के हिसाब से एन्हांसमेंट का नोटिस भेज दिया। यह जानकारी जीएच-41 के स्थानीय निवासी योगेंद्र क्वात्रा ने दी। उन्होंने बताया कि सोसायटी के लोग इसके विरोध में अदालत पहुंचे तो एचएसवीपी ने कहा कि क्लेरिकल गलती के चलते 1903 रुपये 26 पैैैसे प्रति स्क्वायर मीटर की जगह 1315 रुपये छह पैसे प्रति स्क्वायर मीटर का नोटिस भेज दिया गया था। इसके बाद इस पर 15 फीसदी ब्याज भी लगा दिया। क्वात्रा ने बताया कि री केलकुलेशन नहीं होने के चलते यह बढ़कर 2258654 रुपये हो गए हैं। हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी एचएसवीपी ने कोई सुनवाई नहीं की।
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ब्रासर दिखाया 892 का, प्लॉट दिया 1206 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर
आरडब्ल्यूए के प्रधान केके जिंदल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 2010 में 394 रुपये प्रति यार्ड का एन्हांसमेंट तय किया था, लेकिन 2011 के बाद एचएसवीपी लोगों को एन्हांसमेंट के नाम पर विभाग अवैध तौर पर भेजता रहा और लोगों से पैसा वसूलता रहा। कुल मिलाकर किसानों को जमीन के एवज में ब्याज देने के लिए विभाग ने स्थानीय लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया। इसका विभाग के पास कोई प्रमाण नहीं है। वहीं 1990 में एचएसवीपी ने 892 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर का ब्राशर दिखाया और प्लॉट (1990 से 1996 के बीच) 1206 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर के हिसाब से दिया। इसके अलावा एचएसवीपी ने तीन साल में प्लाट पर घर बनाने वालों को लैंड कास्ट का 20 फीसदी और चार साल में 10 फीसदी रिफंड करने का दावा भी खोखला साबित हुआ। वहीं एन्हांसमेंट से जुड़े सेक्टर-20 के जितने भी कोर्ट केस पर फैसले हुए हैं, उसको एचएसवीपी लागू नहीं कर पाया है।
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एन्हांसमेंट का बोझ डालते गए, सुविधाएं पूरी दी नहीं
सेक्टर-20 स्थित जीएच-106 के सेक्रेटरी बीके आष्टा ने बताया कि एक एकड़ प्लाट का एन्हांसमेंट के नाम पर चार किस्तों में एचएसवीपी ने अवैध रूप से स्थानीय लोगों से करोड़ों रुपये वसूल कर लिया, लेकिन बुनियादी सुविधाएं सेक्टर के लोगों को नहीं मिल पा रही हैं। आज भी 105 से 111 नंबर सोसायटी वालों का सीवर और बरसाती पानी की निकासी का बंदोबस्त विभाग नहीं कर पाया है। यहां सोसाइटी नंबर-111 के बाहर सीवर खुले में गिराया जा रहा है। वहीं एन्हांसमेंट के लिए 22 अगस्त 2019 को प्रदेश सरकार ने यूनिफार्म एन्हांसमेंट पॉलिसी बनाई थी, लेकिन विभाग उसे लागू भी नहीं कर पाया। इससे लोगों में रोष है।
कौड़ियों के दाम पर जमीन खरीदी, बेचा करोड़ों में
सोसायटी जीएच-104 के प्रधान और आरडब्ल्यूए के जनरल सेक्रेटरी अविनाश मलिक ने बताया कि एन्हांसमेंट, पार्किंग और ग्रीन बेल्ट को लेकर सेक्टर के लोग 18 से 21 दिसंबर तक स्थानीय कम्युनिटी सेंटर के बाहर एचएसवीपी के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगे। वहीं 22 दिसंबर को इन्हीं मुद्दों को लेकर एचएसवीपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। सेक्टर-20 के 254 एकड़ लैंड को एचएसवीपी ने 254 करोड़ में खरीदकर हजारों करोड़ में लोगों से बेचा और एन्हांसमेंट के नाम पर करोड़ों रुपये वसूल किए, जबकि 2010 के बाद एन्हांसमेंट को लेकर कोर्ट की कोई भी निर्देश नहीं है। जो सरासर लूट है। आर्बिटेशन के हिसाब से जो केस तय हो चुके हैं और तीन जजों की रिपोर्ट को मद्देनजर री केलकुलेशन किया जाए। वहीं फैसला के वक्त सेक्टर का एक प्रतिनिधि मंडल भी शमिल किया जाए, ताकि निष्पक्ष फैसला हो सके।
क्या है एन्हांसमेंट
जमीन की मुआवजा राशि जमीन मालिक को दी जाती है। अगर जमीन मालिक बाद में दी गई राशि को पर्याप्त नहीं पाता तो वह इस मामले में भूमि अधिग्रहण अधिनियम एक्ट के तहत आपत्ति दर्ज करता है। उसकी मांग पर अगर कोई राशि अवॉर्ड होती है तो खरीदार को वह राशि चुकानी होती है।