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Panchkula News: कृष्ण लीला का वाचन सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु

Sat, 20 May 2023 01:35 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 20 May 2023 01:35 AM IST
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Devotees were overwhelmed by listening to the recitation of Krishna Leela
माई सिटी रिपोर्टर पंचकूला। माता मनसा देवी सेवक दल धर्मार्थ एवं भंडारा कमेटी की तरफ से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा साप्ताहिक ज्ञान कथा के पांचवें दिन कथा व्यास श्रीभगवान जी (बाल व्यास भैया जी) वृंदावन धाम ने लोगों को श्रीकृष्ण की बाल लीला, छप्पन भोग और गिरी राज पूजन के बारे में बताया। कमेटी के संरक्षक सतपाल गर्ग, प्रधान किशोरी लाल, महासचिव सिद्धार्थ गुप्ता, संयुक्त सचिव संजय गुप्ता एवं वरिष्ठ सदस्य संदीप गुप्ता ने कथा व्यास का स्वागत किया।
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कथा व्यास ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का रसास्वादन करवाया। बाल कृष्ण की लीलाओं का वाचन सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। भगवान श्री कृष्ण का बाल गोपाल के साथ माखन चोरी करने, गोपियों की मटकी फोडऩे, गोपियों को रिझाने बल चपलता दिखाने का चित्रण किया। उन्होंने बताया कि जिस समय पूतना दिखावे का रूप बनाकर के जाती है, भगवान समझ जाते हैं। क्योंकि भगवान हर इंसान के घट घट में रहने वाले हैं, हो सकता है दिखावे से अच्छे कपड़ों से अच्छे गहनों से निम्न व्यक्ति भी अच्छा दिखाई दे। लेकिन परमात्मा को हमारा सच्चा भाव चाहिए, जब तक हमारे मन में सच्चा भाव नहीं आएगा, तब तक हम यूं ही भटकते रहेंगे। यह भटकाव एक बार नहीं बार बार नहीं 84 लाख बार भटकना पड़ेगा। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाओं से जहां कंस के भेजे विभिन्न राक्षसों का संहार किया, वहीं ब्रज के लोगों को आनंद प्रदान किया।
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कथा के दौरान भगवान गिरिराज पर्वत को उठाते हुए सुंदर झांकी सजाई गई। इस दौरान भजनों पर श्रद्धालु देर तक नाचते रहे। प्रसंग में बताया गया कि इंद्र को अपनी सत्ता और शक्ति पर घमंड हो गया था। उसका गर्व दूर करने के लिए भगवान ने ब्रज मंडल में इंद्र की पूजा बंद कर गोवर्धन की पूजा शुरू करा दी। इससे गुस्साए इंद्र ने ब्रज मंडल पर भारी बरसात कराई। प्रलय से लोगों को बचाने के लिए भगवान ने कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। सात दिनों के बाद इंद्र को अपनी भूल का एहसास हुआ। इस मौके पर गोवर्धन लीला की झांकी भी सजाई गई। इस अवसर पर किशोरी लाल बंसल, राम निवास बंसल, सिद्धार्थ गुप्ता, संजय गुप्ता, शिव कुमार गोयल, सुभाष छोकरा, सतपाल गर्ग, पंडित ओम प्रकाश, जगदीश गर्ग, संदीप गुप्ता, अमित जिंदल, मोती लाल जिंदल भी उपस्थित थे।
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