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Chandigarh: संकट न होने के बावजूद 10 गुना महंगी दर पर खरीदा कोयला, आदेश को निरस्त करने की मांग

Thu, 28 Jul 2022 01:27 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 28 Jul 2022 01:27 AM IST
सार

ईईएफआई के उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 25 जुलाई को राज्यसभा में प्रश्न के लिखित उत्तर में कोयला की कोई कमी नहीं बताई है। बावजूद इसके राज्यों से कोयला आयात करवाया जा रहा है। जब देश में कोयले की कोई कमी ही नहीं है, तो 10 गुना महंगी दरों पर कोयला आयात करने का दबाव क्यों बनाया जा रहा है।

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Electricity Employees Federation of India protest against import of coal at 10 times costlier rates
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) ने संकट न होने के बावजूद 10 गुना महंगी दरों पर कोयला आयात करने का विरोध शुरू किया है। ईईएफआई ने प्रधानमंत्री से केंद्रीय बिजली मंत्रालय के 10 गुना मंहगी दरों पर कोयला आयात करने के आदेश को निरस्त करने की मांग की है।

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ईईएफआई का कहना है कि घरेलू कोयले का मूल्य लगभग 2 हजार रुपये प्रति टन है, आयातित कोयले का मूल्य लगभग 20 हजार रुपये प्रति टन है। आयातित कोयले से बिजली उत्पादन की लागत में लगभग एक रुपये प्रति यूनिट की वृद्धि होगी जो आम उपभोक्ताओं से वसूला जाएगा। यह अनुचित है। 
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ईईएफआई के उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 25 जुलाई को राज्यसभा में प्रश्न के लिखित उत्तर में कोयला की कोई कमी नहीं बताई है। बावजूद इसके राज्यों से कोयला आयात करवाया जा रहा है। जब देश में कोयले की कोई कमी ही नहीं है, तो 10 गुना महंगी दरों पर कोयला आयात करने का दबाव क्यों बनाया जा रहा है। नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर के बैनर तले 2 अगस्त को कंस्टीट्यूशन क्लब नई दिल्ली में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में बिजली संशोधन बिल 2022 के साथ ही केंद्रीय बिजली मंत्रालय के कोयला आयात करने आदेश को वापस लेने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी।
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ऑल हरियाणा पावर कार्पोरेशन्स वर्कर यूनियन के चेयरमैन देवेंद्र हुड्डा, प्रधान सुरेश राठी, महासचिव नरेश कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शब्बीर अहमद गनी व उपमहासचिव जितेंद्र तेवतिया ने केंद्र सरकार के दस गुना ज्यादा रेट पर कोयला आयात करने के निर्णय को अनुचित बताया है। 13 अगस्त को बिजली मंत्री रणजीत सिंह के सिरसा कार्यालय पर किए जाने वाले प्रदर्शन में अन्य मांगों के साथ इस मामले को भी प्रमुखता उठाया जाएगा। 


सुभाष लांबा ने कहा कि कोयला संकट न होते हुए भी राज्यों के बिजली घरों पर कोयला आयात करने का अनावश्यक दबाव डाला गया। केंद्रीय कोयला मंत्री के जवाब के बाद अब जरूरी हो गया है कि केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के कोयला आयात करने संबंधी सभी निर्देशों को तत्काल निरस्त किया जाए। आयातित कोयले का पूरा खर्च केंद्रीय विद्युत मंत्रालय को उठाना चाहिए।

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