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Panchkula News: मानसून से पहले डेंगू-मलेरिया अलर्ट
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दो मरीज मिल चुके, हाई रिस्क इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की विशेष निगरानीअस्पताल में बनाया 20 बेड का विशेष वार्ड
कालका, पिंजौर, सूरजपुर और नानकपुर में एंटी-लार्वा गतिविधियां तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। मानसून से पहले ही पंचकूला में डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ने लगा है। जिले में डेंगू और मलेरिया के दो मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। कालका, पिंजौर, सूरजपुर और नानकपुर जैसे हाई रिस्क क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, जबकि सिविल अस्पताल में 20 बेड का विशेष वार्ड भी तैयार किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हाल ही में कालका की एक महिला डेंगू पॉजिटिव पाई गई थी, जबकि पिछले महीने पिंजौर की रतपुर कॉलोनी में दो वर्षीय बच्चा मलेरिया से संक्रमित मिला था। सिविल अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 15 संदिग्ध बुखार के मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए जिले में 80 डोमेस्टिक ब्रीडर चेकर तैनात किए गए हैं, जो घर-घर जाकर मच्छरों के लार्वा की जांच करेंगे। इसके अलावा 32 सोर्स रिडक्शन टीमें संवेदनशील क्षेत्रों, ईंट-भट्ठों और पोल्ट्री फार्मों का निरीक्षण कर रही हैं। नानकपुर, कालका और बरवाला में एंटी-लार्वा गतिविधियां तेज कर दी गई हैं।
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कंटेनरों में मिला लारवा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कालका और पिंजौर के कई क्षेत्रों में पानी की कमी के कारण लोग पानी स्टोर कर रहे हैं। कंटेनरों में जमा पानी में मच्छरों का लारवा मिलने के मामले सामने आए हैं। मई के अंत तक 350 घरों को लारवा मिलने पर नोटिस जारी किए गए। विभाग ने इन क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी की है।
सूरजपुर-नानकपुर में बढ़ा खतरा
सूरजपुर और नानकपुर में कबाड़ और रुके हुए पानी के कारण डेंगू व मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के पनपने का खतरा बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने पंचायतों और औद्योगिक इकाइयों के साथ बैठक कर सफाई व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
हर महीने 1000 से अधिक जांच
सिविल अस्पताल में हर माह 1000 से 1200 संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच की जा रही है। पिछले महीने करीब 375 डेंगू सैंपलों की जांच हुई थी। अस्पताल में एनएस-1 एलाइजा किट के माध्यम से जांच की सुविधा उपलब्ध है।
सीएमओ की अपील
सीएमओ डॉ. मुक्ता ने कहा कि जुलाई से सितंबर मलेरिया का प्रमुख सीजन होता है। लोगों को कूलर, पानी की टंकियां और घर के आसपास जमा पानी की नियमित सफाई करनी चाहिए। बच्चों की विशेष देखभाल करें और बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं।
पीलिया और डायरिया के बढ़े मरीज
सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल में पीलिया और डायरिया के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को उबला या स्वच्छ पानी पीने, खुले खाद्य पदार्थों से परहेज करने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। उल्टी, दस्त, बुखार, कमजोरी या पीलिया के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की गई है।
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कालका, पिंजौर, सूरजपुर और नानकपुर में एंटी-लार्वा गतिविधियां तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। मानसून से पहले ही पंचकूला में डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ने लगा है। जिले में डेंगू और मलेरिया के दो मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। कालका, पिंजौर, सूरजपुर और नानकपुर जैसे हाई रिस्क क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, जबकि सिविल अस्पताल में 20 बेड का विशेष वार्ड भी तैयार किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हाल ही में कालका की एक महिला डेंगू पॉजिटिव पाई गई थी, जबकि पिछले महीने पिंजौर की रतपुर कॉलोनी में दो वर्षीय बच्चा मलेरिया से संक्रमित मिला था। सिविल अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 15 संदिग्ध बुखार के मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
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डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए जिले में 80 डोमेस्टिक ब्रीडर चेकर तैनात किए गए हैं, जो घर-घर जाकर मच्छरों के लार्वा की जांच करेंगे। इसके अलावा 32 सोर्स रिडक्शन टीमें संवेदनशील क्षेत्रों, ईंट-भट्ठों और पोल्ट्री फार्मों का निरीक्षण कर रही हैं। नानकपुर, कालका और बरवाला में एंटी-लार्वा गतिविधियां तेज कर दी गई हैं।
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कंटेनरों में मिला लारवा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कालका और पिंजौर के कई क्षेत्रों में पानी की कमी के कारण लोग पानी स्टोर कर रहे हैं। कंटेनरों में जमा पानी में मच्छरों का लारवा मिलने के मामले सामने आए हैं। मई के अंत तक 350 घरों को लारवा मिलने पर नोटिस जारी किए गए। विभाग ने इन क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी की है।
सूरजपुर-नानकपुर में बढ़ा खतरा
सूरजपुर और नानकपुर में कबाड़ और रुके हुए पानी के कारण डेंगू व मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के पनपने का खतरा बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने पंचायतों और औद्योगिक इकाइयों के साथ बैठक कर सफाई व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
हर महीने 1000 से अधिक जांच
सिविल अस्पताल में हर माह 1000 से 1200 संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच की जा रही है। पिछले महीने करीब 375 डेंगू सैंपलों की जांच हुई थी। अस्पताल में एनएस-1 एलाइजा किट के माध्यम से जांच की सुविधा उपलब्ध है।
सीएमओ की अपील
सीएमओ डॉ. मुक्ता ने कहा कि जुलाई से सितंबर मलेरिया का प्रमुख सीजन होता है। लोगों को कूलर, पानी की टंकियां और घर के आसपास जमा पानी की नियमित सफाई करनी चाहिए। बच्चों की विशेष देखभाल करें और बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं।
पीलिया और डायरिया के बढ़े मरीज
सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल में पीलिया और डायरिया के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को उबला या स्वच्छ पानी पीने, खुले खाद्य पदार्थों से परहेज करने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। उल्टी, दस्त, बुखार, कमजोरी या पीलिया के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की गई है।