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निजी स्कूल खोलने की मांग, प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन

Wed, 26 Jan 2022 01:12 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 26 Jan 2022 01:12 AM IST
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Demand to open private school, Private School Welfare Association submitted memorandum
पिंजौर। प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, हलका कालका विधायक प्रदीप चौधरी और डीसी पंचकूला महावीर कौशिक को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निजी स्कूलों को खोलने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में पीयूष पुंज प्रदेश सचिव, केके शर्मा पैटर्न, शैलेश शर्मा अध्यक्ष, सोहन लाल वर्मा महासचिव, विजय गुप्ता कोषाध्यक्ष, नरेंद्र राणा, राकेश कुमार, राकेश ठाकुर, जितेंद्र शर्मा सहित कई स्कूल संचालक शामिल हुए। निजी विद्यालयों के संचालकों द्वारा वर्ल्ड बैंक आदि संस्थाओं द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्टों का हवाला देकर प्रदेश सरकार से विद्यालयों को खोलने की मांग उठाई गई है। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा है कि एक जनवरी से स्कूलों को बंद करने के निर्णय से बच्चे, अभिभावक, शिक्षक और स्कूल संचालक संतुष्ट नहीं हैं। बच्चों की पढ़ाई का पहले ही बहुत नुकसान हो चुका है। अगर आगे भी इसी तरह स्कूल बंद रखे तो बच्चों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। ऑनलाइन पढ़ाई के नुकसान को तो सभी जानते हैं। अब वर्ल्ड बैंक और यूनीसेफ जैसी इंटरनेशनल संस्थाओं ने भी स्पष्ट तौर पर कहा है कि स्कूलों को बंद रखने का कोई आधार नहीं है। वर्ल्ड बैंक के शिक्षा निदेशक का कहना है कि स्कूल खोलने से संक्रमण में तेजी आने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। कई देशों में स्कूल बंद होने के बावजूद कोरोना संक्रमण की कई लहरें आई हैं। स्कूल बंद रखने से बच्चों में संक्रमण का जोखिम बहुत कम होता है, लेकिन इसकी तुलना में बच्चों की शिक्षा को लेकर होने वाला नुकसान अधिक होता है। कोरोना काल की शुरुआत के दौरान दुनिया भर में प्रतिबंधों का दौर शुरू हुआ। उस समय स्कूलों को बंद करना इसमें शामिल था। अब महामारी के दो साल बाद दुनियाभर में सरकारें ज्यादा परिपक्व फैसले कर सकती हैं। पिछले दो साल के दौरान भारत में स्कूल बंद होने से 10 साल तक के 70 फीसदी बच्चों की सीखने की क्षमता पर असर पड़ा है। इसे लर्निंग पावर्टी कहा जाता है। इसमें 10 साल तक के बच्चों को सामान्य वाक्यों को भी पढ़ने और लिखने में मुश्किलें आती हैं। यूनीसेफ द्वारा दिसंबर में जारी रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में करीब 100 से अधिक देशों में स्कूल खुल गए हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और जापान में हुए शोध के अनुसार स्कूल खोलने से संक्रमण फैलाव पर बहुत कम असर पड़ता है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि शिक्षण संस्थाओं को खोलने की मांग को लेकर प्रदेशभर में बड़े स्तर पर हो रहे धरने प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। अब तो प्रदेश के बच्चे और अभिभावक भी स्कूल खोलने की मांग कर रहे हैं। स्कूलों के बंद रहने से होने वाले नुकसान को अब बच्चे और अभिभावक समझ चुके हैं। इसलिए स्कूल खोलने की मांग दिन प्रतिदिन जोर पकड़ती जा रही है। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर और संचालकों द्वारा सभी करोना से संबंधित हिदायतों के पालन का आश्वासन देकर अनुरोध किया है कि स्कूल जल्द से जल्द खोले जाएं।
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