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फ्लैट के बदले एक मरले प्लॉट की मांग, डीसी को सौंपा ज्ञापन
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पंचकूला। 28 साल से प्लॉट पर कब्जा नहीं मिलने के कारण बुधवार को जिला सचिवालय में समाजसेवी राम प्रसाद सहित करीब 50 से अधिक लोगों ने मिलकर डीसी को ज्ञापन दिया है। इसमें उन्होंने फ्लैट के बदले एक मरले के प्लॉट की मांग की है। उन्होंने कहा कि पैसे जमा करने के बाद भी उन्हें इस पर 28 साल से कब्जा नहीं मिल पाया है। डीसी ने आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही इस मांग पर पूरा किया जाएगा।
समाजसेवी रामप्रसाद ने डीसी को दिए ज्ञापन में बताया कि राजीव और इंदिरा कॉलोनी के निवासी पिछले 35 सालों से नारकीय जीवन जीने का मजबूर हैं। उन्होंने पंचकूला को खूबसूरत बनाने में अहम योगदान दिया है। राजीव और इंदिरा कॉलोनी वासियों की पुर्नवास योजना का लाभ नहीं मिला है। वर्ष 1994 में हरियाणा सरकार की ओर से राजीव व इंदिरा कॉलोनी निवासियों के लिए पुर्नवास योजना बनाई थी। इसके तहत एक एक मरले के प्लॉट देने की योजना बनाई गई। इसमें प्लॉट की कीमत 10000 रुपये तय की गई थी। हुड्डा मुख्यालय के पत्र के अुनसार राजीव और इंदिरा कॉलोनी के लोगों को 99 वर्षों तक 25 रुपये मासिक किराये के रूप में सरकार को देने हैं। सर्वेक्षण करने के लिए एक कमेटी गठित की गई। दोनों कॉलोनियों में 5533 लोग झुग्गियों में रह रहे थे।
सर्वेक्षण के अनुसार 4149 लाभार्थी परिवारों की पहचान की गई जिसमें 3827 परिवारों को एक एक मरले के प्लाट के लिए 3321500 रुपये हुड्डा विभाग को इंडियन बैंक में लोगों ने पैसे जमा करवाए। 306 लोगों को संपदा अधिकारी की ओर से 1996 में अलॉटमेंट पत्र जारी कर दिए गए। सरकार आने जाने के बाद 28 साल बीत गए। आज तक लोगों को प्लॉट पर कब्जा नहीं दिया गया।
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2009 में करवाया था सर्वे
वर्ष 2009 में राजीव व इंदिरा कॉलोनी वासियों का एचएसवीपी विभाग की ओर से बायोमीट्रिक सर्वे करवाया गया। साथ ही वर्ष 2010 में विभाग के अधिकारियों की ओर से योजना के पात्र लोगों को गुमराह कर कॉलोनी वासियों से फ्लैट की राशि 76,75500 रुपये इंडियन बैंक सेक्टर-6 पंचकूला हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के खाते में जमा करवाई। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि उन्हें फ्लैट के बजाय एक मरले का प्लॉट दिया जाए।
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समाजसेवी रामप्रसाद ने डीसी को दिए ज्ञापन में बताया कि राजीव और इंदिरा कॉलोनी के निवासी पिछले 35 सालों से नारकीय जीवन जीने का मजबूर हैं। उन्होंने पंचकूला को खूबसूरत बनाने में अहम योगदान दिया है। राजीव और इंदिरा कॉलोनी वासियों की पुर्नवास योजना का लाभ नहीं मिला है। वर्ष 1994 में हरियाणा सरकार की ओर से राजीव व इंदिरा कॉलोनी निवासियों के लिए पुर्नवास योजना बनाई थी। इसके तहत एक एक मरले के प्लॉट देने की योजना बनाई गई। इसमें प्लॉट की कीमत 10000 रुपये तय की गई थी। हुड्डा मुख्यालय के पत्र के अुनसार राजीव और इंदिरा कॉलोनी के लोगों को 99 वर्षों तक 25 रुपये मासिक किराये के रूप में सरकार को देने हैं। सर्वेक्षण करने के लिए एक कमेटी गठित की गई। दोनों कॉलोनियों में 5533 लोग झुग्गियों में रह रहे थे।
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सर्वेक्षण के अनुसार 4149 लाभार्थी परिवारों की पहचान की गई जिसमें 3827 परिवारों को एक एक मरले के प्लाट के लिए 3321500 रुपये हुड्डा विभाग को इंडियन बैंक में लोगों ने पैसे जमा करवाए। 306 लोगों को संपदा अधिकारी की ओर से 1996 में अलॉटमेंट पत्र जारी कर दिए गए। सरकार आने जाने के बाद 28 साल बीत गए। आज तक लोगों को प्लॉट पर कब्जा नहीं दिया गया।
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2009 में करवाया था सर्वे
वर्ष 2009 में राजीव व इंदिरा कॉलोनी वासियों का एचएसवीपी विभाग की ओर से बायोमीट्रिक सर्वे करवाया गया। साथ ही वर्ष 2010 में विभाग के अधिकारियों की ओर से योजना के पात्र लोगों को गुमराह कर कॉलोनी वासियों से फ्लैट की राशि 76,75500 रुपये इंडियन बैंक सेक्टर-6 पंचकूला हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के खाते में जमा करवाई। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि उन्हें फ्लैट के बजाय एक मरले का प्लॉट दिया जाए।