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Panchkula News: इनड्राइव एप पर रोक की मांग, जवाब दाखिल न करने पर हरियाणा व चंडीगढ़ को हाईकोर्ट की फटकर

Fri, 23 Feb 2024 01:48 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Feb 2024 01:48 AM IST
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Demand for ban on Indrive app, High Court scolds Haryana and Chandigarh for not filing reply
चंडीगढ़। पंजीकरण के कैब सेवा चलाने वाली इनड्राइव एप पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन व हरियाणा सरकार को जवाब दाखिल नहीं करने पर फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने दोनों को सुप्रीम कोर्ट के उबर इंडिया बनाम महाराष्ट्र सरकार मामले में आदेश का पालन कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि जवाब नहीं दिया गया तो दोनों पर 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
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याचिका दाखिल करते हुए मोहाली निवासी हरगोबिंद सिंह ने एडवोकेट प्रदीप शर्मा व जसनीत कौर के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि भारत में बिना रजिस्ट्रेशन के इनड्राइव कैब सर्विस उपलब्ध करवा रही है। याची ने कहा कि ऐसा करने से देश को राजस्व का नुकसान हो रहा है क्योंकि पैसे सीधा ड्राइवर लेता है और इसलिए जीएसटी की वसूली भी नहीं हो पाती। यह कंपनी विदेशी है और भारत में रजिस्टर नहीं है ऐसे में यह भारतीय कानून की जद से भी बाहर है। ट्राइसिटी में यह सर्विस जुलाई 2019 में आरंभ की गई थी और तब से यह जारी है।
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एप में लोगों से उनकी निजी जानकारी ली जाती है और भारतीय कानून के अधीन न आने के चलते इस जानकारी को बेचा जा सकता है जिससे लोगों की निजता के हनन का खतरा बना रहता है। इसके साथ ही यहां पर ड्राइवरों के लाइसेंस की वेरिफिकेशन भी पूरी तरह से नहीं की जाती है जिससे ग्राहकों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। याची ने बताया कि भारतीय प्रावधान के तहत एप में पैनिक बटन अनिवार्य होता है जिसे खास तौर पर महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए रखा गया है। इस एप में इस तरह का पैनिक बटन भी नहीं है। एप को दुनिया के कई देशों में प्रतिबंधित किया गया है और भारत में भी इस पर प्रतिबंध होना चाहिए।
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याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि वेबबेस कैब सर्विस को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उबर इंडिया बनाम महाराष्ट्र सरकार मामले में दिशा निर्देश जारी किए हैं। आदेश का पालन हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ में कैसे हो रहा है इसको लेकर हाईकोर्ट ने जवाब मांगा था। पंजाब सरकार इस मामले में जवाब दे चुकी है लेकिन हरियाणा व चंडीगढ़ का जवाब आना बाकी है।
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