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किसानों के समर्थन में गाजीपुर बॉर्डर धरने पर पहुंचे दीपेंद्र

Fri, 29 Jan 2021 11:42 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 29 Jan 2021 11:42 PM IST
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Deepender arrives at the Ghazipur border support of strike farmers
गाजीपुर बॉर्डर पर किसान नेता राकेश टिकैत से मुलाकात के दौरान हरियाणा से कांग्रेस के राज्यसभा सा? - फोटो : m
चंडीगढ़। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा शुक्रवार को किसानों के समर्थन में गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे और शांति व अहिंसा की अपील की। हुड्डा ने भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का कुशलक्षेम जाना। उन्होंने लाल किले की घटना की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
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दीपेंद्र हुड्डा ने किसानों के साथ अमानवीय रवैये पर गहरा दु:ख और नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किसान को और रुलाने की बजाय सरकार को उसके आंसू पोंछने चाहिए। अकेले राकेश टिकैत की आंख में आंसू नहीं, आज सारे देश का किसान रो रहा है। सरकार निर्दोष किसानों का उत्पीड़न बंद करे और किसान विरोधी तीनों कृषि क़ानूनों को वापस लेकर जल्द गतिरोध ख़त्म करे।
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उन्होंने सवाल किया कि ये कैसी सरकार है जो किसान धरनास्थल पर पानी का कनेक्शन तक कटवा रही है? जो अन्नदाता खुद भूखे रहकर पूरे देश का पेट भरता है, उसका पानी कनेक्शन बंद कर सरकार ने पाप किया है। लोकतंत्र में हर वर्ग को शांतिपूर्ण तरीके से अपने हकों की लड़ाई लड़ने का अधिकार है। किसान पिछले दो महीने से ज्यादा समय से उसी शांति और अनुशासन के रास्ते पर संघर्ष कर रहे हैं। देश की राजधानी के विभिन्न बॉर्डर और प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर 175 से ज्यादा किसानों की जान कुर्बान होने के बावजूद कहीं कोई हिंसा की घटना नहीं हुई। 26 जनवरी को जो हुआ वो दुर्भाग्यपूर्ण है। जो कोई भी इसमें दोषी हो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मगर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का हिस्सा रहे निर्दोष किसानों को टारगेट नहीं किया जाना चाहिए।
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अशांति और हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं
हुड्डा ने कहा कि प्रजातंत्र में अशांति व हिंसा के लिये कोई स्थान नहीं है। ये गांधी और बुद्ध का देश है। सत्य, अहिंसा के बताये उनके मार्ग पर ही चलकर हमारे पूर्वजों ने अंग्रेजों से आज़ादी की कठिन लड़ाई को लड़ा और जीत हासिल की। किसान भी इसी रास्ते पर सरकार से अपनी लड़ाई को लड़ रहे हैं और उन्हें निश्चित तौर पर सफलता हासिल होगी।
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