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Panchkula News: सेक्टर 38 वेस्ट के फ्लैट्स में लिफ्ट लगवाने की अनुमति पर 6 सप्ताह में होगा फैसला
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चंडीगढ़। 3 जनवरी, 2023 को चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की मीटिंग में सैद्धांतिक रूप से बहुमंजिला फ्लैट्स में लिफ्ट लगाने का प्रावधान करने के एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद क्रियान्वित नहीं हो पाने पर सेक्टर 38 वेस्ट के लोगों ने हाईकोर्ट की शरण ली है। हाईकोर्ट में यूटी प्रशासन व चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने विश्वास दिलाया कि 6 सप्ताह के भीतर इस बारे में निर्णय ले लिया जाएगा। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।
कर्नल जतिंदर सिंह व अन्य ने एडवोकेट अशोक कुमार खुुब्बर के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया था कि फ्लैट्स में लिफ्ट का प्रावधान बहुत आवश्यक है, क्योंकि पहली एवं दूसरी मंजिल तक जाने में वरिष्ठ नागरिकों एवं कई प्रकार के रोगों से ग्रस्त लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। हाउसिंग बोर्ड ने नीड बेस चेंज नीति के तहत एचआईजी फ्लैट में लिफ्ट लगाने की अनुमति देने का फैसला लिया था। इस फैसले के बावजूद मामला प्रशासन और हाउसिंग बोर्ड के बीच उलझा हुआ है। इसके चलते स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।
प्रशासन और हाउसिंग बोर्ड ने हाईकोर्ट के समक्ष अपनी दलीलें रखीं। प्रशासन व हाउसिंग बोर्ड ने हाईकोर्ट को विश्वास दिलाया कि 6 सप्ताह के भीतर लिफ्ट को लेकर अंतिम फैसला ले लिया जाएगा। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता प्रशासन और बोर्ड के फैसले से असंतुष्ट हों तो फिर से याचिका दाखिल करने की उन्हें छूट रहेगी।
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कर्नल जतिंदर सिंह व अन्य ने एडवोकेट अशोक कुमार खुुब्बर के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया था कि फ्लैट्स में लिफ्ट का प्रावधान बहुत आवश्यक है, क्योंकि पहली एवं दूसरी मंजिल तक जाने में वरिष्ठ नागरिकों एवं कई प्रकार के रोगों से ग्रस्त लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। हाउसिंग बोर्ड ने नीड बेस चेंज नीति के तहत एचआईजी फ्लैट में लिफ्ट लगाने की अनुमति देने का फैसला लिया था। इस फैसले के बावजूद मामला प्रशासन और हाउसिंग बोर्ड के बीच उलझा हुआ है। इसके चलते स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।
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प्रशासन और हाउसिंग बोर्ड ने हाईकोर्ट के समक्ष अपनी दलीलें रखीं। प्रशासन व हाउसिंग बोर्ड ने हाईकोर्ट को विश्वास दिलाया कि 6 सप्ताह के भीतर लिफ्ट को लेकर अंतिम फैसला ले लिया जाएगा। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता प्रशासन और बोर्ड के फैसले से असंतुष्ट हों तो फिर से याचिका दाखिल करने की उन्हें छूट रहेगी।
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