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Panchkula News: हॉस्टल नहीं होने से परेशान मूक बधीर, 13 साल से नहीं हुआ निर्माण

Sat, 08 Jul 2023 01:43 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jul 2023 01:43 AM IST
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Deaf and mute upset due to lack of hostel, construction not done for 13 years
हॉस्टल नहीं होने के कारण सेक्टरों में किराये पर ले रहे मकान, लोगों को सांकेतिक भाषा नहीं समझ आने के कारण नहीं हो पाता संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जो बच्चे बोल और सुन नहीं पाते उनकी शिक्षा के लिए शहर के सेक्टर-16 में हरियाणा वाणी एवं श्रवण संस्थान संचालित है। यहां पर देशभर से विभिन्न कक्षाओं के 93 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। मगर उनके रहने के लिए यहां पर हॉस्टल नहीं है। इसी कारण मजबूरी में इनको सेक्टरों में कमरे किराये पर लेकर रहना पड़ रहा है। इससे इन पर आर्थिक बोझ तो पढ़ ही रहा है, वहीं सुनने और बोलने की क्षमता नहीं होने के कारण ये लोगों के साथ संवाद भी नहीं कर पाते हैं। लोग इनकी सांकेतिक भाषा नहीं समझ पाते, इस वजह से बातचीत नहीं हो पाती। इनको सेक्टरों में कमरे ढूंढ़ने में भी काफी परेशानी होती है।
हरियाणा वाणी एवं श्रवण निशक्तजन कल्याण समिति का गठन 1971 में तत्कालीन राज्यपाल बीएन ने किया था। इसका मुख्यालय पंचकूला में है। 1990 में प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल ने सेक्टर-16 में समिति को एक एकड़ जगह दी थी। इसी में मुख्यालय बनाया गया और डीएड और डीटीआईएसएल कोर्स की व्यवस्था शुरू की। फिलहाल दोनों विषयों के 89 बच्चे यहां पढ़ रहे हैं। वहीं छह साल तक की उम्र के भी चार बच्चे सांकेतिक भाषा सीखने आते हैं। इन बच्चाें को हॉस्टल की सुविधा मिल सके इसलिए करीब 13 साल पहले हॉस्टल का निर्माण शुरू किया गया था। मगर बजट नहीं होने के कारण केवल नींव ही डल सकी, काम पूरा नहीं हो सका। स्थानीय अधिकारियों ने सरकार और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कई बार इस बारे में अवगत कराया जा चुका है। हर बार बजट के लिए हां कर दी जाती है, मगर बजट दिया नहीं जाता है।
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अलग-अलग राज्यों से पढ़ने आते हैं बच्चे
संस्थान में पढ़ने के लिए आने वाले बच्चे हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से भी आते हैं। कुछ बच्चे शहर या आस-पास के क्षेत्र से हैं, वो अपने घर से आना-जाना कर लेते हैं, मगर दूसरे प्रदेशों से आने वाले बच्चों को यहां रहने के लिए किराये के कमरों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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2100 क्विंटल सरिया पीडब्ल्यूडी के पास
हॉस्टल का निर्माण कार्य जब शुरू हुआ था तो उसके लिए पर्याप्त सरिया मंगवा लिया गया था। मगर बजट की कमी से जब काम रुक गया तो वो सरिया पीडब्ल्यूडी ने प्रयोग कर लिया। इसके लिए यह समझौता हुआ था कि निर्माण के समय पर इतना ही सरिया या वर्तमान दर के हिसाब से सरिये की कीमत अदा कर दी जाएगी।

प्रदेश में 8 जगह सेंटर, केवल पंचकूला में हॉस्टल नहीं
हरियाणा वाणी एवं श्रवण निशक्तजन कल्याण समिति की ओर से प्रदेश के सात जिलों में आठ सेंटर चलाए जा रहे हैं। इन सेंटरों में अलग-अलग स्तर तक शिक्षा दी जा रही है। इनमें से पंचकूला में दो और गुरुग्राम, करनाल, हिसार, सोनीपत, सिरसा और मेवात में एक-एक सेंटर हैं। पंचकूला के रायपुररानी ब्लॉक में भी एक सेंटर है, वहां पर हॉस्टल भी है। इसके अलावा बाकी सभी सेंटरों में भी हॉस्टल बनाए गए हैं। मगर पंचकूला में मुख्यालय होने के बावजूद भी हॉस्टल का निर्माण नहीं किया गया है।



सेंटर विद्यार्थी हॉस्टलर डे स्कॉलर
गुरुग्राम 221 75 146
करनाल 241 92 149
हिसार 222 56 166
सोनीपत 67 41 26
पंचकूला 93 00 93
रायपुररानी 41 34 07
सिरसा 92 51 41
मेवात 50 32 18

हाॅस्टल और स्कूल के निर्माण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस बारे में लगातार संबंधित अधिकारियों और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही यह मांग पूरी हो जाए। - सुनीता खरब, ऑर्गेनाइजर सेक्रेटरी, पंचकूला सेंटर
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