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डेयरी संचालक अब गर्मी में भी कर सकेंगे सुरक्षित दूध भंडारण
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चंडीगढ़। पंजाब के डेयरी संचालक आने वाली गर्मियों में भी दूध का सुरक्षित भंडारण कर सकेंगे। पंजाब सरकार ने 500 किलो दूध उत्पादन करने वाले डेयरी संचालकों को बल्क मिल्क कूलर देने का एलान किया है। रविवार को सहकारिता विभाग की बैठक में दूध उत्पादन में बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह फैसला किया गया। अब तक सरकार की ओर से 1200 बल्क मिल्क कूलर डेयरी संचालकों को दिए जा चुके हैं।
चंडीगढ़ में विभागीय सभागार में आयोजित हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बताया कि जब से दूध सभाओं को यह बल्क मिल्क कूलर दूध एकत्रित करने और इसको ठंडा करने के लिए दिए गए हैं, इससे दूध की गुणवत्ता में बहुत सुधार हुआ है। सहकारी सभाओं का लाभ भी बढ़ा है और साथ ही सभाओं के साथ जुड़े हुए दूध उत्पादकों को आर्थिक लाभ भी हुआ है। यह बल्क मिल्क कूलर आम तौर पर दूध सभाओं को सब्सिडी पर दिए जाते हैं और बाकी रकम दूध उत्पादक सभाओं से उनके दूध की कीमत में से आसान किस्तों में काट ली जाती है।
वेरका के मिल्क प्लांटों के साथ दूध उत्पादक सहकारी सभाओं के अलावा लगभग 2300 प्रोग्रेसिव डेयरी संचालक सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं और जिनको अभी तक यह सुविधा नहीं दी गई थी। सहकारी सभाओं के रजिस्ट्रार विकास गर्ग ने अलग-अलग प्लांटों के अधिकारियों को कहा कि मिल्क प्लाटों के काम को और सुचारु ढंग के साथ चलाने के लिए आई मुश्किलों को उनके ध्यान में लाया जाए ताकि उनका तुरंत हल निकाला जा सके।
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मिल्कफेड के एमडी कमलदीप सिंह संघ ने बताया कि इच्छुक प्रोग्रेसिव डेयरी फारमर्स इस स्कीम संबंधी ज्यादा जानकारी लेने के लिए अपने पास के वेरका मिल्क प्लांट के मैनेजर दूध प्राप्ति के साथ संपर्क कर सकते हैं।
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चंडीगढ़ में विभागीय सभागार में आयोजित हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बताया कि जब से दूध सभाओं को यह बल्क मिल्क कूलर दूध एकत्रित करने और इसको ठंडा करने के लिए दिए गए हैं, इससे दूध की गुणवत्ता में बहुत सुधार हुआ है। सहकारी सभाओं का लाभ भी बढ़ा है और साथ ही सभाओं के साथ जुड़े हुए दूध उत्पादकों को आर्थिक लाभ भी हुआ है। यह बल्क मिल्क कूलर आम तौर पर दूध सभाओं को सब्सिडी पर दिए जाते हैं और बाकी रकम दूध उत्पादक सभाओं से उनके दूध की कीमत में से आसान किस्तों में काट ली जाती है।
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वेरका के मिल्क प्लांटों के साथ दूध उत्पादक सहकारी सभाओं के अलावा लगभग 2300 प्रोग्रेसिव डेयरी संचालक सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं और जिनको अभी तक यह सुविधा नहीं दी गई थी। सहकारी सभाओं के रजिस्ट्रार विकास गर्ग ने अलग-अलग प्लांटों के अधिकारियों को कहा कि मिल्क प्लाटों के काम को और सुचारु ढंग के साथ चलाने के लिए आई मुश्किलों को उनके ध्यान में लाया जाए ताकि उनका तुरंत हल निकाला जा सके।
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मिल्कफेड के एमडी कमलदीप सिंह संघ ने बताया कि इच्छुक प्रोग्रेसिव डेयरी फारमर्स इस स्कीम संबंधी ज्यादा जानकारी लेने के लिए अपने पास के वेरका मिल्क प्लांट के मैनेजर दूध प्राप्ति के साथ संपर्क कर सकते हैं।