पंचकूला। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पंचकूला ने शुक्रवार को मनसा देवी कांप्लेक्स (एमडीसी) के साइबर थाने में तैनात सिपाही प्रदीप कुमार को 1.15 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी सिपाही को रविवार को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया है। इस मामले में पहले ही एएसआई जसबीर सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जानकारी के अनुसार यह मामला फरवरी-2024 में उस समय का है, जब शिकायतकर्ता ने मुथूट फाइनेंस कंपनी से गोल्ड लोन लिया था और उसे चुकाने के लिए सेक्टर-20 पंचकूला के कैश योर गोल्ड कंपनी से संपर्क किया था। कंपनी ने 5.65 लाख रुपये शिकायतकर्ता के खाते में आरटीजीएस से भेजे थे। बदले में शिकायतकर्ता को वह सोना कंपनी को लौटाना था। लेकिन विवाद के चलते कंपनी ने शिकायत साइबर थाना, गुरुग्राम में दर्ज करवा दी। इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने शिकायतकर्ता और उसके जानकारों के बैंक खाते फ्रीज करवा दिए गए। इसके बाद यह मामला साइबर थाना, मनसा देवी कांप्लेक्स, पंचकूला को ट्रांसफर किया गया था। जांच अधिकारी एएसआई जसबीर ने फ्रीज खाते को चालू कराया, जिसके बदले में उसने 2.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। रंगे हाथों पकड़ने की योजना के तहत सिपाही प्रदीप कुमार को 1.15 लाख रुपये नकद लेते हुए पकड़ लिया गया है। इस मामले में भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि सिपाही प्रदीप कुमार ने अपने वरिष्ठ एएसआई के साथ मिलकर शिकायतकर्ता पर रिश्वत देने का दबाव बनाया था। इस मामले की जांच सतर्कता ब्यूरो की ओर से की जा रही है।