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कर्फ्यू में प्रवासियों को यूपी-बिहार पहुंचाने वाला गिरोह काबू
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पंजाब पुलिस ने कर्फ्यू /तालाबंदी के बीच प्रवासी मजदूरों के लिए अपने राज्यों में वापसी का रास्ता बनाने में जुटे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो अब तक 3.5 लाख रुपये के एवज में 71 मजदूरों को उत्तर प्रदेश और बिहार पहुंचा चुका है। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि गैंग के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है और उनके ख़िलाफ़ टांडा थाने में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए हैं। इन नौ लोगों द्वारा इस्तेमाल किए गए फ़ोन जब्त कर लिए गए हैं। फिलहाल गिरोह का एक सदस्य फरार है। डीजीपी ने कहा कि मुलजिम टेंपो ट्रेवलर ट्रैवलर के लिए लगभग 60000 रुपये और इनोवा के लिए लगभग 30000 रुपये ले रहे थे। फर्जी कर्फ्यू पासों की मदद से अब तक पंजाब में से 71 मजदूरों की तस्करी की गई, जिनमें से 13 को एक ट्रक में भेजा गया जबकि दो टेंपो ट्रैवलर में 20 और तीन इनोवा में 6-6 मजदूरों को भेजा गया।
पैसा लौटाने के झगड़े ने मामला पुलिस तक पहुंचाया
बिहार के गौंडा जिले के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के लखनऊ और सहारनपुर में 12 अप्रैल से अब तक ऐसे वाहन चलाने वाले वाहन चार चक्कर लगा चुके हैं। इस गिरोह का पर्दाफाश होशियारपुर पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर किया गया। कुछ फर्जी कर्फ्यू पास पंजाब से हरियाणा और यूपी सरहद पार करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे। राजपुरा के शंभू बैरियर पर ड्यूटी कर रहे अधिकारी को शक होने पर उस गिरोह के लिए मुसीबत खड़ी हो गई और उसने ऐसे प्रवासियों को ले जाने वाले वाहनों में से एक को टांडा वापस जाने के लिए कहा। डीजीपी ने बताया कि टांडा वापस लौटने पर मजदूर मुलजिमों से अपने पैसे लौटाने की मांग करने लगे और यह बात पुलिस तक पहुंच गई।
कंप्यूटर के जरिये तैयार किए गए फर्जी कर्फ्यू पास
एसएसपी होशियारपुर गौरव गर्ग, जिन्होंने जांच का नेतृत्व किया, ने कहा कि आरोपियों ने कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके जाली कर्फ्यू पास बनाए थे और उन्हें वाहनों के सामने वाले शीशे पर चिपकाया गया था। वाहन के चालक और सहयोगी क्लीनर को जाली पास की कापियां दी गई, जो बटाला एसडीएम की तरफ से आईजीआई एयरपोर्ट दिल्ली के लिए एक टैक्सी चालक को जारी किए गए एक असली पास का प्रयोग करके फोटोशूट द्वारा बनाई गई थी। दोषी दोपहर के खाने के दौरान शंभू बार्डर पर एक पेट्रोल पंप पर चालक को मिले थे और चालक ने उनको अपना पास दिखाया, जिसकी उन्होंने बिना किसी परेशानी के इधर -उधर जाने के लिए इस्तेमाल करने के बहाने फोटो खिंची। यहीं उन्हें कर्फ्यू पास की फोटो को कर्फ्यू पास के तौर पर बरतने और पैसा कमाने का विचार आया।
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नौ आरोपियों पर आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत भी केस दर्ज
एसएसपी गर्ग ने बताया कि 24 अप्रैल को आईपीसी की धारा 419, 420, 465, 466, 468, 471, 188, 269, 270, 271,120 -बी और आपदा प्रबंधन एक्ट की धारा 51 और 52 के अंतर्गत 9 व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान सतनाम सिंह उर्फ जस्सी पुत्र पवित्र दयाल निवासी वार्ड नंबर 4 दशमेश नगर टांडा, रवि कुमार उर्फ रवि पुत्र सुन्दर लाल निवासी संतोष नगर थाना सिटी, गौरव कुमार पुत्र उमा कांत निवासी तलवाड़ मोहल्ला, वार्ड नंबर 11 टांडा, सुखविंदर सिंह उर्फ राजू पुत्र सुरजीत सिंह निवासी अलोवाल थाना बुलोवाल, चंद्र मोहन पुत्र कमलजीत सिंह निवासी वार्ड नंबर 3 मियानी थाना टांडा होशियारपुर, अजय पाल पुत्र रेशम सिंह निवासी वार्ड नंबर 31 मोहल्ला प्रेमगड़ थाना सिटी, कमल महिरा पुत्र कुन्दन लाल निवासी वार्ड नं. 7 बस्सी खवाजू थाना माडल टाऊन, विशाल वोहरा उर्फ शानू पुत्र कृष्ण लाल वोहरा निवासी हरी नगर होशियारपुर और पंकज कुमार पुत्र दर्शन लाल निवासी वार्ड नंबर 7 बस्सी खवाजू थाना मॉडल टाउन होशियारपुर के तौर पर हुई है।
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पैसा लौटाने के झगड़े ने मामला पुलिस तक पहुंचाया
बिहार के गौंडा जिले के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के लखनऊ और सहारनपुर में 12 अप्रैल से अब तक ऐसे वाहन चलाने वाले वाहन चार चक्कर लगा चुके हैं। इस गिरोह का पर्दाफाश होशियारपुर पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर किया गया। कुछ फर्जी कर्फ्यू पास पंजाब से हरियाणा और यूपी सरहद पार करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे। राजपुरा के शंभू बैरियर पर ड्यूटी कर रहे अधिकारी को शक होने पर उस गिरोह के लिए मुसीबत खड़ी हो गई और उसने ऐसे प्रवासियों को ले जाने वाले वाहनों में से एक को टांडा वापस जाने के लिए कहा। डीजीपी ने बताया कि टांडा वापस लौटने पर मजदूर मुलजिमों से अपने पैसे लौटाने की मांग करने लगे और यह बात पुलिस तक पहुंच गई।
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कंप्यूटर के जरिये तैयार किए गए फर्जी कर्फ्यू पास
एसएसपी होशियारपुर गौरव गर्ग, जिन्होंने जांच का नेतृत्व किया, ने कहा कि आरोपियों ने कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके जाली कर्फ्यू पास बनाए थे और उन्हें वाहनों के सामने वाले शीशे पर चिपकाया गया था। वाहन के चालक और सहयोगी क्लीनर को जाली पास की कापियां दी गई, जो बटाला एसडीएम की तरफ से आईजीआई एयरपोर्ट दिल्ली के लिए एक टैक्सी चालक को जारी किए गए एक असली पास का प्रयोग करके फोटोशूट द्वारा बनाई गई थी। दोषी दोपहर के खाने के दौरान शंभू बार्डर पर एक पेट्रोल पंप पर चालक को मिले थे और चालक ने उनको अपना पास दिखाया, जिसकी उन्होंने बिना किसी परेशानी के इधर -उधर जाने के लिए इस्तेमाल करने के बहाने फोटो खिंची। यहीं उन्हें कर्फ्यू पास की फोटो को कर्फ्यू पास के तौर पर बरतने और पैसा कमाने का विचार आया।
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नौ आरोपियों पर आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत भी केस दर्ज
एसएसपी गर्ग ने बताया कि 24 अप्रैल को आईपीसी की धारा 419, 420, 465, 466, 468, 471, 188, 269, 270, 271,120 -बी और आपदा प्रबंधन एक्ट की धारा 51 और 52 के अंतर्गत 9 व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान सतनाम सिंह उर्फ जस्सी पुत्र पवित्र दयाल निवासी वार्ड नंबर 4 दशमेश नगर टांडा, रवि कुमार उर्फ रवि पुत्र सुन्दर लाल निवासी संतोष नगर थाना सिटी, गौरव कुमार पुत्र उमा कांत निवासी तलवाड़ मोहल्ला, वार्ड नंबर 11 टांडा, सुखविंदर सिंह उर्फ राजू पुत्र सुरजीत सिंह निवासी अलोवाल थाना बुलोवाल, चंद्र मोहन पुत्र कमलजीत सिंह निवासी वार्ड नंबर 3 मियानी थाना टांडा होशियारपुर, अजय पाल पुत्र रेशम सिंह निवासी वार्ड नंबर 31 मोहल्ला प्रेमगड़ थाना सिटी, कमल महिरा पुत्र कुन्दन लाल निवासी वार्ड नं. 7 बस्सी खवाजू थाना माडल टाऊन, विशाल वोहरा उर्फ शानू पुत्र कृष्ण लाल वोहरा निवासी हरी नगर होशियारपुर और पंकज कुमार पुत्र दर्शन लाल निवासी वार्ड नंबर 7 बस्सी खवाजू थाना मॉडल टाउन होशियारपुर के तौर पर हुई है।