{"_id":"596a78394f1c1b490f8b48b6","slug":"191500149817-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलंकित हुए रिश्ते : भाई पर दुराचार का आरोप","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कलंकित हुए रिश्ते : भाई पर दुराचार का आरोप
Updated Sun, 16 Jul 2017 01:46 AM IST
विज्ञापन
कलंकित हुए रिश्ते: भाई पर बार-बार दुराचार का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
एक दिन पहले सगे मामा द्वारा 11 साल की बच्ची से कई बार रेप का मामला सामने आने के बाद रिश्तों को कलंकित करने का एक ओर मामला सामने आया है। इसमें एक नाबालिग ने सगे भाई पर कई बार दुराचार का आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर केस दर्ज कर आरोपी 20 वर्षीय भाई को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ दुराचार और पॉक्सो एक्ट 6 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने कहा कि उसका बड़ा भाई उससे कई बार दुराचार कर चुका है। सबसे पहले उसने 2016 में उससे दुराचार किया था। उसने मां को इसके बारे में बताया, लेकिन उसकी मां ने इसे अनसुना कर दिया और बाहर भी किसी को इसके बारे में बताने से इंकार कर दिया।
मां के उसकी बातों पर कोई कदम न उठाने से उसके भाई का हौसला बढ़ गया और कुछ समय बाद उसने फिर से उसके साथ गलत काम किया। इसके बाद उसके विरोध करने और पुलिस में शिकायत करने की बात कहने पर उसने दोबारा ऐसा नहीं किया। लेकिन, इस साल अप्रैल-मई में उसने फिर से उसके साथ गलत काम किया।
विज्ञापन
इसके बाद पिछले दिनों फिर से उसने उसके साथ ऐसा किया। इससे परेशान होकर उसने स्कूल प्रिंसिपल को रोते-रोते अपने साथ हो रही घटना की जानकारी दी। स्कूल प्रिंसिपल ने फौरन इसकी सूचना पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पुलिस ने महिला मामलों के लिए स्पेशल अधिकारी को जांच के लिए भेजा गया। मेडिकल में दुराचार की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी भाई के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्राइवेट काम करता है और उसके माता-पिता भी मजदूरी का काम करते हैं।
बाक्स
164 के बयान में घर जाने से किया इंकार
पुलिस ने पीड़िता के शनिवार को धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए। इसमें पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष माता-पिता के पास घर जाने से इंकार कर दिया। उसने कहा कि उसे अब उस घर में जाने से भी डर लगता है। इसलिए वह अब वहां नहीं जाना चाहती। इस पर अदालत ने उसे सेक्टर-15 स्थित आशियाना में भेज दिया।
मेडिकल और बयान दर्ज कराने के लिए 3-4 घंटे इंतजार
शनिवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान देने से पहले पीड़िता को तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इससे पहले पीड़िता को सरकारी अस्पताल में भी 3-4 घंटे तक इंतजार करना पड़ा था। रेप जैसे संवेदनशील मामलों में सुप्रीम कोर्ट तक पीड़िताओं को विशेष तव्वजों देने की बात कह चुका है। बावजूद इसके सरकारी तंत्र ऐसे मामलों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ये ऐसा पहला मामला नहीं है जब रेप पीड़िता को मेडिकल और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा हो। सरकारी अस्पताल और जिला अदालत में ऐसे मामले आए दिन सामने आते रहते हैं।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
एक दिन पहले सगे मामा द्वारा 11 साल की बच्ची से कई बार रेप का मामला सामने आने के बाद रिश्तों को कलंकित करने का एक ओर मामला सामने आया है। इसमें एक नाबालिग ने सगे भाई पर कई बार दुराचार का आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर केस दर्ज कर आरोपी 20 वर्षीय भाई को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ दुराचार और पॉक्सो एक्ट 6 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने कहा कि उसका बड़ा भाई उससे कई बार दुराचार कर चुका है। सबसे पहले उसने 2016 में उससे दुराचार किया था। उसने मां को इसके बारे में बताया, लेकिन उसकी मां ने इसे अनसुना कर दिया और बाहर भी किसी को इसके बारे में बताने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
मां के उसकी बातों पर कोई कदम न उठाने से उसके भाई का हौसला बढ़ गया और कुछ समय बाद उसने फिर से उसके साथ गलत काम किया। इसके बाद उसके विरोध करने और पुलिस में शिकायत करने की बात कहने पर उसने दोबारा ऐसा नहीं किया। लेकिन, इस साल अप्रैल-मई में उसने फिर से उसके साथ गलत काम किया।
विज्ञापन
इसके बाद पिछले दिनों फिर से उसने उसके साथ ऐसा किया। इससे परेशान होकर उसने स्कूल प्रिंसिपल को रोते-रोते अपने साथ हो रही घटना की जानकारी दी। स्कूल प्रिंसिपल ने फौरन इसकी सूचना पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पुलिस ने महिला मामलों के लिए स्पेशल अधिकारी को जांच के लिए भेजा गया। मेडिकल में दुराचार की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी भाई के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्राइवेट काम करता है और उसके माता-पिता भी मजदूरी का काम करते हैं।
बाक्स
164 के बयान में घर जाने से किया इंकार
पुलिस ने पीड़िता के शनिवार को धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए। इसमें पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष माता-पिता के पास घर जाने से इंकार कर दिया। उसने कहा कि उसे अब उस घर में जाने से भी डर लगता है। इसलिए वह अब वहां नहीं जाना चाहती। इस पर अदालत ने उसे सेक्टर-15 स्थित आशियाना में भेज दिया।
मेडिकल और बयान दर्ज कराने के लिए 3-4 घंटे इंतजार
शनिवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान देने से पहले पीड़िता को तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इससे पहले पीड़िता को सरकारी अस्पताल में भी 3-4 घंटे तक इंतजार करना पड़ा था। रेप जैसे संवेदनशील मामलों में सुप्रीम कोर्ट तक पीड़िताओं को विशेष तव्वजों देने की बात कह चुका है। बावजूद इसके सरकारी तंत्र ऐसे मामलों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ये ऐसा पहला मामला नहीं है जब रेप पीड़िता को मेडिकल और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा हो। सरकारी अस्पताल और जिला अदालत में ऐसे मामले आए दिन सामने आते रहते हैं।