{"_id":"5aac22e24f1c1b01768b5b87","slug":"131521230562-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूटी विजिलेंस से नहीं मिला इंसाफ, पार्षद दलीप के खिलाफ शिकायकर्ता महिला पहुंची कोर्ट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
यूटी विजिलेंस से नहीं मिला इंसाफ, पार्षद दलीप के खिलाफ शिकायकर्ता महिला पहुंची कोर्ट
Updated Sat, 17 Mar 2018 01:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नहीं मिला इंसाफ, पार्षद दलीप के खिलाफ महिला पहुंची कोर्ट
महिला ने लगाए आरोप कहा- राजनीतिक दबाव से पार्षद पर यूटी विजिलेंस ने नहीं की कार्रवाई
पानी के कनेक्शन के लिए पार्षद पर 12 हजार रुपये लेने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पार्षद दलीप शर्मा की ओर से पानी कनेक्शन के लिए 12 हजार रुपये रिश्वत लिए जाने के मामले में यूटी विजिलेंस से अब तक इंसाफ न मिलने पर शिकायतकर्ता महिला ने जिला अदालत में अर्जी दायर की है। जिला अदालत ने शिकायतकर्ता महिला को सबूत के साथ 8 मई को कोर्ट में पेश होने को कहा है। शिकायत सुनने और सबूतों के आधार पर आरोपी पक्ष को नोटिस भेजा जाएगा।
12 हजार रुपये में पानी मीटर कनेक्शन दिए जाने को लेकर पार्षद दलीप शर्मा पर बापूधाम निवासी एक महिला ने आरोप लगाए थे। इस प्रकरण में महिला ने एक ऑडियो भी जारी किया था, जिसमें पार्षद दलीप शर्मा की ओर से महिला से 12 हजार मांग किए जाने की बात सामने आई थी। बापूधाम कॉलोनी फेज-2 निवासी रानी की शिकायत पर यूटी विजिलेंस ने इस पर जांच के आदेश दिए थे। इसमें यूटी विजिलेंस सेक्रेटरी केके जिंदल की ओर से यूटी विजिलेंस को आरोपी के वायस सैंपल आदि लेने के आर्डर जारी किए थे। इसके बावजूद यूटी विजिलेंस की ओर से पार्षद के वायस सैंपल लेने में आनाकानी हो रही थी।
शिकायतकर्ता महिला ने यूटी चीफ विजिलेंस आफिसर व एडवाइजर को शिकायत की। इस पर पुलिस ने शिकायत के करीब एक महीने बाद पार्षद दलीप शर्मा के वायस सैंपल लिए थे। लेकिन वायस सैंपल लेने के दो महीने बीतने के बावजूद महिला की शिकायत पर यूटी विजिलेंस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई।
विज्ञापन
बॉक्स
यह है मामला
रानी ने यूटी विजिलेंस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि वे अपने परिवार के साथ बापूधाम कॉलोनी के मकान नंबर 346 में रहती है। उसने संबंधित विभाग के पास पानी के कनेक्शन के लिए आवेदन किया। पार्षद दलीप के दबाव के चलते कनेक्शन के लिए किए गए आवेदन को संबंधित विभाग के जूनियर इंजीनियर ने खारिज कर दिया। आरोप है कि जूनियर इंजीनियर ने कनेक्शन के लिए रानी से 3500 रुपये की मांग की थी। इसमें रोड कटिंग से लेकर पानी का कनेक्शन देने तक का खर्चा शामिल था। पार्षद दलीप शर्मा व उसके भाई सुनील शर्मा के समर्थकों ने पानी के कनेक्शन के लिए उनसे मिलने के लिए कहा। इसके लिए पार्षद ने रानी को अपने स्थानीय निवास पर बुलाया। रानी ने अपनी शिकायत में कहा था कि लोगों के कहने पर वह पार्षद के घर पर र्गइं। पार्षद ने उससे 12 हजार मांगे। पार्षद को 12 हजार भी दिए। इसके अलावा रोड कटिंग के लिए भी उसने 3500 रुपये जमा करा दिए। जब पार्षद ने उससे पानी के कनेक्शन के लिए पैसों की मांग की, उस समय की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उसके पास है। काफी जद्दोजहद के बाद पानी का कनेक्शन लगा दिया गया। जब नए कनेक्शन के लिए संबंधित विभाग के पास जाकर उसने दोबारा पूछताछ की कि नया कनेक्शन कितने में मुहैया कराया जाता है। विभाग ने रानी को बताया कि मात्र 1 हजार में पानी का नया कनेक्शन मिल जाता है। तो उसने इस रिश्वतखोरी के खिलाफ आवाज उठाई।
विज्ञापन
महिला ने लगाए आरोप कहा- राजनीतिक दबाव से पार्षद पर यूटी विजिलेंस ने नहीं की कार्रवाई
पानी के कनेक्शन के लिए पार्षद पर 12 हजार रुपये लेने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पार्षद दलीप शर्मा की ओर से पानी कनेक्शन के लिए 12 हजार रुपये रिश्वत लिए जाने के मामले में यूटी विजिलेंस से अब तक इंसाफ न मिलने पर शिकायतकर्ता महिला ने जिला अदालत में अर्जी दायर की है। जिला अदालत ने शिकायतकर्ता महिला को सबूत के साथ 8 मई को कोर्ट में पेश होने को कहा है। शिकायत सुनने और सबूतों के आधार पर आरोपी पक्ष को नोटिस भेजा जाएगा।
12 हजार रुपये में पानी मीटर कनेक्शन दिए जाने को लेकर पार्षद दलीप शर्मा पर बापूधाम निवासी एक महिला ने आरोप लगाए थे। इस प्रकरण में महिला ने एक ऑडियो भी जारी किया था, जिसमें पार्षद दलीप शर्मा की ओर से महिला से 12 हजार मांग किए जाने की बात सामने आई थी। बापूधाम कॉलोनी फेज-2 निवासी रानी की शिकायत पर यूटी विजिलेंस ने इस पर जांच के आदेश दिए थे। इसमें यूटी विजिलेंस सेक्रेटरी केके जिंदल की ओर से यूटी विजिलेंस को आरोपी के वायस सैंपल आदि लेने के आर्डर जारी किए थे। इसके बावजूद यूटी विजिलेंस की ओर से पार्षद के वायस सैंपल लेने में आनाकानी हो रही थी।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता महिला ने यूटी चीफ विजिलेंस आफिसर व एडवाइजर को शिकायत की। इस पर पुलिस ने शिकायत के करीब एक महीने बाद पार्षद दलीप शर्मा के वायस सैंपल लिए थे। लेकिन वायस सैंपल लेने के दो महीने बीतने के बावजूद महिला की शिकायत पर यूटी विजिलेंस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई।
विज्ञापन
बॉक्स
यह है मामला
रानी ने यूटी विजिलेंस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि वे अपने परिवार के साथ बापूधाम कॉलोनी के मकान नंबर 346 में रहती है। उसने संबंधित विभाग के पास पानी के कनेक्शन के लिए आवेदन किया। पार्षद दलीप के दबाव के चलते कनेक्शन के लिए किए गए आवेदन को संबंधित विभाग के जूनियर इंजीनियर ने खारिज कर दिया। आरोप है कि जूनियर इंजीनियर ने कनेक्शन के लिए रानी से 3500 रुपये की मांग की थी। इसमें रोड कटिंग से लेकर पानी का कनेक्शन देने तक का खर्चा शामिल था। पार्षद दलीप शर्मा व उसके भाई सुनील शर्मा के समर्थकों ने पानी के कनेक्शन के लिए उनसे मिलने के लिए कहा। इसके लिए पार्षद ने रानी को अपने स्थानीय निवास पर बुलाया। रानी ने अपनी शिकायत में कहा था कि लोगों के कहने पर वह पार्षद के घर पर र्गइं। पार्षद ने उससे 12 हजार मांगे। पार्षद को 12 हजार भी दिए। इसके अलावा रोड कटिंग के लिए भी उसने 3500 रुपये जमा करा दिए। जब पार्षद ने उससे पानी के कनेक्शन के लिए पैसों की मांग की, उस समय की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उसके पास है। काफी जद्दोजहद के बाद पानी का कनेक्शन लगा दिया गया। जब नए कनेक्शन के लिए संबंधित विभाग के पास जाकर उसने दोबारा पूछताछ की कि नया कनेक्शन कितने में मुहैया कराया जाता है। विभाग ने रानी को बताया कि मात्र 1 हजार में पानी का नया कनेक्शन मिल जाता है। तो उसने इस रिश्वतखोरी के खिलाफ आवाज उठाई।