फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Courts should be lenient in cases of marital discord, give message of harmony in society: High Court

वैवाहिक कलह के मामलों में अदालतें रहें उदार, समाज में दें सौहार्द का संदेश : हाईकोर्ट

Fri, 31 May 2024 05:01 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 31 May 2024 05:01 AM IST
विज्ञापन
Courts should be lenient in cases of marital discord, give message of harmony in society: High Court
चंडीगढ़। वैवाहिक विवाद के मामले में पुलिस की कैंसिलेशन रिपोर्ट पर शिकायतकर्ता के आपत्ति न जताने के बावजूद दोबारा जांच के आदेश को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवाद के मामलों में अदालतों को उदारता दिखाते हुए समाज के बीच सौहार्द का संदेश देना चाहिए। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने एफआईआर व निचली कोर्ट की कार्रवाई को रद्द कर दिया है।
विज्ञापन

एक महिला की शिकायत पर उसके पति व ससुराल वालों पर 2015 में घरेलू हिंसा की एफआईआर दर्ज की गई थी। महिला का आरोप था कि उसे उसके पति व ससुराल वालों ने जबरन पैतृक घर से निकाला था। जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में मोगा के सीजेएम के समक्ष कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। इस रिपोर्ट पर शिकायतकर्ता ने भी कोई आपत्ति जाहिर नहीं की थी, बावजूद इसके सीजेएम ने इसे स्वीकार नहीं किया और दोबारा जांच का आदेश दे दिया।
विज्ञापन

सीजेएम ने कहा था कि यह अपराध समझौते योग्य नहीं है और ऐसे में इसमें आगे जांच जरूरी है। जस्टिस सुमित गोयल ने सीजेएम के निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर क्यों आगे जांच का आदेश दिया गया जब शिकायतकर्ता को आपत्ति नहीं थी। हाईकोर्ट ने कहा कि अदालतों को ऐसे मामलों में संवेदनशील होकर फैसला लेना चाहिए न कि तकनीकी आधार पर। यदि अदालतें अपनी भूमिका इस प्रकार निभाएंगी तो निश्चित तौर पर व्यवस्थित और शांत समाज का निर्माण होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed