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वैवाहिक कलह के मामलों में अदालतें रहें उदार, समाज में दें सौहार्द का संदेश : हाईकोर्ट
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चंडीगढ़। वैवाहिक विवाद के मामले में पुलिस की कैंसिलेशन रिपोर्ट पर शिकायतकर्ता के आपत्ति न जताने के बावजूद दोबारा जांच के आदेश को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवाद के मामलों में अदालतों को उदारता दिखाते हुए समाज के बीच सौहार्द का संदेश देना चाहिए। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने एफआईआर व निचली कोर्ट की कार्रवाई को रद्द कर दिया है।
एक महिला की शिकायत पर उसके पति व ससुराल वालों पर 2015 में घरेलू हिंसा की एफआईआर दर्ज की गई थी। महिला का आरोप था कि उसे उसके पति व ससुराल वालों ने जबरन पैतृक घर से निकाला था। जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में मोगा के सीजेएम के समक्ष कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। इस रिपोर्ट पर शिकायतकर्ता ने भी कोई आपत्ति जाहिर नहीं की थी, बावजूद इसके सीजेएम ने इसे स्वीकार नहीं किया और दोबारा जांच का आदेश दे दिया।
सीजेएम ने कहा था कि यह अपराध समझौते योग्य नहीं है और ऐसे में इसमें आगे जांच जरूरी है। जस्टिस सुमित गोयल ने सीजेएम के निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर क्यों आगे जांच का आदेश दिया गया जब शिकायतकर्ता को आपत्ति नहीं थी। हाईकोर्ट ने कहा कि अदालतों को ऐसे मामलों में संवेदनशील होकर फैसला लेना चाहिए न कि तकनीकी आधार पर। यदि अदालतें अपनी भूमिका इस प्रकार निभाएंगी तो निश्चित तौर पर व्यवस्थित और शांत समाज का निर्माण होगा।
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एक महिला की शिकायत पर उसके पति व ससुराल वालों पर 2015 में घरेलू हिंसा की एफआईआर दर्ज की गई थी। महिला का आरोप था कि उसे उसके पति व ससुराल वालों ने जबरन पैतृक घर से निकाला था। जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में मोगा के सीजेएम के समक्ष कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। इस रिपोर्ट पर शिकायतकर्ता ने भी कोई आपत्ति जाहिर नहीं की थी, बावजूद इसके सीजेएम ने इसे स्वीकार नहीं किया और दोबारा जांच का आदेश दे दिया।
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सीजेएम ने कहा था कि यह अपराध समझौते योग्य नहीं है और ऐसे में इसमें आगे जांच जरूरी है। जस्टिस सुमित गोयल ने सीजेएम के निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर क्यों आगे जांच का आदेश दिया गया जब शिकायतकर्ता को आपत्ति नहीं थी। हाईकोर्ट ने कहा कि अदालतों को ऐसे मामलों में संवेदनशील होकर फैसला लेना चाहिए न कि तकनीकी आधार पर। यदि अदालतें अपनी भूमिका इस प्रकार निभाएंगी तो निश्चित तौर पर व्यवस्थित और शांत समाज का निर्माण होगा।
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