{"_id":"61391e918ebc3e7f4c6b5caa","slug":"courts-disposed-of-9-and-a-half-lakh-out-of-16-lakh-cases-filed-during-the-corona-period-panchkula-news-pkl426139575","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना काल में दाखिल 16 लाख केस में से न्यायालयों ने साढ़े 9 लाख का किया निपटारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना काल में दाखिल 16 लाख केस में से न्यायालयों ने साढ़े 9 लाख का किया निपटारा
विज्ञापन
चंडीगढ़। कोरोना के मुश्किल दौर में भी न्याय की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को इंसाफ देने के लिए न्यायधीशों ने इस दौर में दाखिल केसों में से ज्यादातर का निपटारा कर दिया। इसके चलते न्यायालय में लंबित मामलों की संख्या को बहुत अधिक बढ़ने से रोका जा सका और वर्तमान में हाईकोर्ट में लंबित मामलों की संख्या साढ़े 4 लाख है।
हाईकोर्ट की ओर से दी जानकारी में बताया गया कि कोरोनाकाल आरंभ होने के बाद 24 मार्च 2020 से 31 अगस्त 2021 तक हाईकोर्ट में 1,37,101 केस दाखिल किए गए। इनमें से न्यायालय ने 90,543 मामलों का निपटारा कर दिया जो लगभग 66 प्रतिशत है। पंजाब की अदालतों में इस दौरान 7,23,041 केस दाखिल हुए जिनमें से 4,42,693 का निपटारा कर दिया गया जो 61 प्रतिशत है। हरियाणा की अदालतों में 7,37,718 मामले दाखिल हुए, जिनमें से 3,93,831 मामलों का निपटारा कर दिया गया जो 53 प्रतिशत है। यूटी में 39,595 केस दाखिल किए गए और चंडीगढ़ के जजों ने 70 प्रतिशत यानी 27,767 मामलों का निपटारा कर दिया। पाबंदियों के दौर में सीमित साधनों के बीच भी न्यायधीशों ने लगन से कार्य किया और लोगों की न्यायपालिका से आस को टूटने नहीं दिया। कोरोना के दौर में अपनी सेवाएं देते हुए कई जज, वकील और न्यायालय के कर्मचारियों को कोरोना ने अपनी चपेट में लिया। इसके बावजूद न्याय प्रदान करने का क्रम नहीं रुका और ज्यादातर मामलों का निपटारा कर दिया गया। हाईकोर्ट ने कहा कि अब फिजिकल सुनवाई का क्रम आरंभ कर दिया गया है। 12 न्यायालय में हाईकोर्ट में फिजिकल सुनवाई आरंभ हो चुकी है। हालात बेहतर होंगे तो कोर्ट की संख्या बढ़ाई जाएगी और लंबित मामलों का और अधिक तेजी से निपटारा हो सकेगा।
7 लाख लंबित मामलों की खबरों का खंडन
हाईकोर्ट के पीआरओ की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि कुछ समाचार प्रकाशित हुए थे जिनमें प्रकाशित किया गया था कि हाईकोर्ट में लंबित मामलों की संख्या 7 लाख है। यह आंकड़ा सही नहीं है। ऐसा आंकड़ा कुछ तकनीकी कारणों से नेशनल ग्रिड पर दिखाई दे रहा है जबकि लंबित मामलों की असल संख्या 4.5 लाख है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाईकोर्ट की ओर से दी जानकारी में बताया गया कि कोरोनाकाल आरंभ होने के बाद 24 मार्च 2020 से 31 अगस्त 2021 तक हाईकोर्ट में 1,37,101 केस दाखिल किए गए। इनमें से न्यायालय ने 90,543 मामलों का निपटारा कर दिया जो लगभग 66 प्रतिशत है। पंजाब की अदालतों में इस दौरान 7,23,041 केस दाखिल हुए जिनमें से 4,42,693 का निपटारा कर दिया गया जो 61 प्रतिशत है। हरियाणा की अदालतों में 7,37,718 मामले दाखिल हुए, जिनमें से 3,93,831 मामलों का निपटारा कर दिया गया जो 53 प्रतिशत है। यूटी में 39,595 केस दाखिल किए गए और चंडीगढ़ के जजों ने 70 प्रतिशत यानी 27,767 मामलों का निपटारा कर दिया। पाबंदियों के दौर में सीमित साधनों के बीच भी न्यायधीशों ने लगन से कार्य किया और लोगों की न्यायपालिका से आस को टूटने नहीं दिया। कोरोना के दौर में अपनी सेवाएं देते हुए कई जज, वकील और न्यायालय के कर्मचारियों को कोरोना ने अपनी चपेट में लिया। इसके बावजूद न्याय प्रदान करने का क्रम नहीं रुका और ज्यादातर मामलों का निपटारा कर दिया गया। हाईकोर्ट ने कहा कि अब फिजिकल सुनवाई का क्रम आरंभ कर दिया गया है। 12 न्यायालय में हाईकोर्ट में फिजिकल सुनवाई आरंभ हो चुकी है। हालात बेहतर होंगे तो कोर्ट की संख्या बढ़ाई जाएगी और लंबित मामलों का और अधिक तेजी से निपटारा हो सकेगा।
विज्ञापन
7 लाख लंबित मामलों की खबरों का खंडन
हाईकोर्ट के पीआरओ की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि कुछ समाचार प्रकाशित हुए थे जिनमें प्रकाशित किया गया था कि हाईकोर्ट में लंबित मामलों की संख्या 7 लाख है। यह आंकड़ा सही नहीं है। ऐसा आंकड़ा कुछ तकनीकी कारणों से नेशनल ग्रिड पर दिखाई दे रहा है जबकि लंबित मामलों की असल संख्या 4.5 लाख है।
विज्ञापन