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अदालत : आटो चालक की हत्या के मामले में तीन आरोपी बरी, जिला अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सुनाया फैसला

Wed, 02 Jun 2021 01:48 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 02 Jun 2021 01:48 AM IST
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Court: Three accused acquitted in the auto driver's murder case, the district court pronounced the verdict after hearing both the sides
पंचकूला। आटो चालक की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को जिला अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। रेलवे पुलिस ने वर्ष 2016 में एक आटो चालक की हत्या के आरोप में शुभम, दीपक और तोता राम निवासी मौली जागरां और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया था। नाबालिग को जुवेनाइल कोर्ट ने डेढ़ साल पहले बरी कर दिया था। आरोपी दीपक के एडवोकेट उदित महेंदीरत्ता और नीरज चौहान ने बताया कि अदालत में सुनवाई के दौरान मुख्य गवाह अपने बयान से मुकर गया था। गवाह ने अदालत में कहा था कि पुलिस ने उसके खाली कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए थे। उसने कहा था कि आरोपियों को पहली बार कोर्ट में देखा है।
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उदित महेंदीरत्ता ने बताया कि मृतक के पिता पितरदीन निवासी गोंडा उत्तर प्रदेश ने पुलिस को शिकायत में बताया था कि उसका सबसे बड़ा बेटा संजय ऑटो चलाने का काम करता था। 11 दिसंबर 2016 को उसका बेटा संजय शाम लगभग साढ़े 7 बजे घर से ऑटो लेकर गैस भरवाने गया था। देर रात तक वापस नहीं आया, जब साढ़े आठ बजे पिताजी ने संजय के मोबाइल पर फोन किया। संजय का फोन अचानक ऑन हो गया और आवाज आ रही थी कि मुझे मत मारो।
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उसके मोबाइल में रिकॉर्डिंग हो गई। इसके बाद देर रात तक संजय की तलाश करते रहे और 12 दिसंबर 2016 को 11 बजे संजय के गुम होने की सूचना थाना सारंगपुर में लिखवा दी गई। संजय का ऑटो मौली जागरां रेलवे की हद में खड़ा था। इस दौरान संजय का परिवार मौके पर पहुंचा, तो देखा कि संजय की पत्थरों के बीच लाश पड़ी थी। काफी खून निकला हुआ था। संजय के बाएं तरफ तेज हथियारों व पत्थरों के निशान थे। पितरदीन ने अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद पुलिस ने फोरेंसिक टीम बुलाकर मौके पर छानबीन की थी। उदित महेंदीरत्ता ने कहा कि पुलिस ने बिना सबूतों के उनके मुवक्किलों को फंसाने की कोशिश की थी, लेकिन अदालतों ने सभी पहलुओं को देखने के बाद आरोपियों को बरी कर दिया।
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