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निगम फंड घोटाला: पूर्व बैंक अधिकारी पुष्पिंदर की न्यायिक हिरासत बरकरार
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पीएमएलए अदालत ने ईडी की अभियोजन शिकायत के इंडेक्स में खामी पर जताई आपत्ति, 11 सितंबर तक टली सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। नगर निगम पंचकूला के करीब 145 करोड़ रुपये के कथित फंड घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में आरोपी पूर्व बैंक अधिकारी पुष्पिंदर सिंह की न्यायिक हिरासत बरकरार रहेगी। शनिवार को उसे विशेष पीएमएलए अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने ईडी की अभियोजन शिकायत के दस्तावेजों के इंडेक्स में प्रक्रिया संबंधी खामी पर आपत्ति जताई और उसमें जरूरी सुधार के निर्देश दिए।
ईडी की ओर से सरकारी वकील ने जांच अधिकारी के छुट्टी पर होने का हवाला देते हुए समय मांगा। इस पर अदालत ने सुनवाई 11 सितंबर तक स्थगित कर दी। अदालत ने ईडी को अगली सुनवाई से पहले अभियोजन शिकायत के इंडेक्स में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए। तब तक पुष्पिंदर सिंह न्यायिक हिरासत में रहेगा और अगली तारीख पर उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश किया जाएगा।
जून में हुई थी गिरफ्तारी
ईडी ने जून में पुष्पिंदर सिंह को मामले में गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने उसे नगर निगम के कथित फंड घोटाले का मास्टरमाइंड बताया है। ईडी के अनुसार, करीब 145 करोड़ रुपये के फंड की कथित हेराफेरी के मामले में कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह ने बैंक अधिकारी और नगर निगम के तत्कालीन वरिष्ठ लेखा अधिकारी के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निगम के नाम से दो अनधिकृत बैंक खाते खुलवाए। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन खातों के खुलने के बाद नगर निगम के वास्तविक बैंक खातों से रकम कथित तौर पर इन अनधिकृत खातों में ट्रांसफर की गई। ईडी मामले में मनी लांड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। नगर निगम पंचकूला के करीब 145 करोड़ रुपये के कथित फंड घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में आरोपी पूर्व बैंक अधिकारी पुष्पिंदर सिंह की न्यायिक हिरासत बरकरार रहेगी। शनिवार को उसे विशेष पीएमएलए अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने ईडी की अभियोजन शिकायत के दस्तावेजों के इंडेक्स में प्रक्रिया संबंधी खामी पर आपत्ति जताई और उसमें जरूरी सुधार के निर्देश दिए।
ईडी की ओर से सरकारी वकील ने जांच अधिकारी के छुट्टी पर होने का हवाला देते हुए समय मांगा। इस पर अदालत ने सुनवाई 11 सितंबर तक स्थगित कर दी। अदालत ने ईडी को अगली सुनवाई से पहले अभियोजन शिकायत के इंडेक्स में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए। तब तक पुष्पिंदर सिंह न्यायिक हिरासत में रहेगा और अगली तारीख पर उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश किया जाएगा।
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जून में हुई थी गिरफ्तारी
ईडी ने जून में पुष्पिंदर सिंह को मामले में गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने उसे नगर निगम के कथित फंड घोटाले का मास्टरमाइंड बताया है। ईडी के अनुसार, करीब 145 करोड़ रुपये के फंड की कथित हेराफेरी के मामले में कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह ने बैंक अधिकारी और नगर निगम के तत्कालीन वरिष्ठ लेखा अधिकारी के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निगम के नाम से दो अनधिकृत बैंक खाते खुलवाए। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन खातों के खुलने के बाद नगर निगम के वास्तविक बैंक खातों से रकम कथित तौर पर इन अनधिकृत खातों में ट्रांसफर की गई। ईडी मामले में मनी लांड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है।
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