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Panchkula News: कौशल्या डैम की दीवार के साथ नदी में चल रहा निर्माण कार्य, अमरावती के पुल को भी खतरा
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पंचकूला। कौशल्या डैम की दीवार के साथ चल रहे निर्माण कार्य के कारण नेशनल हाईवे और अमरावती पुल के साथ एसटीपी प्लांट तक लोगों की प्रॉपर्टी को खतरा है। क्योंकि बरसात के समय झजरा और कौशल्या नदियों के पानी का बहाव तेज होता है। ऐसे में नदी के अंदर निर्माण होने की वजह से प्राकृतिक पानी के बहाव को रास्ता नहीं मिलेगा और पानी अपोजिट साइड में डायवर्ट हो जाएगा। इस कारण आसपास की घनी आबादी को भी खतरा बन सकता है। इस समस्या के समाधान के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी हरियाणा के मुख्यमंत्री और सिचाई मंत्री से मिलेंगे। वहीं निर्माण कार्य रोकने के साथ साथ एक और रिटेनिंग वाल बनाने की मांग करेंगे, जिससे आगामी दिनों में बरसात के समय पुल, लोगों की प्रॉपर्टी व नेशनल हाईवे को खतरा न हो। वहीं, कौशल्या डैम के निकट एचएसवीपी पिंजौर कालका अर्बन कांप्लेक्स के सेक्टर 2 से 5 का निर्माण करने जा रहा है जो इस नदी के प्रकोप का शिकार हो सकता है। इसके साथ ही नाडा साहिब गुरुद्वारा के सामने एचएसआईआईडीसी/एचएसवीपी की ओर से बहुमंजिला वाणिज्यिक भवनों का निर्माण किया गया है।
आईआईटी रूड़की की टीम पहले ही कर चुकी आगाह
प्राकृतिक बहाव को रोक कर डीएलएफ में ईडब्ल्यूएस के 242 फ्लैटों का बचाने के लिए सुरक्षा दीवार खड़ी कर दी गई, जबकि सिंचाई विभाग ने पहले ही सात एकड़ में बनने वाले ईडब्ल्यूएस के मकानों के लिए एनओसी देने से साफ मना कर दिया था। इतना ही नहीं फ्लैटों के निर्माण के लिए निदेशक शहरी एवं ग्राम आयोजन विभाग और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से भी इसकी अनुमति नहीं ली गई है। जिसका नतीजा जुलाई और अगस्त 2023 में भारी बारिश से पिंजौर की कौशल्या नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद कौशल्या डैम के फ्लड गेट खोलने पड़े। जिससे सूरजपुर रामपुर सियूड़ी की लेबर कॉलोनी, चंडीगढ़-शिमला नेशनल हाईवे और अमरावती की ओर मुड़ गया। इस नुकसान की आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 240 फ्लैटों को बाढ़ से बचाने के लिए बनाई गई कंक्रीट की मजबूत सुरक्षा दीवार है। आने वाले समय में डीएलएफ और अमरावती के लिए यह दीवार वाटर बम का काम करेगी। जिसके लिए आईआईटी रूड़की की टीम पहले ही आगाह कर चुकी है। यह खुलासा एडवोकेट विजय बंसल द्वारा मांगे गए आरटीआई के जवाब में हुआ है। इसकी जांच के लिए सीएम मनोहर लाल को पत्र लिखा है।
कोट
कौशल्या डैम की दीवार के पास निर्माण कार्य के चलते हाईवे और अमरावती के पुल को खतरा है। इस सप्ताह समाधान के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री और सिंचाई मंत्री से मिलेंगे। निर्माण को बंद कराने के साथ यहां एक और रिटेनिंग वाल बनाने की मांग करेंगे। -शमशेर शर्मा, प्रधान आरडब्ल्यूए अमरावती एनक्लेव
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आईआईटी रूड़की की टीम पहले ही कर चुकी आगाह
प्राकृतिक बहाव को रोक कर डीएलएफ में ईडब्ल्यूएस के 242 फ्लैटों का बचाने के लिए सुरक्षा दीवार खड़ी कर दी गई, जबकि सिंचाई विभाग ने पहले ही सात एकड़ में बनने वाले ईडब्ल्यूएस के मकानों के लिए एनओसी देने से साफ मना कर दिया था। इतना ही नहीं फ्लैटों के निर्माण के लिए निदेशक शहरी एवं ग्राम आयोजन विभाग और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से भी इसकी अनुमति नहीं ली गई है। जिसका नतीजा जुलाई और अगस्त 2023 में भारी बारिश से पिंजौर की कौशल्या नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद कौशल्या डैम के फ्लड गेट खोलने पड़े। जिससे सूरजपुर रामपुर सियूड़ी की लेबर कॉलोनी, चंडीगढ़-शिमला नेशनल हाईवे और अमरावती की ओर मुड़ गया। इस नुकसान की आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 240 फ्लैटों को बाढ़ से बचाने के लिए बनाई गई कंक्रीट की मजबूत सुरक्षा दीवार है। आने वाले समय में डीएलएफ और अमरावती के लिए यह दीवार वाटर बम का काम करेगी। जिसके लिए आईआईटी रूड़की की टीम पहले ही आगाह कर चुकी है। यह खुलासा एडवोकेट विजय बंसल द्वारा मांगे गए आरटीआई के जवाब में हुआ है। इसकी जांच के लिए सीएम मनोहर लाल को पत्र लिखा है।
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कौशल्या डैम की दीवार के पास निर्माण कार्य के चलते हाईवे और अमरावती के पुल को खतरा है। इस सप्ताह समाधान के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री और सिंचाई मंत्री से मिलेंगे। निर्माण को बंद कराने के साथ यहां एक और रिटेनिंग वाल बनाने की मांग करेंगे। -शमशेर शर्मा, प्रधान आरडब्ल्यूए अमरावती एनक्लेव
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