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Panchkula News: स्टिल्ट प्लस फोर मंजिला भवनों की नीति के विरोध में 31 जुलाई से धरना देगी कंफेडरेशन

Wed, 17 Jul 2024 06:01 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jul 2024 06:01 AM IST
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Confederation will protest from July 31 against the policy of stilt plus four storey buildings
माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। स्टिल्ट प्लस फोर मंजिला भवनों की नई पॉलिसी के विरोध में हरियाणा स्टेट सेक्टर्स कंफेडरेशन की शहर के सेक्टर-28 सामुदायिक केंद्र में बैठक हुई। संगठनों के पदाधिकारियों का कहना था कि संशोधनों के साथ स्टिल्ट प्लस फोर की पॉलिसी लागू की गई है। यह सेक्टरवासियों के हित में नहीं है। बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकार अपने फैसले को वापस नहीं लेगी तो 31 जुलाई के बाद धरना देकर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा जींद में रैली की जाएगी। बैठक में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने भाग लिया।
कंफेडरेशन के राज्य संयोजक यशवीर मलिक ने कहा कि सरकार ने मामूली संशोधनों के साथ स्टिल्ट प्लस फोर मंजिला भवनों को मंजूरी दी है। पुराने सेक्टरों का मौलिक डिजाइन इस तरह है कि विकसित की गई सीवरेज, बिजली, पानी, पार्किंग, पब्लिक पार्क आदि सुविधाएं स्टिल्ट प्लस फोर का भार नहीं सह सकती। कंफेडरेशन के जिला संयोजक महेंद्र बलहारा ने कहा कि स्टिल्ट प्लस फोर लागू होने से आबादी का घनत्व तीन से चार गुना बढ़ जाएगा। अपने मेहनत की पाई-पाई जोड़कर सेक्टर में रहने की व्यवस्था करने वाले लोगों का जीवन नरक में बदल जाएगा। पुराने सेक्टर 1982 के बिल्डिंग एक्ट के अंतर्गत बसाया गया है, जबकि सरकार 2017 में लाए गए बिल्डिंग कोड को उन पर लागू कर कानून को धता बताने पर तुली है। बिल्डरों और उद्योगपतियों के दबाव में लागू की गई इस पॉलिसी पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने की मांग सरकार से की है। पंचकूला सेक्टर -23 से 28 की ज्वाइंट एक्शन कमेटी की ज्वाइंट सेक्रेटरी पुष्पा सिंगरोहा ने कहा कि स्टिल्ट प्लस लोगों के हित मेंं नहीं है। इसे सरकार को वापस लेना चाहिए। इसके अलावा सेक्टरों में रिहायशी व व्यावसायिक स्थलों की बोली प्रक्रिया की तरह बिक्री कर रही है। इससे अरबों रुपये के राजस्व की प्राप्ति हो रही है, सरकार इसी राशि में से एक हिस्सा निकालकर एक कोष की स्थापना कर उसमें से एनहांसमेंट की राशि जमीन मालिकों को दें तो लोगों को राहत मिलेगी।
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पानी की दरों पर उन्होंने कहा कि सेक्टरों में बने एक ही टैंक से सेक्टरों और कॉलोनियों में पानी की सप्लाई की जा रही है। टैरिफ अलग-अलग है। सेक्टरवासियों से कॉलोनीवासियों के मुकाबले चार गुना अधिक दर वसूली जा रही है। यह सेक्टरवासियों के साथ घोर अन्याय है। सेक्टरवासियों से वसूली जा रही दरें कॉलोनियों के समान की जानी चाहिए। आर्थिक तौर पर वंचित वर्ग के लिए हरियाणा सरकार द्वारा घोषित की गई 30-30 गज के प्लाटों की स्कीम के बारे में राज्य संयोजक ने कहा कि सरकार 30-30 के प्लाट मौजूदा सेक्टरों में ना काटे। इससे आवंटियों और सेक्टरवासियों को कोई फायदा नहीं होगा। सेक्टरवासी इसका पूरी तरह से विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे अच्छा है सरकार अलग-जगह जमीन खरीदकर वहां 100-100 गज के प्लाट आवंटित करे। इसमें विभिन्न मुद्दों को लेकर बात की गई।
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