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फसल खराब होने की शिकायतें 55 हजार से 60 हजार तक पहुंचीं

Fri, 22 Oct 2021 02:15 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 02:15 AM IST
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Complaints of crop failure reached from 55 thousand to 60 thousand
चंडीगढ़। हरियाणा में इस बार मानसून जाते-जाते भी किसानाें का नुकसान कर गया। सितंबर माह में आई बारिश के चलते जहां कृषि विभाग के पास नुकसान की 55 हजार शिकायतें आई थीं, अब इनकी संख्या बढ़कर 60 हजार पहुंच गई है। 17 से 19 अक्तूबर तक प्रदेश के कई इलाकों में हुई बारिश से जहां धान और कपास की फसल को नुकसान हुआ है। वहीं, इससे सरसों और गेहूं की बिजाई भी प्रभावित होना तय है।
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फसलों में हुए नुकसान को लेकर अब प्रदेश सरकार गिरदावरी का फैसला लिया है। गिरदावरी के बाद ही असल नुकसान के आंकड़े सामने आ पाएंगे। इससे पहले, सितंबर माह में भी कई दिन तक चली बारिश के कारण फसलों को नुकसान हुआ था। अक्तूबर माह में वापस जाते मानसून के चलते प्रदेश के अधिकतर जिलों में बारिश हुई है। इससे न केवल मंडियों में पड़ी धान की फसल भीग गई, बल्कि खेतों में खड़ी धान और कपास की फसल पर भी इसका खराब असर पड़ा है। बारिश से धान की फसल जमीन पर बिछ गई, साथ ही कपास के टिंडे खराब हो गए। फतेहाबाद, सिरसा, रेवाड़ी, हिसार, नारनौल, सोनीपत, जींद, रोहतक, झज्जर, भिवानी जिलों में नरमा कपास, बाजरा और मूंग की फसल में नुकसान हुआ है। इसके अलावा, कैथल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल और अंबाला में धान की फसल में पानी जमा हो गया। किसानों का कहना है कि अधिक बारिश के कारण इस बार फसलों में नुकसान अधिक है। नुकसान की भरपाई को लेकर किसान लगातार कृषि विभाग के पास शिकायत दर्ज करा रहे हैं। कृषि विभाग भी नुकसान का आंकलन कर रहा है, लेकिन अब यह कार्य राजस्व विभाग को सौंपा गया है।
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कितनी फसल की है बिजाई
फसल हेक्टेयर
धान 13.64
मक्का 0.10
ज्वार 0.18
बाजरा 3.95
गन्ना 1.12
कपास 6.95
गुआर 1.07
दाल 1.01
(नोट : लाख हेक्टेयर में)
बारिश हुए नुकसान को लेकर पहले कृषि विभाग सर्वे कर रहा था, लेकिन अब सरकार ने गिरदावरी के आदेश दिए हैं। इसलिए राजस्व विभाग इसका आंकलन कर रहा है। पिछले दिनों आई बारिश से यकीनन धान, कपास समेत अन्य फसलों पर असर पड़ा है।
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- डा. जगराज ढांडी, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग।
इस बार बारिश से फसलों में नुकसान अधिक है। कई जिलों में तो 50 प्रतिशत तक फसलें खराब हुई है। तुरंत प्रभाव से प्रभावित किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। गिरदावरी में भी तेजी लाई जाए। - रतन मान, प्रदेशाध्यक्ष, भाकियू
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