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गोपाष्टमी पर सीएम का तोहफा : 20 करोड़ रुपये बढ़ाया गोसेवा आयोग का वार्षिक बजट

Fri, 12 Nov 2021 01:51 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 12 Nov 2021 01:51 AM IST
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CM's gift on Gopashtami: Annual budget of Goseva Commission increased by Rs 20 crore
परियोजनाओं का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : PKL OFFICE
पंचकूला/ पिंजौर। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गोपाष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेश की सभी गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अनेक घोषणाएं कर गो भक्तों को इस पर्व का तोहफा दिया है। इनमें हरियाणा गो सेवा आयोग का वार्षिक बजट 30 करोड़ से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये करने, गोशालाओं में 6 सीबीजी (कंप्रेस्ड बायोगैस), प्लांट स्थापित करने और गोपाष्टमी मनाने के लिए अगले वर्ष से हर गोशाला को 31-31 हजार की राशि देना शामिल है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अपने स्वैच्छिक कोष से कामधेनु गोशाला पिंजौर को 21 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा भी की।
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मुख्यमंत्री पिंजौर स्थित कामधेनु गोसेवा सदन में स्थित हरियाणा गोवंश अनुसंधान केंद्र में आयोजित राज्य स्तरीय गोपाष्टमी पर्व एवं लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कामधेनु गोसेवा सदन का अवलोकन किया व इसमें खादी प्राकृतिक पेंट संयंत्र, गामला प्रयोगशाला, डीएपी के स्थान पर जैविक खाद
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( प्रोम) प्लांट का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह केंद्र अन्य गोशालाओं के लिए मार्गदर्शन का कार्य करेगा और गोशालाओं को वाणिज्यिक गतिविधियों से जोड़ेगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
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जैविक खाद डीएपी का बेहतर विकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएपी की कमी देखी जा रही है। कामधेनु गोसेवा सदन में स्थापित गोवंश अनुसंधान केंद्र में गाय के गोबर से तैयार की जा रही जैविक खाद डीएपी के बेहतर विकल्प के रूप में प्रयोग में लाई जा सकती है। इसकी वैज्ञानिक जांच व प्रमाणीकरण के बाद इसे चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के रामधन कृषि फार्म, महाराणा प्रताप बागबानी विश्व विद्यालय करनाल तथा अन्य डेमोस्टेशन फार्मों पर इसका उपयोग किया जाएगा। किसानों को इसके प्रयोग के बारे में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देगा।
गोवंश के संरक्षण के लिए सरकार गंभीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन समय से ही गोवंश किसान की आर्थिक स्थिति का साधन रहा है। मशीनीकरण युग आने के बाद किसानों ने बैल से खेती करना छोड़ दिया और आज फिर से हमें प्राकृतिक खेती की ओर जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देसी नस्ल के गोवंश के संरक्षण के लिए सरकार गंभीर है और वर्ष 2015 में ‘हरियाणा गोवंश संरक्षण एवं गो-संवर्धन अधिनियम’ बनाया।

ये रहे मौजूद
इस मौके पर पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल, पशु पालन एवं डेयरी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अंकुर गुप्ता, बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष तथा पूर्व विधायक लतिका शर्मा, उपायुक्त पंचकूला विनय प्रताप सिंह, पुलिस उपायुक्त मोहित हांडा, एसडीएम कालका ममता शर्मा, बीजेपी के मीडिया कोओर्डिनेटर संजय आहूजा उपस्थित रहे।
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