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जेलों में बंद बच्चे अब देख सकेंगे बाहरी दुनिया, पढ़ाई भी होगी शुरू

Mon, 21 Feb 2022 02:26 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 21 Feb 2022 02:26 AM IST
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Childrens in jails will now be able to see the outside world, education will also start
चंडीगढ़। हरियाणा की जेलों में महिलाओं के साथ रहने वाले बच्चे अब जेल से बाहर निकलकर बाहरी दुनिया से रूबरू हो सकेंगे। वह न केवल पार्कों में खेल सकेंगे, बल्कि उनकी पढ़ाई की भी व्यवस्था की जाएगी। इन बच्चों को बाहर स्कूल लेकर जाने और वापस लाने का काम जेल स्टाफ करेगा। इसके अलावा, कम अपराध वाली महिलाओं की सजा सस्पेंड करने पर विचार किया जा रहा है।
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जेलों में सुधार की दिशा में हरियाणा सरकार ने यह फैसले लिए हैं। पिछले सप्ताह ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जेल मंत्री रणजीत चौटाला की उपस्थिति में प्रदेश के सभी जेल अधिकारियों की बैठक ली थी और इसमें सुधार को लेकर सुझाव लिए गए थे। इस समय प्रदेश की जेलों में करीब 700 महिलाएं बंद हैं और इनके साथ 32 बच्चे रह रहे हैं। कुछ जेलों में केवल महिलाएं ही हैं, जबकि कुछ में महिलाओं के साथ बच्चे हैं। ये वे बच्चे हैं, जिनका जन्म या तो जेल में हुआ है, या फिर उनकी मां अपराध के किसी मामले में जेल में आई तो बच्चा छोटा होने के कारण वह उसके साथ रह रहा है।
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जेलर से भयभीत हुई बच्ची तो बदले नियम
जेल मंत्री रणजीत चौटाला ने बताया कि जेल में बंद एक महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। तीन साल से बच्ची महिला के साथ बैरक में ही है। ऐसे में एक जेलर जब महिला बैरक का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे तो उनसे बच्ची पूरी तरह से भयभीत हो गई। जेलर ने यह उनको बताई तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। बाद में सीएम की मंजूरी के बाद अंग्रेजों के समय के नियम बदलकर बच्चों और महिलाओं को रियायत दी गई।
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तनाव कम करेंगे काउंसलर और संत
जेलों में बंदी और कैदियों को मानसिक तनाव से बाहर निकालने के लिए उनकी काउंसलिंग भी कराई जाएगी। जेल विभाग मनोचिकित्सकों से लेकर काउंसलर से संपर्क साध रहा है। इसके अलावा, समय समय पर जेलों में धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से संतों के प्रवचन कराए जाएंगे, ताकि बंदी अपने जीवन को सद्मार्ग पर ले जा सकें और तनाव में न आएं।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ हुई बैठक के बाद जेल सुधार को लेकर कई फैसले लिए गए हैं। जेलों में बंद बच्चों को बाहरी दुनिया दिखाने और समझाने के लिए उनको अब बाहर ले जाया जा सकेगा। 4 साल से ऊपर के बच्चों को स्कूली शिक्षा दिलाने का फैसला लिया गया है। सीएम खुद हर साल एक जेल का निरीक्षण करेंगे, ताकि जेलों में और सुधार किया जा सके। - रणजीत सिंह चौटाला, जेल मंत्री।
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