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गजेंद्र फोगाट ने आजीविका मार्ट मेला में गीतों प्रस्तुति दी
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पंचकूला। पंडित लख्मीचंद की ओर से रचित रागनी जूल घली कामण की रागनी से शुरुआत करके मुख्यमंत्री हरियाणा के ओएसडी (प्रचार) गजेंद्र फोगाट ने रविवार को सेक्टर-5 स्थित परेड ग्राउंड में दो दिवसीय स्वापन आजीविका मार्ट मेला के समापन अवसर पर अपने सुप्रसिद्ध गीतों से जनता को नाचने पर मजबूर कर दिया।
इस मौके पर उपायुक्त महावीर कौशिक, हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अमरेंद्र कौर और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गगनदीप सिंह भी उपस्थित थे। गजेंद्र फोगाट ने सबसे पहले चैगरदेकै बाग हरया, घंघोर घटा सामण की, छोरी गावे गीत सुरीले झूल घली कामण की रागनी से आगाज करते हुए कार्यक्रम में बादल उठया री सखी मेरे सासरे की ओर व लाख टके का हे मां मेरा बिजणा जैसे हरियाणवी लोक गीतों का प्रस्तुतिकरण करके लोगों को लोकरंग में रंग दिया।
गजेंद्र फोगाट ने कहा कि हरियाणा में सावन का महीना त्यौहारों को लेकर आता है। आई तीज बोगी बीज का मुहावरा हजारों सालों से प्रसिद्ध है। हरियाणा की लोक संस्कृति में तीज का बहुत महत्व हैं। इसलिए उन्होंने सावन के गीतों से कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके उपरांत दर्शकों की मांग पर उन्होंने तनै कौण कवह बहू काले की गीत सुनाया, जिस पर छोटे बच्चे मंच पर आ गए और गजेंद्र फोगाट के साथ ही झूमने लगे। कार्यक्रम में उन्होंने भाइयों पहले जैसा हरियाणा जैसे गीत सुनाए, जिस पर लोगों ने खूब तालियां बजाई। उन्होंने बताया कि इस गीत की बदौलत उन्हें दुनियां के करीब सभी देशों में कार्यक्रम करने का न्यौता मिला है। उन्होंने बताया कि हाल ही में वे तीन दिन बाद 27 जुलाई को अमेरिका की यात्रा पर निकल रहे हैं और जहां पर वे कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
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इस मौके पर उपायुक्त महावीर कौशिक, हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अमरेंद्र कौर और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गगनदीप सिंह भी उपस्थित थे। गजेंद्र फोगाट ने सबसे पहले चैगरदेकै बाग हरया, घंघोर घटा सामण की, छोरी गावे गीत सुरीले झूल घली कामण की रागनी से आगाज करते हुए कार्यक्रम में बादल उठया री सखी मेरे सासरे की ओर व लाख टके का हे मां मेरा बिजणा जैसे हरियाणवी लोक गीतों का प्रस्तुतिकरण करके लोगों को लोकरंग में रंग दिया।
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गजेंद्र फोगाट ने कहा कि हरियाणा में सावन का महीना त्यौहारों को लेकर आता है। आई तीज बोगी बीज का मुहावरा हजारों सालों से प्रसिद्ध है। हरियाणा की लोक संस्कृति में तीज का बहुत महत्व हैं। इसलिए उन्होंने सावन के गीतों से कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके उपरांत दर्शकों की मांग पर उन्होंने तनै कौण कवह बहू काले की गीत सुनाया, जिस पर छोटे बच्चे मंच पर आ गए और गजेंद्र फोगाट के साथ ही झूमने लगे। कार्यक्रम में उन्होंने भाइयों पहले जैसा हरियाणा जैसे गीत सुनाए, जिस पर लोगों ने खूब तालियां बजाई। उन्होंने बताया कि इस गीत की बदौलत उन्हें दुनियां के करीब सभी देशों में कार्यक्रम करने का न्यौता मिला है। उन्होंने बताया कि हाल ही में वे तीन दिन बाद 27 जुलाई को अमेरिका की यात्रा पर निकल रहे हैं और जहां पर वे कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
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