{"_id":"657b63970be7851ab60bc389","slug":"chief-minister-manohar-lal-made-offerings-in-havan-yagya-pkl-office-news-c-87-1-pan1004-7365-2023-12-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हवन यज्ञ में डालीं आहुतियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हवन यज्ञ में डालीं आहुतियां
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-5 के शालीमार ग्राउंड में 108 कुंडीय हवन यज्ञ चल रहा है। इसमें हिस्सा लेने के लिए गुरुवार सुबह पांच बजे मुख्यमंत्री मनोहर लाल पहुंचे। उन्होंने मंत्रोच्चारण कर हवन यज्ञ में आहुतियां डालीं। जगतगुरु त्रिपुरा पीठाधीश्वर चक्रवर्ती यज्ञ सम्राट श्री श्री 1008 हरिओम महाराज ने हवन यज्ञ करवाया। उनके साथ आचार्य कमलेश्वर, हरियाणा सरकार के प्रचार सलाहकार तरुण भंडारी भी उपस्थित रहे।
हवन यज्ञ के बाद भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। इसके साथ भगवान श्रीराम की लीलाओं का वर्णन किया गया। आचार्य कमलेश्वर द्विवेदी ने श्रीमद्भागवत कथा सुनाते हुए कहा कि जैसे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग की जरूरत है वैसे ही जीवन को सुरक्षित रखने के लिए यज्ञ की जरूरत है। यज्ञ वेदों से भी प्राचीन है। यज्ञ करने से जीवन में नई उमंग आती है। यज्ञ से वातावरण और प्रकृति को शुद्ध किया जा सकता है। यज्ञ ऐसा मार्ग है जिसे विज्ञान और अध्यात्म दोनों मानते हैं।
सेक्टर-5 शालीमार ग्राउंड में 18 दिसंबर तक 100वां 108 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन चल रहा है। सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक 108 कुंडीय यज्ञ चल रहा है। इसके बाद दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन भी किया जा रहा है। शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक आरती की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पंचकूला। सेक्टर-5 के शालीमार ग्राउंड में 108 कुंडीय हवन यज्ञ चल रहा है। इसमें हिस्सा लेने के लिए गुरुवार सुबह पांच बजे मुख्यमंत्री मनोहर लाल पहुंचे। उन्होंने मंत्रोच्चारण कर हवन यज्ञ में आहुतियां डालीं। जगतगुरु त्रिपुरा पीठाधीश्वर चक्रवर्ती यज्ञ सम्राट श्री श्री 1008 हरिओम महाराज ने हवन यज्ञ करवाया। उनके साथ आचार्य कमलेश्वर, हरियाणा सरकार के प्रचार सलाहकार तरुण भंडारी भी उपस्थित रहे।
हवन यज्ञ के बाद भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। इसके साथ भगवान श्रीराम की लीलाओं का वर्णन किया गया। आचार्य कमलेश्वर द्विवेदी ने श्रीमद्भागवत कथा सुनाते हुए कहा कि जैसे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग की जरूरत है वैसे ही जीवन को सुरक्षित रखने के लिए यज्ञ की जरूरत है। यज्ञ वेदों से भी प्राचीन है। यज्ञ करने से जीवन में नई उमंग आती है। यज्ञ से वातावरण और प्रकृति को शुद्ध किया जा सकता है। यज्ञ ऐसा मार्ग है जिसे विज्ञान और अध्यात्म दोनों मानते हैं।
विज्ञापन
सेक्टर-5 शालीमार ग्राउंड में 18 दिसंबर तक 100वां 108 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन चल रहा है। सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक 108 कुंडीय यज्ञ चल रहा है। इसके बाद दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन भी किया जा रहा है। शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक आरती की जा रही है।
विज्ञापन