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मुख्यमंत्री ने डीजीपी भावरा की छुट्टी मंजूर की, अगले हफ्ते सरकार करेगी कार्यकारी डीजीपी की नियुक्ति

Sun, 03 Jul 2022 01:00 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 03 Jul 2022 01:00 AM IST
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Chief Minister approves leave of DGP Bhavra
चंडीगढ़। पंजाब के डीजीपी वीके भावरा को हटाए जाने की अटकलों के बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनका दो माह का अवकाश मंजूर कर लिया है और भावरा अब अगले हफ्ते 5 जुलाई से अवकाश पर चले जाएंगे। इस अवधि के दौरान राज्य सरकार कार्यकारी डीजीपी की नियुक्ति करेगी, जिसे लेकर पंजाब पुलिस के डीजीपी रैंक के कई सीनियर अफसरों के नाम की चर्चा भी शुरू हो चुकी है। वहीं राज्य सरकार को इसी अवधि के दौरान नए डीजीपी के चुनाव के लिए अफसरों का पैनल केंद्र सरकार को भेजना होगा।
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डीजीपी भावरा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर दो माह की छुट्टी पर जाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन मुख्यमंत्री के दिल्ली में होने के कारण कोई फैसला नहीं हो सका था। इस बीच कार्यकारी डीजीपी के लिए सीनियर आईपीएस अधिकारी गौरव यादव और हरप्रीत सिंह सिद्धू के नाम सबसे आगे चल रहे हैं। दोनों अधिकारी फिलहाल जेल प्रशासन और ड्रग्स के खिलाफ गठित एसटीएफ में सक्रिय हैं। दूसरी ओर पंजाब में नए डीजीपी के लिए कई सीनियर अफसर इस पद की दौड़ में शामिल हो गए हैं।
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इनमें प्रमुख नाम, एसटीएफ के डीजीपी हरप्रीत सिंह सिद्धू, डीजीपी (प्रशासन) व मुख्यमंत्री के विशेष प्रिंसिपल सेक्रेटरी का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे गौरव यादव, डीजीपी (सुरक्षा) शरद सत्य चौहान और स्पेशल डीजीपी संजीव कालरा के हैं। हालांकि नए डीजीपी का फैसला तभी हो सकेगा, जब भावरा की जगह नए डीजीपी के लिए राज्य सरकार की तरफ से अधिकारियों के नामों का पैनल केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। फिलहाल, दौड़ में शामिल अधिकारियों में से हरप्रीत सिद्धू और संजीव कालरा का पलड़ा भारी माना जा रहा है।
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डीजीपी पद से हटाए नहीं जा सकते भावरा
पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी सरकार के समय वीके भावरा की डीजीपी पद पर नियुक्ति नियमानुसार हुई थी। इस मामले में खास बात यह भी है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक भावरा को 2 साल तक डीजीपी के पद से हटाया नहीं जा सकता। लेकिन अगर वह केंद्र में डेपुटेशन पर जाने की इच्छा जताते हैं और इसकी मंजूरी तक छुट्टी पर चले जाते हैं तो फिर पंजाब सरकार को उनके स्थान पर पहले कार्यकारी डीजीपी नियुक्त करना होगा, उसके बाद नए डीजीपी के चुनाव के लिए केंद्र सरकार को लिखना होगा। डीजीपी भावरा ने भी केंद्र में डेपुटेशन पर जाने की इच्छा जताते हुए राज्य सरकार और केंद्र सरकार को पत्र लिखा है, जिस पर अगले दो माह में ही फैसला होगा।

इस कारण तेज हुई डीजीपी बदलने की चर्चा
प्रदेश की कानून-व्यवस्था में लगातार गिरावट और पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की दिनदहाड़े हत्या के कारण भगवंत मान सरकार को तीन माह के कार्यकाल के दौरान ही आम लोगों और विपक्ष की कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। इसी दौरान संगरूर लोकसभा सीट पर आप प्रत्याशी की हार के लिए भी खराब कानून-व्यवस्था और मूसेवाला की हत्या को बड़ा कारण माना गया। संगरूर चुनाव के बाद मुख्यमंत्री की डीजीपी भावरा के प्रति तल्खी इतनी बढ़ी कि वह जब मूसेवाला के आवास पर गए तब भी डीजीपी भावरा उनके साथ नहीं थे।
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