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इस महिला दिवस पर चंडीगढ़ को मिलेगा पहला महिला पुस्तकालय
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चंडीगढ़। शहर में जल्द पहला महिला पुस्तकालय खुलने वाला है। इसके लिए सेक्टर 38 स्थित महिला भवन में पुस्तकालय के लिए आठ कमरों की मरम्मत की गई है। सेक्टर 17 स्थित पुस्तकालय से वहां पुस्तकें उपलब्ध होंगी। पुस्तकालय के लिए डायरेक्टर एजुकेशन निगम कमिश्नर से जल्द इस संबंध में चर्चा करेंगे। इसमें महिलाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधी पुस्तकें भी रखवाईं जाएंगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने बताया कि अधिकारियों ने अब तक कोई पॉलिसी नहीं बनाई है। इस कारण महिला भवन का बेहतर उपयोग नहीं हो पा रहा है। इस महिला दिवस पर महिला भवन के लिए नया प्रस्ताव तैयार किया गया। महिला को शिक्षित कर दिया जाए तो वह दो घरों की जिम्मेदारी बेहतर तरीके से निभा सकती है। इसी उद्देश्य से डायरेक्टर एजुकेशन से चर्चा करके महिला भवन में शहर का पहला महिला पुस्तकालय खोलने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए आठ कमरों में पेंटिंग करवाकर अलमारी लगवा दी गईं हैं। सेक्टर 17 स्थित पुस्तकालय ने किताबें देने का आश्वासन दिया है। जल्द वहां किताबें रखवा देंगे। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाली महिलाओं को भी काफी लाभ मिलेगा।
उद्घाटन के चार साल बाद भी उपयोग योग्य नहीं
महिलाओं को एक नई दिशा देने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए वर्ष 2009 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी ने भवन की शिलापट्ट रखी थी, लेकिन सरकारी दफ्तरों में लगभग 6 साल तक फाइल घूमती रही। वर्ष 2015 में इस भवन का उद्घाटन किया गया। आधुनिक सुविधाओं से युक्त चंडीगढ़ का यह पहला भवन था, लेकिन उसमें महिलाओं के लिए कुछ भी योजना नहीं बन सकी। हालात यह हैं कि भवन की छतों से पानी गिरने लगा। उसमें रखे उपकरण भी धूल फांक रहे हैं।
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हमारा प्रयास है कि महिला भवन का बेहतर उपयोग हो सके, लेकिन अधिकारियों की टेबलों से फाइल आगे ही नहीं बढ़ी। इसके लिए सदन में भी मुद्दा उठा चुका हूं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
- अरुण सूद, पार्षद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
इस बार महिला भवन के लिए नए सिरे से रूपरेखा बनाएंगे। पुस्तकालय बनाकर हमने इस काम की शुरुआत की है। कोशिश रहेगी कि महिलाओं के कार्यक्रमों के लिए इसे कम से कम लागत में उपलब्ध कराएं।
- राजबाला मलिक, मेयर
महिला भवन के लिए यह बेहतर प्रस्ताव है। चूंकि यह भवन महिलाओं के लिए है। यहां पुस्तकालय खुलने से उन्हें सहूलियत भी मिलेगी। हम ऐसे प्रस्ताव के लिए बिल्कुल तैयार हैं। इसमें हम पूरा सहयोग करेंगे।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने बताया कि अधिकारियों ने अब तक कोई पॉलिसी नहीं बनाई है। इस कारण महिला भवन का बेहतर उपयोग नहीं हो पा रहा है। इस महिला दिवस पर महिला भवन के लिए नया प्रस्ताव तैयार किया गया। महिला को शिक्षित कर दिया जाए तो वह दो घरों की जिम्मेदारी बेहतर तरीके से निभा सकती है। इसी उद्देश्य से डायरेक्टर एजुकेशन से चर्चा करके महिला भवन में शहर का पहला महिला पुस्तकालय खोलने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए आठ कमरों में पेंटिंग करवाकर अलमारी लगवा दी गईं हैं। सेक्टर 17 स्थित पुस्तकालय ने किताबें देने का आश्वासन दिया है। जल्द वहां किताबें रखवा देंगे। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाली महिलाओं को भी काफी लाभ मिलेगा।
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उद्घाटन के चार साल बाद भी उपयोग योग्य नहीं
महिलाओं को एक नई दिशा देने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए वर्ष 2009 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी ने भवन की शिलापट्ट रखी थी, लेकिन सरकारी दफ्तरों में लगभग 6 साल तक फाइल घूमती रही। वर्ष 2015 में इस भवन का उद्घाटन किया गया। आधुनिक सुविधाओं से युक्त चंडीगढ़ का यह पहला भवन था, लेकिन उसमें महिलाओं के लिए कुछ भी योजना नहीं बन सकी। हालात यह हैं कि भवन की छतों से पानी गिरने लगा। उसमें रखे उपकरण भी धूल फांक रहे हैं।
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हमारा प्रयास है कि महिला भवन का बेहतर उपयोग हो सके, लेकिन अधिकारियों की टेबलों से फाइल आगे ही नहीं बढ़ी। इसके लिए सदन में भी मुद्दा उठा चुका हूं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
- अरुण सूद, पार्षद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
इस बार महिला भवन के लिए नए सिरे से रूपरेखा बनाएंगे। पुस्तकालय बनाकर हमने इस काम की शुरुआत की है। कोशिश रहेगी कि महिलाओं के कार्यक्रमों के लिए इसे कम से कम लागत में उपलब्ध कराएं।
- राजबाला मलिक, मेयर
महिला भवन के लिए यह बेहतर प्रस्ताव है। चूंकि यह भवन महिलाओं के लिए है। यहां पुस्तकालय खुलने से उन्हें सहूलियत भी मिलेगी। हम ऐसे प्रस्ताव के लिए बिल्कुल तैयार हैं। इसमें हम पूरा सहयोग करेंगे।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम