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क्लीनिक को पैसा वापस न करना पड़ा महंगा
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चंडीगढ़। पैसा वापस न करना क्लीनिक को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-एक चंडीगढ़ ने सेक्टर-9 स्थित मेसर्स क्लीनिक डर्माटेक प्राइवेट लिमिटेड को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को 10 हजार रुपये लौटाए।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता को मानसिक प्रताड़ना और ह्रासमेंट के लिए तीन हजार रुपये मुआवजा और दो हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे। जिला उपभोक्ता आयोग में दूसरे पक्ष की ओर से पक्ष न रखे जाने पर एकतरफा फैसला दिया।
शिकायतकर्ता सरबजीत सिंह निवासी सेक्टर-44 बी ने सेक्टर-9सी स्थित मेसर्स क्लीनिक डर्माटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दी थी।
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शिकायतकर्ता ने शिकायत में बताया कि उन्होंने अपना वजन कम कराने के लिए क्लीनिक डर्माटेक प्राइवेट लिमिटेड में संपर्क किया। क्लीनिक ने उन्हें आश्वस्त किया कि दो महीने में उनका वजन कम हो जाएगा।
यह भी आश्वस्त किया कि फैट रिड्यूसिंग पैकेज लेने के बाद दो महीना में 10 किलोग्राम वजन कम हो जाएगा। शिकायतकर्ता ने जनवरी 2018 में सेवा लिया, लेकिन करीब 14 सत्र लेने के बावजूद कोई परिणाम सामने नहीं आया। इसके बाद क्लीनिक ने उन्हें 14 और सत्र लेने को कहा। इसके लिए उन्होंने 10 हजार रुपये जमा करवाए। स्वास्थ्य कारणों के चलते शिकायतकर्ता को ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन कराना पड़ा। ठीक होने के बाद शिकायतकर्ता ने जब क्लीनिक डर्माटेक से अपनी राशि वापस मांगी तो नहीं लौटाई गई।
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आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता को मानसिक प्रताड़ना और ह्रासमेंट के लिए तीन हजार रुपये मुआवजा और दो हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे। जिला उपभोक्ता आयोग में दूसरे पक्ष की ओर से पक्ष न रखे जाने पर एकतरफा फैसला दिया।
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शिकायतकर्ता सरबजीत सिंह निवासी सेक्टर-44 बी ने सेक्टर-9सी स्थित मेसर्स क्लीनिक डर्माटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दी थी।
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शिकायतकर्ता ने शिकायत में बताया कि उन्होंने अपना वजन कम कराने के लिए क्लीनिक डर्माटेक प्राइवेट लिमिटेड में संपर्क किया। क्लीनिक ने उन्हें आश्वस्त किया कि दो महीने में उनका वजन कम हो जाएगा।
यह भी आश्वस्त किया कि फैट रिड्यूसिंग पैकेज लेने के बाद दो महीना में 10 किलोग्राम वजन कम हो जाएगा। शिकायतकर्ता ने जनवरी 2018 में सेवा लिया, लेकिन करीब 14 सत्र लेने के बावजूद कोई परिणाम सामने नहीं आया। इसके बाद क्लीनिक ने उन्हें 14 और सत्र लेने को कहा। इसके लिए उन्होंने 10 हजार रुपये जमा करवाए। स्वास्थ्य कारणों के चलते शिकायतकर्ता को ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन कराना पड़ा। ठीक होने के बाद शिकायतकर्ता ने जब क्लीनिक डर्माटेक से अपनी राशि वापस मांगी तो नहीं लौटाई गई।